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शादी की तिथि के 17 दिन बाद पूरी हुई विवाह की रस्म
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देवीधुरा मंदिर में विवाह के बाद विजय और सुनीता के परिजन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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पाटी (चंपावत)। जयमाला के दौरान गोली लगने से घायल देवीधुरा के युवक की विवाह की रस्म 17 दिन बाद देवीधुरा के मां बाराही धाम मंदिर में पूरी की गई। इस मामले की प्रगति जानने के लिए परिजनों के अलावा भी कई लोगों में खासी उत्सुकता बनी थी।
देवीधुरा गांव के विजय लमगड़िया पुत्र दीवान सिंह लमगड़िया की बरात 16 मई को ओखलकांडा ब्लॉक के सुनकोट गांव की सुनीता पुत्री रमेश सिंह बोहरा के घर गई। विवाह समारोह में जयमाला के दौरान किसी शख्स ने दूल्हे को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसके बाद विवाह की रस्में टल गईं। हल्द्वानी में हुए इलाज के बाद स्वस्थ होने पर विजय और सुनीता का विवाह बुधवार को मां बाराही धाम मंदिर में किया गया।
आचार्य जगदीश जोशी ने वैवाहिक अनुष्ठान कराया। इस मौके पर दूल्हे के पिता दीवान सिंह लमगड़िया, मां सावित्री देवी, दादा पान सिंह, त्रिलोक सिंह, चाचा ध्यान सिंह, भीम सिंह, रोशन सिंह, ताऊ नारायण सिंह, दुल्हन पक्ष की ओर से पिता रमेश सिंह बोरा, मां पुष्पा देवी, ताऊ गणेश सिंह, भाई विनोद सिंह, जगदीश पांडेय आदि थे।
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देवीधुरा गांव के विजय लमगड़िया पुत्र दीवान सिंह लमगड़िया की बरात 16 मई को ओखलकांडा ब्लॉक के सुनकोट गांव की सुनीता पुत्री रमेश सिंह बोहरा के घर गई। विवाह समारोह में जयमाला के दौरान किसी शख्स ने दूल्हे को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसके बाद विवाह की रस्में टल गईं। हल्द्वानी में हुए इलाज के बाद स्वस्थ होने पर विजय और सुनीता का विवाह बुधवार को मां बाराही धाम मंदिर में किया गया।
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आचार्य जगदीश जोशी ने वैवाहिक अनुष्ठान कराया। इस मौके पर दूल्हे के पिता दीवान सिंह लमगड़िया, मां सावित्री देवी, दादा पान सिंह, त्रिलोक सिंह, चाचा ध्यान सिंह, भीम सिंह, रोशन सिंह, ताऊ नारायण सिंह, दुल्हन पक्ष की ओर से पिता रमेश सिंह बोरा, मां पुष्पा देवी, ताऊ गणेश सिंह, भाई विनोद सिंह, जगदीश पांडेय आदि थे।
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