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सीमांत क्षेत्र की संचार सेवा की हो रही अनदेखी
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 14 Jun 2015 10:38 PM IST
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मुख्यालय से 51 किमी दूर नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के लोग 21वीं सदी के दूसरे दशक में भी संचार सुविधा के लिए तरस रहे हैं। सामरिक महत्व का क्षेत्र होने, खासी आबादी के अलावा एसएसबी सहित कई सरकारी कार्यालय होने के बावजूद यहां कोई संचार सुविधा नहीं है। नाराज लोगों ने तामली में मोबाइल टावर लगाने की मांग की है। इस संबंध में बीएसएनएल के देहरादून स्थित मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) को ज्ञापन भेजा गया है।
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तल्लादेश क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र होने से यह पूरा इलाका खासा संवेदनशील भी है, लेकिन यहां संचार सेवा तक नहीं है। वर्षों से आवाज उठाने के बावजूद इसकी लगातार अनदेखी होती रही है। यदा-कदा दूसरे टावरों से मोबाइल सिंग्नल आते हैं। नागरिकों का कहना है कि तामली में मोबाइल टावर लगाने से तामली, पोलप, बचकोट, सिमियाउरी, बरकुम, रियासीबमनगांव सहित 15 ग्राम पंचायतों को संचार सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही लोहाघाट विकासखंड के पुलहिंडोला और अन्य गांवों की संचार सेवा भी बेहतर होगी।
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सीजीएम को भेजे ज्ञापन में जिला पंचायत सदस्य बसंत पुनेठा, पान बसंती रैंसवाल, प्रेम प्रसाद, दीवान राम, शोभा जोशी, उमा देवी, उदय सिंह, जगत राम, परमेश्वरी देवी, लक्ष्मी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
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