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Champawat News: मम्मी मैं दिवाली में नहीं आ सकूंगा, साथी छुट्टी पर है...
Thu, 16 Nov 2023 10:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 16 Nov 2023 10:21 PM IST
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उत्तरकाशी की टनल में फंसा टनकपुर का पुष्कर ऐरी।
टनकपुर (चंपावत)। मम्मी मैं दिवाली में नहीं आ सकूंगा, मेरा साथी छुट्टी पर है। उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी से मां गंगा देवी और पिता राम सिंह ऐरी से ये आखिरी बात 11 नवंबर को हुई थी। माता-पिता, भाई और परिजनों की नजर तबसे मोबाइल, टीवी और अखबार पर लगी है। सुरंग में बेटे के फंसे होने से पूरा परिवार बेचैन है।
टनकपुर के छीनीगोठ गांव का पुष्कर सिंह ऐरी (24) उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग के काम से एक साल से जुड़ा है। बूमर मशीन (सुरंग बनाने और ड्रिलिंग रिंग के काम आने वाली मशीन) में वह ऑपरेटर है। भाई विक्रम बताते हैं कि पुष्कर तीन माह पहले घर आया था। दिवाली में आने की बात भी कही थी लेकिन साथी के छुट्टी पर जाने से उसके घर आने का कार्यक्रम टल गया। फिर 13 नवंबर को सुरंग के एक कर्मी के फोन से परिजनों को पुष्कर के फंसे होने की जानकारी मिली।
तब से न परिजन परेशान है। न दिन में चैन है और न रात में नींद आ रही है। न खेत में जा रहे हैं और न कोई दूसरा काम कर पा रहे हैं। मोबाइल की घंटी बजते ही चौकन्ने हो जाते हैं। बेटे की कुशलता और सुरंग से निकलने की खबर पाने की व्यग्रता जो है। लेकिन पांच दिन बीतने पर भी चेहरे पर मुस्कान लाने वाली खबर नहीं मिल सकी है। पुष्कर के रोडवेज में परिचालक भाई विक्रम सिंह ऐरी ने बताया कि कर्मियों के मुताबिक फंसे श्रमिकों को खाना, पानी, ऑक्सीजन, दवा सहित जरूरी राहत पहुंचाई जा रही है। बृहस्पतिवार को विक्रम सिंह ऐरी उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए।
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संवाद
कोट
निर्माणाधीन सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी की जानकारी के लिए उत्तरकाशी के प्रशासन से संपर्क किया गया है। चंपावत के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे को उत्तरकाशी के अधिकारियों से समन्वय बताते हुए अपडेट लेते रहने के निर्देश दिए गए हैं। टनकपुर के एसडीएम आकाश जोशी को भी परिजनों से मुलाकात करने को कहा गया है। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।
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टनकपुर के छीनीगोठ गांव का पुष्कर सिंह ऐरी (24) उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग के काम से एक साल से जुड़ा है। बूमर मशीन (सुरंग बनाने और ड्रिलिंग रिंग के काम आने वाली मशीन) में वह ऑपरेटर है। भाई विक्रम बताते हैं कि पुष्कर तीन माह पहले घर आया था। दिवाली में आने की बात भी कही थी लेकिन साथी के छुट्टी पर जाने से उसके घर आने का कार्यक्रम टल गया। फिर 13 नवंबर को सुरंग के एक कर्मी के फोन से परिजनों को पुष्कर के फंसे होने की जानकारी मिली।
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तब से न परिजन परेशान है। न दिन में चैन है और न रात में नींद आ रही है। न खेत में जा रहे हैं और न कोई दूसरा काम कर पा रहे हैं। मोबाइल की घंटी बजते ही चौकन्ने हो जाते हैं। बेटे की कुशलता और सुरंग से निकलने की खबर पाने की व्यग्रता जो है। लेकिन पांच दिन बीतने पर भी चेहरे पर मुस्कान लाने वाली खबर नहीं मिल सकी है। पुष्कर के रोडवेज में परिचालक भाई विक्रम सिंह ऐरी ने बताया कि कर्मियों के मुताबिक फंसे श्रमिकों को खाना, पानी, ऑक्सीजन, दवा सहित जरूरी राहत पहुंचाई जा रही है। बृहस्पतिवार को विक्रम सिंह ऐरी उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए।
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निर्माणाधीन सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी की जानकारी के लिए उत्तरकाशी के प्रशासन से संपर्क किया गया है। चंपावत के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे को उत्तरकाशी के अधिकारियों से समन्वय बताते हुए अपडेट लेते रहने के निर्देश दिए गए हैं। टनकपुर के एसडीएम आकाश जोशी को भी परिजनों से मुलाकात करने को कहा गया है। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।