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एजीएम से वार्ता रही बेनतीजा, रोडवेज कर्मी 16 को करेंगे धरना प्रदर्शन
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यात्रियों से अभद्रता की जांच किए बगैर चालक परिचालक के खिलाफ कार्यवाही करने व मांगों को लेकर प्रद?
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। यात्रियों के साथ अभद्रता के आरोप की बिना जांच किए चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी मांगों की अनदेखी पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की लोहाघाट शाखा ने नाराजगी जताई है। इस संबंध में एजीएम के साथ कर्मचारियों की वार्ता में कोई नतीजा न निकलने पर आक्रोशित कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने 16 अप्रैल को एजीएम कार्यालय व 25 अप्रैल को मंडलीय प्रबंधक कार्यालय में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
मंगलवार को शाखाध्यक्ष भुवन भट्ट, शाखा मंत्री शंकर पाल के नेतृत्व में रोडवेज कर्मियों की एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम के साथ वार्ता हुई। कर्मचारियों का कहना था कि यात्रियों के साथ अभद्रता के आरोप पर बिना जांच किए परिचालक को निलंबित और चालक को सेवा से हटाने का निर्णय गलत है।
उन्होंने कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करने, परिचालकों से कार्यालय में कार्य लेने के बाद भी किलोमीटर के नाम पर पदोन्नति से वंचित न करने, एसीपी के नाम पर कटौती बंद करने, विभिन्न कार्यालयों में कंप्यूटर, फर्नीचर आदि की व्यवस्था करने, देयकों का भुगतान करने सहित 15 सूत्रीय मांगों पर चर्चा की। अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला। प्रदर्शन करने वालों में सूरजभान, शंकर पाल, कैलाश मुरारी, भुवन गहतोड़ी, राजेंद्र फर्त्याल आदि रहे।
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मंगलवार को शाखाध्यक्ष भुवन भट्ट, शाखा मंत्री शंकर पाल के नेतृत्व में रोडवेज कर्मियों की एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम के साथ वार्ता हुई। कर्मचारियों का कहना था कि यात्रियों के साथ अभद्रता के आरोप पर बिना जांच किए परिचालक को निलंबित और चालक को सेवा से हटाने का निर्णय गलत है।
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उन्होंने कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करने, परिचालकों से कार्यालय में कार्य लेने के बाद भी किलोमीटर के नाम पर पदोन्नति से वंचित न करने, एसीपी के नाम पर कटौती बंद करने, विभिन्न कार्यालयों में कंप्यूटर, फर्नीचर आदि की व्यवस्था करने, देयकों का भुगतान करने सहित 15 सूत्रीय मांगों पर चर्चा की। अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला। प्रदर्शन करने वालों में सूरजभान, शंकर पाल, कैलाश मुरारी, भुवन गहतोड़ी, राजेंद्र फर्त्याल आदि रहे।
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