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धूमधाम से निकली मां वाराही की शोभायात्रा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 11:45 PM IST
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Maa Varahi's procession came out with pomp
मुचकुंद ऋषि को दर्शन देने के लिए उनके दरबार में जाती मां वाराही देवी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
पाटी/ देवीधुरा (चंपावत)। बगवाल के दूसरे दिन मां वाराही की शोभा यात्रा निकाली गई। बगवाल से पूर्व शुक्रवार को नंदगृह में मुख्य मंदिर से मां की मूर्ति को रखा गया था। शनिवार को शोभायात्रा नंद गृह से मुचकुंद ऋषि आश्रम पहुंची जहां देवी मां के डोले के साथ पांच बार परिक्रमा हुई। इससे पहले आंखों पर पट्टी बांध मां वाराही की पूजा की गई।
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पीठाचार्य पंडित भुवन चंद्र जोशी ने बताया कि बगवाल के एक दिन बाद शनिवार को मां वाराही की विराट पूजा की गई। पूजा में यजमान धन सिंह बैराठी और पूरन सिंह बैराठी ने हिस्सा लिया। धन सिंह बागड़ के पुत्रों ने आंखों पर पट्टी बांध ताम्र पेटी में रखी मां वाराही, मां काली, मां सरस्वती की मूर्ति को नंदगृह में स्नान कराया। मुख्य पुरोहित धन सिंह बागड़ ने बैरख के हर सिंह मेहरा को मां वाराही की मूर्ति सौंपी। मूर्ति को सात हजार फीट ऊंचाई पर मुचकुंद ऋषि आश्रम ले जाया गया।
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भक्तों ने वाराही की मूर्ति को स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद शोभा यात्रा वापस नंदगृह रवाना हुई। इस दौरान खोलीखाड़ दुबाचौड़ के सीलिंग चौबाड़ी में मूर्ति को भैसर्ख के पान सिंह बिष्ट को दिया गया जिन्होंने मां वाराही, काली और सरस्वती की मूर्ति को ताम्र पेटी में रखा। संवाद
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300 से अधिक महिलाओं ने की रात भर मां की आराधना
पाटी/ देवीधुरा (चंपावत)। बगवाल की सुबह शुक्रवार से मन्नत पूरी करने के लिए महिलाओं ने नंद गृह में मां वाराही की आराधना की। महिलाएं रविवार सुबह व्रत तोड़ेंगी। महिलाओं ने मौन व्रत भी रखा। महिलाओं और पुजारी सहित अन्य लोगों ने रात भर मां की आराधना की। रविवार सुबह महिलाओं की ओर से मां वाराही के नौले से पानी लाकर गणेश भगवान, शक्ति गुफा, भैरव मंदिर और कालिका मंदिर में जल चढ़ाया जाएगा। इसके बाद सिंहासन डोले के पास आकर प्रसाद और आशीर्वाद लेंगी।
लाली हो लाली हौसिया पधानी लाली...
पाटी/ देवीधुरा (चंपावत)। देवीधुरा बगवाल के बाद सांस्कृतिक संध्या की धूम मची रही। हल्द्वानी की आंचल लोक सांस्कृतिक उत्थान समिति के कलाकारों ने रातभर समा बांधा। कलाकारों ने रातभर कुमाऊंनी, गढ़वाली, छत्तीसगढ़ लोकनृत्य, पंजाबी, भांगड़ा और आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किए।

मोहन पांडेय के नेतृत्व में आई टीम ने नीलमा नीलमा पाकी जाला केला... से की। गढ़वाली में लाली हो लाली हसिया पधानी लाली....नृत्य किया। साथ ही छत्तीसगढ़ नृत्य परवा में कलाकार ने सुंदर प्रस्तुति दी। टीम में जगदीश, पवन, कमल, रेनू, हेमा, ममता, कमलेश, पूरन, मनोज आदि थे। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहयोग दे रहे युवाओं में दीपक चम्याल, चंदन बिष्ट, विक्रम कठायत, राकेश बिष्ट, ईश्वर बिष्ट, गोपाल, संजय सिंह, पान सिंह, विक्की बहुगुणा, विनोद जोशी, लक्ष्मी दत्त जोशी, नवीन राणा, उत्तम राणा, पंकज, नीरज, कमल बिष्ट आदि मौजूद थे।
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