फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Leopard trapped in wire fence kept in pain for hours in champawat

घंटों तड़पता रहा तारबाड़ में फंसा तेंदुआ: नहीं थी ट्रेंकुलाइज गन, पिथौरागढ़ वन प्रभाग से मांगी; किया रेस्क्यू

Tue, 28 Jan 2025 12:14 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 28 Jan 2025 12:14 PM IST
सार

खेत में लगी तारबाड़ में तड़के फंसा तेंदुआ ट्रेंकुलाइज गन के अभाव में घंटों तड़पता रहा। पिथौरागढ़ से गन मंगाकर शाम चार बजे उसे रेस्क्यू किया गया। तब जांच के बाद रात आठ बजे उसे सुरक्षित वास स्थल में छोड़ा जा सका।

विज्ञापन
Leopard trapped in wire fence kept in pain for hours in champawat
तारबाड़ में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

विज्ञापन

खेत में लगी तारबाड़ में तड़के फंसा तेंदुआ ट्रेंकुलाइज गन के अभाव में घंटों तड़पता रहा। पिथौरागढ़ से गन मंगाकर शाम चार बजे उसे रेस्क्यू किया गया। तब जांच के बाद रात आठ बजे उसे सुरक्षित वास स्थल में छोड़ा जा सका। लोहाघाट ब्लाॅक के दूरस्थ बसकुनी गांव में शनिवार तड़के पांच बजे ग्रामीणों को तेंदुए की गुर्राहट सुनाई दी। हिम्मत कर ग्रामीण मौके पर जुटे तो देखा तेंदुआ खेत में लगी तारबाड़ में फंसा था। करीब नौ बजे वन विभाग को सूचित किया गया।

इस पर एसडीओ नेहा सौन के नेतृत्व में वन विभाग की टीम बसकुनी गांव पहुंची, लेकिन चंपावत जिले में वन विभाग के पास ट्रेंकुलाइजर गन न होने के कारण तत्काल रेस्क्यू नहीं हो पाया। इस पर पिथौरागढ़ से गन मंगाई गई। शाम तीन बजे टीम गन लेकर पहुंची तब चार बजे तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में रखा जा सका।

विज्ञापन

रेंजर दीप जोशी ने बताया कि पशुपालन विभाग के चिकित्सकों ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया जिसमें मादा तेंदुए की उम्र पांच साल की बताई गई और वह स्वस्थ पाया गया। रेंजर ने बताया कि तेंदुए को आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया है। बताया कि खेत में तेंदुए के फंदे में फंसने के मामले की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अस्कोट में तेंदुए ने कुत्ते को बनाया निवाला
खोलिया गांव निवासी गोविंद सिंह पाल के कुत्ते को घर के मुख्य दरवाजे के पास से तेंदुआ उठाकर ले गया। शुक्रवार शाम कुत्ते की आवाज सुनकर परिजनों को तेंदुए के हमले का पता चला लेकिन तब तक कुत्ता तेंदुआ का निवाला बन चुका था। तेंदुए के आबादी में पहुंचने से ग्रामीणों में भय है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed