चंपावत। जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्वय समिति (डीएलआरसी) की बैठक में डीएम विनीत तोमर ने सभी बैंकरों को विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए। बताया गया कि बैंकों से 89 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत हुए जबकि 391 आवेदन निरस्त किए गए। अभी 318 आवेदन पत्र लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की बैंक प्रायोजित जितनी भी योजनाएं जिले में संचालित हैं, उनकी शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति कर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दें। उन्होंने वित्तीय वर्ष में जिले में ऋण जमा अनुपात की बैंक वार समीक्षा की और सभी बैंकों से आए प्रतिनिधियों को आवश्यक निर्देश दिए। लीड बैंक प्रबंधक प्रवीन सिंह गर्ब्याल ने बताया कि ऋण-जमा अनुपात को वित्तीय वर्ष 2021-22 में रिजर्व बैंक के मानक 40 फीसदी लक्ष्य के सापेक्ष 31.06 फीसदी की प्राप्ति की गई है। डीएम ने सभी बैंकों को अधिकतम किसानों को कृषि ऋण बांटने के भी निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वार्षिक लक्ष्य 242 के लक्ष्य के सापेक्ष 310 आवेदन पत्र बैंकों को भेजे गए, जिसके सापेक्ष 222 आवेदन पत्रों को स्वीकृत किया गया, जबकि 44 आवेदन पत्र लंबित हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 850 का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 751 आवेदन पत्र बैंकों को भेजे गए। बैठक में सीडीओ राजेंद्र सिंह रावत, एपीडी विमी जोशी, डीडीओ संतोष कुमार पंत, आरसेटी निदेशक आरपी टम्टा, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत समेत कई बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।