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शहीद राहुल रैंसवाल की वीरांगना को मिलेगी सरकारी नौकरी
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चंपावत। जिले के शहीद राहुल रैंसवाल की वीरांगना को जल्द ही शैक्षिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिलेगी। राज्य सरकार ने शहीद की वीरांगना पिंकी रैंसवाल को सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया है। इस संबंध में जारी शासनादेश जिला प्रशासन को मिल गया है। शहीद की वीरांगना को सरकारी नौकरी देने संबंधी सरकार के फैसले पर उनके परिजनों और अन्य लोगों ने खुशी का इजहार किया है।
बताते चलें कि इस वर्ष जनवरी माह में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए चंपावत का जवान राहुल रैंसवाल शहीद हो गया था। शहीद की अंतिम यात्रा में सलामी देने के लिए पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय ने परिजनों की मांग पर शहीद की वीरांगना को सरकारी सेवा में लिए जाने का आश्वासन दिया गया था। एडीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि शहीद की वीरांगना को सेवायोजित करने संबंधी आदेश मिल चुका है। उनको कलक्ट्रेट अधिष्ठान में ही उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर जल्द तैनाती दे दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से शहीद के परिजनों से किए गए वायदे को पूरा किए जाने पर शहीद के पिता वीरेंद्र रैंसवाल, भाई राजेंद्र सिंह रैंसवाल समेत अन्य परिजनों, पूर्व सैनिकों आदि ने खुशी जताई है।
शहीद के नाम पर हो चुका है जीआईसी का नामकरण
चंपावत। शहीद राहुल रैंसवाल की शहादत पर राज्य सरकार की ओर से तीन वायदे किए गए थे। जिनमें जीआईसी चंपावत का नामकरण शहीद के नाम पर पूर्व में ही किया जा चुका है। शहीद की वीरांगना को सरकारी नौकरी देने वादा भी पूरा होने वाला है। अब केवल शहीद के नाम पर शहीद स्मारक बनाने का वायदा पूरा होना शेष है। संवाद
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बताते चलें कि इस वर्ष जनवरी माह में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए चंपावत का जवान राहुल रैंसवाल शहीद हो गया था। शहीद की अंतिम यात्रा में सलामी देने के लिए पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय ने परिजनों की मांग पर शहीद की वीरांगना को सरकारी सेवा में लिए जाने का आश्वासन दिया गया था। एडीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि शहीद की वीरांगना को सेवायोजित करने संबंधी आदेश मिल चुका है। उनको कलक्ट्रेट अधिष्ठान में ही उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर जल्द तैनाती दे दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से शहीद के परिजनों से किए गए वायदे को पूरा किए जाने पर शहीद के पिता वीरेंद्र रैंसवाल, भाई राजेंद्र सिंह रैंसवाल समेत अन्य परिजनों, पूर्व सैनिकों आदि ने खुशी जताई है।
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शहीद के नाम पर हो चुका है जीआईसी का नामकरण
चंपावत। शहीद राहुल रैंसवाल की शहादत पर राज्य सरकार की ओर से तीन वायदे किए गए थे। जिनमें जीआईसी चंपावत का नामकरण शहीद के नाम पर पूर्व में ही किया जा चुका है। शहीद की वीरांगना को सरकारी नौकरी देने वादा भी पूरा होने वाला है। अब केवल शहीद के नाम पर शहीद स्मारक बनाने का वायदा पूरा होना शेष है। संवाद
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