{"_id":"58e5235b4f1c1bf5465b6f9a","slug":"more-than-a-lakh-devotees-have-appeared","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Wed, 05 Apr 2017 10:33 PM IST
विज्ञापन
एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर भारत के सुविख्यात पूर्णागिरि मेले में बुधवार को नवरात्र की दशमी पर भक्तों का भारी सैलाब उमड़ा। 24 घंटे में एक लाख ज्यादा भक्तों ने मां के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पड़ोसी देश नेपाल के श्रद्धालुओं की भी आवक इन दिनों खासी बढ़ गई है। भीड़ के सामने व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमराए रही। श्रद्धालुओं को धक्का-मुक्की और पानी की समस्या का सामना करना पड़ा।
आस्था और श्रद्धा का केंद्र मां श्री पूर्णागिरि धाम इन दिनों भक्तों के जयकारों से गुंजायमान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम बना है। दशमी पर देवी के दर्शन के लिए मंगलवार शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई थी। सुबह होते-होते भीड़ का आलम यह था कि पूर्णागिरि मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई।
कई जगह जाम से श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ा। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने को श्रद्धालुओं की गाड़ियां जगह-जगह खड़ी करानी पड़ी। पानी की खपत इतनी बढ़ गई कि श्रद्धालुओं को कई दुकानों में स्नान एवं शौचालय के लिए भी पानी मुहैया नहीं हो पाया। भीड़ नियंत्रित करने को भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक तीन किलोमीटर पैदल मार्ग में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगानी पड़ी। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल एवं सीओ आरएस रौतेला ने मेला क्षेत्र का दौरा कर अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
आस्था और श्रद्धा का केंद्र मां श्री पूर्णागिरि धाम इन दिनों भक्तों के जयकारों से गुंजायमान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम बना है। दशमी पर देवी के दर्शन के लिए मंगलवार शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई थी। सुबह होते-होते भीड़ का आलम यह था कि पूर्णागिरि मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई।
विज्ञापन
कई जगह जाम से श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ा। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने को श्रद्धालुओं की गाड़ियां जगह-जगह खड़ी करानी पड़ी। पानी की खपत इतनी बढ़ गई कि श्रद्धालुओं को कई दुकानों में स्नान एवं शौचालय के लिए भी पानी मुहैया नहीं हो पाया। भीड़ नियंत्रित करने को भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक तीन किलोमीटर पैदल मार्ग में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगानी पड़ी। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल एवं सीओ आरएस रौतेला ने मेला क्षेत्र का दौरा कर अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए।
विज्ञापन