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ऐ मेरे वतन के लोगों गीत को कर दिया अमर
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Memory of Lata mangeshakar
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बनबसा/चंपावत। भारतरत्न सुर साम्राज्ञी तला मंगेशकर के निधन पर क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक जताया है। आठ दशकों तक लता के मधुर कंठ से निकले कई कर्णप्रिय एवं लोकप्रिय गीतों से देश, विदेश में भी लाखों प्रशंसक बनाए।
स्थानीय संगीत प्रेमियों का कहना है कि लता मंगेशकर के निधन से पार्श्व गायन एवं उपशास्त्रीय संगीत के एक युग का अंत हो गया है। ऐ मेरे वतन के लोगो वाला देशभक्ति गीत हर सार्वजनिक, राजनीतिक आयोजनों की अनिवार्यता बन चुका है। ऐसे गीत राष्ट्रीय पर्वों पर हमेशा प्रेरणादायक रहे हैं, भविष्य में भी बने रहेंगे।
लता मंगेशकर संगीत के लिए ही जन्मी थीं। वह हर कलाकार को सीख देतीं थीं। उनके गीतों के बिना हमारा संगीत अधूरा है। पिछले साल 12 जुलाई 2021 को पूरी टीम के साथ लता से संक्षिप्त मुलाकात हुई। उन्होंने सभी को आत्मीयता, अपनेपन से निहारा और आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। -पवनदीप राजन, इंडियन आइडल-12 के विजेता।
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लता दीदी के देहांत से समूचा संगीत जगत सूना हो गया है। लता के निधन की खबर से निशब्द हूं। आज सुर रो रहे हैं, संगीत सिसक रहा है। बोल मानो डोल से गए हों। लता दीदी के दिव्य दर्शन का सौभाग्य तो नहीं मिला, लेकिन वर्ष 2005 में लता जी के स्टूडियो से ही मेरे गायन की शुरुआत हुई। - बीके सामंत, कुमाऊंनी लोकगायक, चंपावत।
लता का दर्जा मां सरस्वती जैसा था। वे सादगी की प्रतिमूर्ति थीं। उनकी आवाज श्रोताओं में ताजगी का संचार कर देती है। उनके गाए देशभक्ति गीत राष्ट्रीय पर्वों में स्कूली बच्चों के लिए प्रेरणा दायक होते हैं। - बंशीधर उपाध्याय, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य।
लता मंगेशकर का निधन पूरे संगीत क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके गाए देशभक्ति गीत एवं भजन हमेशा याद रहेंगे। ऐ मालिक तेरे बंदे हम, अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान जैसे भजन भला कौन भुला सकेगा। - कपिल भार्गव, भजन गायक।
लता मंगेशकर दशकों से मेरे जैसे कई लोगों की प्रेरणा प्रेरणा स्रोत रहीं हैं। मेरी आवाज ही पहचान है, तू जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा, लग जा गले जैसे गीत, गजल सदैव याद रखे जाएंगे। - अंजली राणा, संगीत शिक्षिका, सैनिक छावनी केंद्रीय विद्यालय, क्रमांक एक, बनबसा।
लता ने भारतीय संगीत को शिखर तक पहुंचाया। उन्होंने संगीत को नई पहचान दी। उन जैसी गायिका शायद ही दोबारा जन्म ले। ऐ मेरे वतन के लोगों और वीर जारा फिल्म के गाने खासे पसंद हैं। - शेफाली माहेश्वरी, संगीत शिक्षिका, एनएचपीसी स्थित केवि क्रमांक दो, बनबसा।
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स्थानीय संगीत प्रेमियों का कहना है कि लता मंगेशकर के निधन से पार्श्व गायन एवं उपशास्त्रीय संगीत के एक युग का अंत हो गया है। ऐ मेरे वतन के लोगो वाला देशभक्ति गीत हर सार्वजनिक, राजनीतिक आयोजनों की अनिवार्यता बन चुका है। ऐसे गीत राष्ट्रीय पर्वों पर हमेशा प्रेरणादायक रहे हैं, भविष्य में भी बने रहेंगे।
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लता मंगेशकर संगीत के लिए ही जन्मी थीं। वह हर कलाकार को सीख देतीं थीं। उनके गीतों के बिना हमारा संगीत अधूरा है। पिछले साल 12 जुलाई 2021 को पूरी टीम के साथ लता से संक्षिप्त मुलाकात हुई। उन्होंने सभी को आत्मीयता, अपनेपन से निहारा और आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। -पवनदीप राजन, इंडियन आइडल-12 के विजेता।
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लता दीदी के देहांत से समूचा संगीत जगत सूना हो गया है। लता के निधन की खबर से निशब्द हूं। आज सुर रो रहे हैं, संगीत सिसक रहा है। बोल मानो डोल से गए हों। लता दीदी के दिव्य दर्शन का सौभाग्य तो नहीं मिला, लेकिन वर्ष 2005 में लता जी के स्टूडियो से ही मेरे गायन की शुरुआत हुई। - बीके सामंत, कुमाऊंनी लोकगायक, चंपावत।
लता का दर्जा मां सरस्वती जैसा था। वे सादगी की प्रतिमूर्ति थीं। उनकी आवाज श्रोताओं में ताजगी का संचार कर देती है। उनके गाए देशभक्ति गीत राष्ट्रीय पर्वों में स्कूली बच्चों के लिए प्रेरणा दायक होते हैं। - बंशीधर उपाध्याय, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य।
लता मंगेशकर का निधन पूरे संगीत क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके गाए देशभक्ति गीत एवं भजन हमेशा याद रहेंगे। ऐ मालिक तेरे बंदे हम, अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान जैसे भजन भला कौन भुला सकेगा। - कपिल भार्गव, भजन गायक।
लता मंगेशकर दशकों से मेरे जैसे कई लोगों की प्रेरणा प्रेरणा स्रोत रहीं हैं। मेरी आवाज ही पहचान है, तू जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा, लग जा गले जैसे गीत, गजल सदैव याद रखे जाएंगे। - अंजली राणा, संगीत शिक्षिका, सैनिक छावनी केंद्रीय विद्यालय, क्रमांक एक, बनबसा।
लता ने भारतीय संगीत को शिखर तक पहुंचाया। उन्होंने संगीत को नई पहचान दी। उन जैसी गायिका शायद ही दोबारा जन्म ले। ऐ मेरे वतन के लोगों और वीर जारा फिल्म के गाने खासे पसंद हैं। - शेफाली माहेश्वरी, संगीत शिक्षिका, एनएचपीसी स्थित केवि क्रमांक दो, बनबसा।