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पल पल बदल रहे मौसम से बढ़ी मुसीबत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Sun, 21 May 2017 12:10 AM IST
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किसानों ने इस तरह ढ़की हुई है गेहूं की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम के बदलते मिजाज से किसान परेशान हैं। बारिश से एक तरफ तो कई फसलों को नया जीवन मिला है। लेकिन रुक-रुक कर हो रही बरसात से गेहूं की फसल खराब हो रही है।
इन दिनों गेहूं की फसल पक कर तैयार है। काश्तकार गेहूं की फसल काट कर सुखाने डाल रहे हैं। लेकिन रुक-रुक कर हो रही बरसात किसानों के अरमानों पर पानी फेर रही है। पल-पल बदल रहे मौसम से किसान गेहूं की फसल को बचाने में दिन-रात लगे हैं। काश्तकार बिजेंद्र खाती और देव सिंह खाती का कहना है कि बारिश से आलू समेत अन्य फसलों को फायदा तो पहुंचा है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश गेहूं के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है।
गेहूं की कटी फसल को धूप में सुखाने डाल रहे हैं। कुछ ही समय बाद मौसम अचानक बदल जा रहा है। जिस वजह से गेहूं की फसल को तत्काल समेटना पड़ रहा है। इससे उनका बेवजह समय बर्बाद हो रहा है। किसान गेहूं की कटी फसल को ढक कर रख रहे हैं। मौसम की बेरुखी से कई जगह तो गेहूं की फसल सड़ना तक शुरू हो गई है।
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इन दिनों गेहूं की फसल पक कर तैयार है। काश्तकार गेहूं की फसल काट कर सुखाने डाल रहे हैं। लेकिन रुक-रुक कर हो रही बरसात किसानों के अरमानों पर पानी फेर रही है। पल-पल बदल रहे मौसम से किसान गेहूं की फसल को बचाने में दिन-रात लगे हैं। काश्तकार बिजेंद्र खाती और देव सिंह खाती का कहना है कि बारिश से आलू समेत अन्य फसलों को फायदा तो पहुंचा है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश गेहूं के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है।
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गेहूं की कटी फसल को धूप में सुखाने डाल रहे हैं। कुछ ही समय बाद मौसम अचानक बदल जा रहा है। जिस वजह से गेहूं की फसल को तत्काल समेटना पड़ रहा है। इससे उनका बेवजह समय बर्बाद हो रहा है। किसान गेहूं की कटी फसल को ढक कर रख रहे हैं। मौसम की बेरुखी से कई जगह तो गेहूं की फसल सड़ना तक शुरू हो गई है।
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