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डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां के धाम में मत्था टेका
अमर उजाला ब्यूराे टनकपुर (चंपावत)।
Updated Sun, 18 Mar 2018 10:57 PM IST
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मां पूर्णागिरि धाम में मुख्य मंदिर के पास दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब।
- फोटो : अमर उजाला
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मां पूर्णागिरि धाम में पहली नवरात्र पर देवी मां के दर्शन के लिए करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु उमड़े। मुख्य मंदिर से लेकर भैरव मंदिर तक रातभर श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। नवरात्र की पूर्व संध्या एवं सुबह मुख्य मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। शनिवार शाम से ही श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में आने से भैरव मंदिर से ऊपर मुख्य मंदिर के पास, भैरव मंदिर, तिलहर धर्मशाला, झूठा मंदिर एवं काली मंदिर में प्रशासन को चैनल की बैरिकेडिंग करनी पड़ी। इस कारण श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा। वहीं, सुरक्षा को लेकर पुलिस फोर्स खासा चौकन्ना रहा।
नवरात्र पर मां के धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। रविवार को ब्रह्ममुहूर्त में ही मां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासी होड़ मची रही। मुख्य मंदिर में पुलिस एवं मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की भीड़ बमुश्किल नियंत्रित कर दर्शन कराए। इससे पहले रात्रि में टनकपुर मुख्य पड़ाव के साथ ही बूम पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के वाहनों से फुल हो थे। इसके बाद पुलिस ने ककरालीगेट से ही यातायात नियंत्रित करना शुरू कर दिया। ठुलीगाड़ और बूम पार्किंग स्थल फुल होने के बाद वाहनों को सड़क किनारे पार्क कराया गया। ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक सड़क के किनारे वाहनों की कतारें लगी रही। सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष राजेश पांडेय, भैरव मंदिर थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रात से ही यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने में जुटे रहे। ठुलीगाड़-भैरव मंदिर मार्ग पर टैक्सी वाहनों की गति, ओवरलोडिंग एवं ठुलीगाड़ से आगे पहाड़ के शॉटकट रास्तों से आवाजाही पर अंकुश लगाने को जगह-जगह पुलिस कर्मी तैनात रहे। प्रभारी मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम लोहाघाट आरसी गौतम भी मेले की व्यवस्थाओं पर नजर रखे रहे। उन्होंने भैरव मंदिर तक दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पथ प्रकाश व्यवस्था बदहाल
पूर्णागिरि मेले की पथ प्रकाश व्यवस्था नवरात्र के पहले दिन ही बदहाल नजर आई। ठुलीगाड़ से लेकर मुख्य मंदिर तक लाइटें दूर-दूर लगी होने से कई स्थानों पर यात्रियों को अंधेरे से होकर गुजरना पड़ा। पहाड़ी मार्ग होने और पथ प्रकाश व्यवस्था के इस हाल से खतरा बना है। रात में छोटे बच्चों के साथ महिलाएं एवं वृद्ध ठुलीगाड़ से पैदल यात्रा कर रहे हैं। गत वर्षों तक पास-पास में बल्ब और ट्यूब लाइट लगाने से व्यवस्था बेहतर रहती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
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भीड़ में सौ से ज्यादा बच्चे एवं बुजुुर्ग अपनों से बिछड़े
नवरात्र के पहले दिन रातभर श्रद्धालुओं के उमड़ने से सौ से ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग अपने परिजनों से बिछड़ गए। भैरव मंदिर एवं ठुलीगाड़ खोया-पाया केंद्रों से पुलिस कर्मी रातभर लाउडस्पीकर की इंटरकॉम व्यवस्था पर बिछड़े लोगों की सूचनाएं प्रचारित करते रहे। भैरव मंदिर केंद्र में तैनात कांस्टेबल गीता कुमारी एवं सचिन कुमार के मुताबिक भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक भीड़ में अपनों से बिछड़े करीब डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों को मिलवाया गया, जबकि ठुलीगाड़ केंद्र में भी अपनों से बिछड़ने वालों का आंकड़ा सौ के आसपास रहा। रोती बिलखती मिली सीतापुर के श्रवण कुमार की ढाई साल की बेटी छलमिया को पुलिस कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद मां-बाप के सुपुर्द किया। वहीं सीतापुर जिले की निवासी किरन भी अपने दो बच्चों के बिछड़ने पर खोया-पाया केंद्र पहुंचीं। पुलिस कर्मियों ने इन लापता बच्चों को खोजकर उनकी मां के सुपुर्द किया।
काली मंदिर में पैदा हुआ पानी संकट
श्रद्धालुओं का भारी संख्या में उमड़ने से काली मंदिर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई। धर्मशाला में ठहरे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पानी की समस्या से जूझना पड़ा। जल संस्थान के जेई बीएस कुवार्बी ने बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। नवरात्र में ज्यादा भीड़ उमड़ने से पानी की समस्या पैदा हुई।
श्रद्धालुओं सेेेे भरी रही धर्मशालाएं
नवरात्र के पहले दिन समूचा धाम क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरा रहा। भैरव मंदिर से काली मंदिर तक तीन सौ ज्यादा धर्मशालाओं में से शायद ही कोई ऐसी धर्मशाला रही होगी जो श्रद्धालुओं से भरी न हो। वहीं भीड़ देखकर दुकानदारों के चेहरे खिले रहे।
ठुलीगाड़ से आगे निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा
मेला प्रशासन द्वारा भीड़ के चलते ठुलीगाड़ से आगे निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे श्रद्धालुओं को ठुलीगाड़ से आगे का सफर पैदल या फिर टैक्सी वाहनों से करना पड़ा। बसों से आए कई श्रद्धालुओं को तो ककरालीगेट से ही पैदल या टैक्सी वाहनों से सफर करना पड़ा।
नेपाल के सीमांत बाजार भी गुलजार
नवरात्र शुरू होने के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के ब्रह्मदेव एवं महेंद्रनगर बाजार भी श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। बता दें कि मां पूर्णागिरि के दर्शन के उपरांत श्रद्धालु बाबा सिद्धनाथ के दर्शन एवं विदेशी सामान की खरीदारी के लिए पड़ोसी देश नेपाल जाते हैं।
मन्नत पूरी होने पर तीन किमी जमीन पर रेंगकर पहुंचा श्रद्धालु
बुलंदशहर निवासी 17 वर्षीय श्रद्धालु नवीन सैनी ने एक साल पहले मां पूर्णागिरि से घर की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूूरी होने पर उसने भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक करीब तीन किमी की चढ़ाई जमीन पर रेंगकर की और देवी मां के दर्शन किए। नवीन ने बताया कि एक साल पहले उसने मां पूर्णागिरि से अपने घर की मन्नत मांगते हुए जमीन पर रेंगकर दर्शन करने का वचन दिया था। देवी मां ने उसकी मन्नत पूरी की तो उसने भी आज अपना वचन पूरा किया है।
टनकपुर शारदा घाट पर भी उमड़े श्रद्धालु
मां पूर्णागिरि धाम के प्रमुख पड़ाव टनकपुर में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही से खासी रौनक बनी है। इधर, शारदा स्नानघाट पर सुबह से ही शारदा के पवित्र जल में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर पुलिस एवं पीएसी का तैराक दल दिनभर मुस्तैद रहा।
नवरात्र पर मां के धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। रविवार को ब्रह्ममुहूर्त में ही मां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासी होड़ मची रही। मुख्य मंदिर में पुलिस एवं मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की भीड़ बमुश्किल नियंत्रित कर दर्शन कराए। इससे पहले रात्रि में टनकपुर मुख्य पड़ाव के साथ ही बूम पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के वाहनों से फुल हो थे। इसके बाद पुलिस ने ककरालीगेट से ही यातायात नियंत्रित करना शुरू कर दिया। ठुलीगाड़ और बूम पार्किंग स्थल फुल होने के बाद वाहनों को सड़क किनारे पार्क कराया गया। ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक सड़क के किनारे वाहनों की कतारें लगी रही। सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष राजेश पांडेय, भैरव मंदिर थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रात से ही यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने में जुटे रहे। ठुलीगाड़-भैरव मंदिर मार्ग पर टैक्सी वाहनों की गति, ओवरलोडिंग एवं ठुलीगाड़ से आगे पहाड़ के शॉटकट रास्तों से आवाजाही पर अंकुश लगाने को जगह-जगह पुलिस कर्मी तैनात रहे। प्रभारी मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम लोहाघाट आरसी गौतम भी मेले की व्यवस्थाओं पर नजर रखे रहे। उन्होंने भैरव मंदिर तक दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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पथ प्रकाश व्यवस्था बदहाल
पूर्णागिरि मेले की पथ प्रकाश व्यवस्था नवरात्र के पहले दिन ही बदहाल नजर आई। ठुलीगाड़ से लेकर मुख्य मंदिर तक लाइटें दूर-दूर लगी होने से कई स्थानों पर यात्रियों को अंधेरे से होकर गुजरना पड़ा। पहाड़ी मार्ग होने और पथ प्रकाश व्यवस्था के इस हाल से खतरा बना है। रात में छोटे बच्चों के साथ महिलाएं एवं वृद्ध ठुलीगाड़ से पैदल यात्रा कर रहे हैं। गत वर्षों तक पास-पास में बल्ब और ट्यूब लाइट लगाने से व्यवस्था बेहतर रहती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
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भीड़ में सौ से ज्यादा बच्चे एवं बुजुुर्ग अपनों से बिछड़े
नवरात्र के पहले दिन रातभर श्रद्धालुओं के उमड़ने से सौ से ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग अपने परिजनों से बिछड़ गए। भैरव मंदिर एवं ठुलीगाड़ खोया-पाया केंद्रों से पुलिस कर्मी रातभर लाउडस्पीकर की इंटरकॉम व्यवस्था पर बिछड़े लोगों की सूचनाएं प्रचारित करते रहे। भैरव मंदिर केंद्र में तैनात कांस्टेबल गीता कुमारी एवं सचिन कुमार के मुताबिक भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक भीड़ में अपनों से बिछड़े करीब डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों को मिलवाया गया, जबकि ठुलीगाड़ केंद्र में भी अपनों से बिछड़ने वालों का आंकड़ा सौ के आसपास रहा। रोती बिलखती मिली सीतापुर के श्रवण कुमार की ढाई साल की बेटी छलमिया को पुलिस कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद मां-बाप के सुपुर्द किया। वहीं सीतापुर जिले की निवासी किरन भी अपने दो बच्चों के बिछड़ने पर खोया-पाया केंद्र पहुंचीं। पुलिस कर्मियों ने इन लापता बच्चों को खोजकर उनकी मां के सुपुर्द किया।
काली मंदिर में पैदा हुआ पानी संकट
श्रद्धालुओं का भारी संख्या में उमड़ने से काली मंदिर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई। धर्मशाला में ठहरे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पानी की समस्या से जूझना पड़ा। जल संस्थान के जेई बीएस कुवार्बी ने बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। नवरात्र में ज्यादा भीड़ उमड़ने से पानी की समस्या पैदा हुई।
श्रद्धालुओं सेेेे भरी रही धर्मशालाएं
नवरात्र के पहले दिन समूचा धाम क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरा रहा। भैरव मंदिर से काली मंदिर तक तीन सौ ज्यादा धर्मशालाओं में से शायद ही कोई ऐसी धर्मशाला रही होगी जो श्रद्धालुओं से भरी न हो। वहीं भीड़ देखकर दुकानदारों के चेहरे खिले रहे।
ठुलीगाड़ से आगे निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा
मेला प्रशासन द्वारा भीड़ के चलते ठुलीगाड़ से आगे निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे श्रद्धालुओं को ठुलीगाड़ से आगे का सफर पैदल या फिर टैक्सी वाहनों से करना पड़ा। बसों से आए कई श्रद्धालुओं को तो ककरालीगेट से ही पैदल या टैक्सी वाहनों से सफर करना पड़ा।
नेपाल के सीमांत बाजार भी गुलजार
नवरात्र शुरू होने के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के ब्रह्मदेव एवं महेंद्रनगर बाजार भी श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। बता दें कि मां पूर्णागिरि के दर्शन के उपरांत श्रद्धालु बाबा सिद्धनाथ के दर्शन एवं विदेशी सामान की खरीदारी के लिए पड़ोसी देश नेपाल जाते हैं।
मन्नत पूरी होने पर तीन किमी जमीन पर रेंगकर पहुंचा श्रद्धालु
बुलंदशहर निवासी 17 वर्षीय श्रद्धालु नवीन सैनी ने एक साल पहले मां पूर्णागिरि से घर की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूूरी होने पर उसने भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक करीब तीन किमी की चढ़ाई जमीन पर रेंगकर की और देवी मां के दर्शन किए। नवीन ने बताया कि एक साल पहले उसने मां पूर्णागिरि से अपने घर की मन्नत मांगते हुए जमीन पर रेंगकर दर्शन करने का वचन दिया था। देवी मां ने उसकी मन्नत पूरी की तो उसने भी आज अपना वचन पूरा किया है।
टनकपुर शारदा घाट पर भी उमड़े श्रद्धालु
मां पूर्णागिरि धाम के प्रमुख पड़ाव टनकपुर में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही से खासी रौनक बनी है। इधर, शारदा स्नानघाट पर सुबह से ही शारदा के पवित्र जल में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर पुलिस एवं पीएसी का तैराक दल दिनभर मुस्तैद रहा।