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मानसून की पहली बारिश में बरसी आफत
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत )
Updated Sun, 02 Jul 2017 10:36 PM IST
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पूर्णागिरी मार्ग में उफनाया किरोड़ा नाला
- फोटो : अमर उजाला
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पहली मानसूनी बारिश आफत बनकर बरसी है। किरोड़ा नाले के उफान और बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से मां पूर्णागिरि मार्ग पर रविवार को करीब तीन घंटे यातायात बाधित रहा, वहीं सूखीढांग-डांडा-मीडार मार्ग भी जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया है। इधर, शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। लाइन में खराबी आने के साथ ही विद्युत सब स्टेशन में इंसुलेटर फटने से करीब छह घंटे बिजली आपूर्ति भी ठप रही।
शनिवार से क्षेत्र में मानसूनी बारिश शुरू हुई। रविवार सुबह भी मूसलाधार बारिश होने से बरसाती नदी-नाले उफान पर आ गए। कई जगह जलभराव की समस्या भी पैदा हुई है। पूर्णागिरि मार्ग के यातायात को बाधित करने वाला किरोड़ा नाला उफान पर आने से पूर्णागिरि मार्ग पर सुबह नौ से दोपहर बारह बजे से यातायात ठप रहा। इस दौरान नाले के दोनों छोर पर काफी संख्या में यात्री फंसे रहे, जो नाले का जलस्तर घटने के बाद ही आ-जा सके। किरोड़ा के उफनाने से पूर्णागिरि मार्ग के थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, ऊचौलीगोठ, चिलियाघोल, बूम आदि गांवों का भी सड़क संपर्क कटा रहा। उधर, बाटनागाड़ में भी भारी मलबा आने से मार्ग करीब तीन घंटे अवरुद्ध रहा। सुरक्षा के लिहाज से नाले के पास पुलिस फोर्स तैनात रहा। सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा एवं आपदा प्रबंधन की सेक्टर टीम प्रभारी लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट भी मौके पर डटे रहे। ककनई के पूर्व बीडीसी सदस्य जगदीश चंद्र परगांई ने बताया कि बारिश से सूखीढांग-डांडा-मीडार मार्ग पर जगह-जगह मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है। लोगों को 25 से 30 किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
इधर, बारिश के कारण लाइन में खराबी आने से सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर ढाई बजे तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी ठप रही। उप खंड अधिकारी बीएम भट्ट ने बताया कि लोहियाहेड-टनकपुर 33 केवि लाइन में खराबी से बिजली आपूर्ति ठप हुई। लाइन दुरुस्त की गई तो सब स्टेशन के कुछ इंसुलेटर फटने से समस्या पैदा हुई थी। उधर, बनबसा में भी बिजली सप्लाई ठप रहने से लोगों को परेशानी हुई। विभाग के अवर अभियंता प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे के आसपास ग्रिड फेल होने से क्षेत्र में पावर कट हो गया था। करीब बारह बजे के आसपास ग्रिड के ठीक होने के बाद क्षेत्र में बिजली सुचारु हो हो गई थी, लेकिन अचानक बनबसा फीडर में कमी आ गई। फीडर के दुरुस्त होने के बाद करीब ढाई बजे बाद ही बिजली सप्लाई सुचारु हो पाई।
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शारदा का जल स्तर बढ़ने लगा
टनकपुर/बनबसा। बारिश से शारदा का जल स्तर भी बढ़ने लगा है। इस बरसाती मौसम में रविवार को नदी का सर्वाधिक जल स्तर 40 हजार 296 क्यूसेक तक पहुंचा है। बनबसा बैराज कंट्रोल के मुताबिक शनिवार को जहां नदी का जलस्तर 31 हजार 282 क्यूसेक था, वहीं रविवार की दोपहर यह बढ़कर 40 हजार 296 क्यूसेक तक पहुंच गया। नेपाल चैनेल में 961 क्यूसेक पानी सप्लाई हो रहा है। शारदा बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव के मुताबिक अब तक क्षेत्र में 279 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है जबकि पिछले वर्ष आज के दिन तक क्षेत्र में 487 एमएम बारिश हो चुकी थी।
विधायक ने किरोड़ा और बाटनागाड़ का निरीक्षण किया
टनकपुर। किरोड़ा नाले के उफान और बाटनागाड़ में मलबा आने से लोगों को होने वाली परेशानियों से क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी भी रूबरू हुए। उन्होंने दोनों स्थलों का निरीक्षण कर दोनों स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराने की बात कही। विधायक ने कहा कि चुनावी सभा में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने यहां के लोगों से किरोड़ा और बाटनागाड़ में ओवरब्रिज का निर्माण कराने का वादा किया था। वह केंद्रीय मंत्री को याद दिलाकर अपने वादे को पूरा करने का आग्रह करेंगे। इस दौरान निगम गुप्ता, मुकेश भट्ट, सुभाष थपलियाल, जय चंद आदि मौजूद थे।
बारिश से आम जनजीवन प्रभावित
बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया। ग्रामीण संपर्क मार्गों पर जगह-जगह जल भराव और कीचड़ की समस्या से लोग परेशान रहे। अलबत्ता किसानों के लिए बारिश वरदान बनकर आई है। कई जगहों पर किसान धान की पौध रोपने जुट गए हैं। पिछले चौबीस घंटे में क्षेत्र में 61 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
एनएचपीसी ने शारदा नदी में नहीं जाने की सलाह दी
बनबसा (चंपावत)। बरसात तक एनएचपीसी प्रशासन ने रेड अलर्ट कर क्षेत्र के लोगों को शारदा नदी में नहीं जाने से सलाह दी है। एनएचपीसी इस संबंध में समय-समय पर सायरन द्वारा लोगों को आगाह करती है, लेकिन सायरन की आवाज दूर तक नहीं पहुंचने से पर्चे बांटकर क्षेत्रवासियों से बरसात तक नदी में नहीं जाने की अपील की जा रही है। लिखा गया है कि शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से कभी भी एनएचपीसी प्रशासन को टनकपुर बैराज के गेट खोलने पड़ सकते हैं। इससे नदी का जलस्तर बढ़ेगा। एनएचपीसी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बरसात तक न तो स्वयं नदी में जाएं और न ही अपने मवेशियों को नदी तक जाने दें।
शनिवार से क्षेत्र में मानसूनी बारिश शुरू हुई। रविवार सुबह भी मूसलाधार बारिश होने से बरसाती नदी-नाले उफान पर आ गए। कई जगह जलभराव की समस्या भी पैदा हुई है। पूर्णागिरि मार्ग के यातायात को बाधित करने वाला किरोड़ा नाला उफान पर आने से पूर्णागिरि मार्ग पर सुबह नौ से दोपहर बारह बजे से यातायात ठप रहा। इस दौरान नाले के दोनों छोर पर काफी संख्या में यात्री फंसे रहे, जो नाले का जलस्तर घटने के बाद ही आ-जा सके। किरोड़ा के उफनाने से पूर्णागिरि मार्ग के थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, ऊचौलीगोठ, चिलियाघोल, बूम आदि गांवों का भी सड़क संपर्क कटा रहा। उधर, बाटनागाड़ में भी भारी मलबा आने से मार्ग करीब तीन घंटे अवरुद्ध रहा। सुरक्षा के लिहाज से नाले के पास पुलिस फोर्स तैनात रहा। सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा एवं आपदा प्रबंधन की सेक्टर टीम प्रभारी लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट भी मौके पर डटे रहे। ककनई के पूर्व बीडीसी सदस्य जगदीश चंद्र परगांई ने बताया कि बारिश से सूखीढांग-डांडा-मीडार मार्ग पर जगह-जगह मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है। लोगों को 25 से 30 किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
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इधर, बारिश के कारण लाइन में खराबी आने से सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर ढाई बजे तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी ठप रही। उप खंड अधिकारी बीएम भट्ट ने बताया कि लोहियाहेड-टनकपुर 33 केवि लाइन में खराबी से बिजली आपूर्ति ठप हुई। लाइन दुरुस्त की गई तो सब स्टेशन के कुछ इंसुलेटर फटने से समस्या पैदा हुई थी। उधर, बनबसा में भी बिजली सप्लाई ठप रहने से लोगों को परेशानी हुई। विभाग के अवर अभियंता प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे के आसपास ग्रिड फेल होने से क्षेत्र में पावर कट हो गया था। करीब बारह बजे के आसपास ग्रिड के ठीक होने के बाद क्षेत्र में बिजली सुचारु हो हो गई थी, लेकिन अचानक बनबसा फीडर में कमी आ गई। फीडर के दुरुस्त होने के बाद करीब ढाई बजे बाद ही बिजली सप्लाई सुचारु हो पाई।
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शारदा का जल स्तर बढ़ने लगा
टनकपुर/बनबसा। बारिश से शारदा का जल स्तर भी बढ़ने लगा है। इस बरसाती मौसम में रविवार को नदी का सर्वाधिक जल स्तर 40 हजार 296 क्यूसेक तक पहुंचा है। बनबसा बैराज कंट्रोल के मुताबिक शनिवार को जहां नदी का जलस्तर 31 हजार 282 क्यूसेक था, वहीं रविवार की दोपहर यह बढ़कर 40 हजार 296 क्यूसेक तक पहुंच गया। नेपाल चैनेल में 961 क्यूसेक पानी सप्लाई हो रहा है। शारदा बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव के मुताबिक अब तक क्षेत्र में 279 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है जबकि पिछले वर्ष आज के दिन तक क्षेत्र में 487 एमएम बारिश हो चुकी थी।
विधायक ने किरोड़ा और बाटनागाड़ का निरीक्षण किया
टनकपुर। किरोड़ा नाले के उफान और बाटनागाड़ में मलबा आने से लोगों को होने वाली परेशानियों से क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी भी रूबरू हुए। उन्होंने दोनों स्थलों का निरीक्षण कर दोनों स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराने की बात कही। विधायक ने कहा कि चुनावी सभा में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने यहां के लोगों से किरोड़ा और बाटनागाड़ में ओवरब्रिज का निर्माण कराने का वादा किया था। वह केंद्रीय मंत्री को याद दिलाकर अपने वादे को पूरा करने का आग्रह करेंगे। इस दौरान निगम गुप्ता, मुकेश भट्ट, सुभाष थपलियाल, जय चंद आदि मौजूद थे।
बारिश से आम जनजीवन प्रभावित
बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया। ग्रामीण संपर्क मार्गों पर जगह-जगह जल भराव और कीचड़ की समस्या से लोग परेशान रहे। अलबत्ता किसानों के लिए बारिश वरदान बनकर आई है। कई जगहों पर किसान धान की पौध रोपने जुट गए हैं। पिछले चौबीस घंटे में क्षेत्र में 61 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
एनएचपीसी ने शारदा नदी में नहीं जाने की सलाह दी
बनबसा (चंपावत)। बरसात तक एनएचपीसी प्रशासन ने रेड अलर्ट कर क्षेत्र के लोगों को शारदा नदी में नहीं जाने से सलाह दी है। एनएचपीसी इस संबंध में समय-समय पर सायरन द्वारा लोगों को आगाह करती है, लेकिन सायरन की आवाज दूर तक नहीं पहुंचने से पर्चे बांटकर क्षेत्रवासियों से बरसात तक नदी में नहीं जाने की अपील की जा रही है। लिखा गया है कि शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से कभी भी एनएचपीसी प्रशासन को टनकपुर बैराज के गेट खोलने पड़ सकते हैं। इससे नदी का जलस्तर बढ़ेगा। एनएचपीसी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बरसात तक न तो स्वयं नदी में जाएं और न ही अपने मवेशियों को नदी तक जाने दें।