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योजना की मरम्मत के बाद भी पेयजल संकट बरकरार

Mon, 31 Oct 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत। Updated Mon, 31 Oct 2016 11:39 PM IST
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Maintaining water crisis
जल संकट - फोटो : अमर उजाला

चंपावत। जिले के सीमांत रायल गांव में पेयजल योजना की मरम्मत के बाद भी ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में अब भी पेयजल संकट बरकरार है। इस बारे में क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन भेजा है। 

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ज्ञापन में कहा गया कि जिले का दूरस्थ, पिछड़ा गांव होने के कारण यहां मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं, जबकि रायल गांव सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नेपाल सीमा पर महाकाली नदी के किनारे बसा है। गांव की आबादी कम होने के कारण इसे पोपल ग्राम पंचायत के साथ जोड़ा गया है।
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पूर्व सैनिक नारायण सिंह निमाल की अगुवाई में भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि पेयजल योजना की मरम्मत के नाम पर भारी भरकम बजट खर्च करने के बावजूद गांव की पेयजल समस्या नहीं सुलझ सकी है। ज्ञापन में बिरमोला से रायल तक लिंक सड़क को राज्य योजना में स्वीकृति मिलने के बाद भी न बनाने की शिकायत की गई है। कहा गया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का सर्वे करने के साथ सीमांकन के पिलर तो लगा दिए गए हैं, लेकिन लंबे समय से कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।

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