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एनएच पर उड़ रही यातायात के नियमों की धज्जियां
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:47 PM IST
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स्वाला के पास इसी सड़क से से गिरा था वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत।टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस मार्ग पर होने वाली अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं यातायात बंद होने के समय हो रही हैं। मार्ग पर रात में वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे यहां होने वाली वाहन दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को स्वांला दुर्गा मंदिर के पास हुई वाहन दुर्घटना सुबह साढ़े पांच बजे से छह बजे के बीच हुई है, जबकि इस बीच में राजमार्ग पर वाहनों के संचालन पर पुलिस प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाया गया है।
वर्तमान में टनकपुर-पिथौरागढ़ राजमार्ग को बारहमासी सड़क के रूप में तब्दील करने के लिए रात में सड़क कटिंग कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस कारण पुलिस प्रशासन की ओर से रात के समय राजमार्ग पर वाहनों का संचालन बंद किया गया है। दुर्घटनाओं से बचने के लिए जहां टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर ककरालीगेट, चल्थी, चंपावत और घाट पर रात को आठ बजे बाद से सुबह छह बजे तक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। वहीं, चालक प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाते हुए धड़ल्ले से वाहनों का संचालन कर रहे हैं।
इस दौरान वाहनों के संचालन पर रोक लगाने में परिवहन, पुलिस और प्रशासन नाकाम साबित हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक सिंह बोहरा का कहना है कि इससे पहले स्वांला के पास अधिकतर सड़क हादसे उस समय में हुए हैं, जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने का समय था।
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ना तो क्रस बैरियर ही लगे न ही कोई संकेतांक
चंपावत। स्वांला मंदिर के पास दोनों ओर करीब एक-एक किलोमीटर तक दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र होने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से न तो क्रस बैरियर ही लगाए गए हैं और न ही दुर्घटना ग्रसित क्षेत्र होने संबंधी कोई संकेतांक। अलबत्ता बुधवार को सड़क दुर्घटना होने के बाद पुलिस की ओर से उस स्थान पर एक साइनबोर्ड अवश्य लगा दिया गया है।
वर्तमान में टनकपुर-पिथौरागढ़ राजमार्ग को बारहमासी सड़क के रूप में तब्दील करने के लिए रात में सड़क कटिंग कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस कारण पुलिस प्रशासन की ओर से रात के समय राजमार्ग पर वाहनों का संचालन बंद किया गया है। दुर्घटनाओं से बचने के लिए जहां टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर ककरालीगेट, चल्थी, चंपावत और घाट पर रात को आठ बजे बाद से सुबह छह बजे तक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। वहीं, चालक प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाते हुए धड़ल्ले से वाहनों का संचालन कर रहे हैं।
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इस दौरान वाहनों के संचालन पर रोक लगाने में परिवहन, पुलिस और प्रशासन नाकाम साबित हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक सिंह बोहरा का कहना है कि इससे पहले स्वांला के पास अधिकतर सड़क हादसे उस समय में हुए हैं, जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने का समय था।
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ना तो क्रस बैरियर ही लगे न ही कोई संकेतांक
चंपावत। स्वांला मंदिर के पास दोनों ओर करीब एक-एक किलोमीटर तक दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र होने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से न तो क्रस बैरियर ही लगाए गए हैं और न ही दुर्घटना ग्रसित क्षेत्र होने संबंधी कोई संकेतांक। अलबत्ता बुधवार को सड़क दुर्घटना होने के बाद पुलिस की ओर से उस स्थान पर एक साइनबोर्ड अवश्य लगा दिया गया है।