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इसी माह पूरा हो जाएगा कोलीढेक झील का सपना
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लोहाघाट में नव निर्मित कोलीढेक झील।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र की कोलीढेक झील का सपना इसी माह साकार होने वाला है। झील के सभी चारों दरवाजों में एक सप्ताह में रंग रोगन हो जाएगा। इसके बाद पानी भर ट्रायल शुरू हो जाएगा। कोलीढेक झील को लगातार मुखर रहे पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का कहना है कि यह झील सिंचाई और पर्यटन विकास में मददगार होगी। इस झील से लिफ्ट पेयजल योजना भी प्रस्तावित की गई है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक कोलीढेक झील निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। इस माह झील में पानी भरना शुरू हो जाएगा। झील का निर्माण कार्य 11 नवंबर 2018 को शुरू हुआ था। झील को नवंबर 2020 तक पूरा होना था लेकिन कोरोना महामारी और पिछले साल अक्तूबर की अतिवृष्टि से काम तय समय से डेढ़ साल आगे खिसका। सिंचाई विभाग के अपर सहायक अभियंता अमित उप्रेती ने बताया कि करीब 1500 मीटर लंबी, 80 मीटर चौड़ी और 21 मीटर गहरी झील का ट्रायल एक सप्ताह बाद शुरू होने के आसार हैं। करीब 30.76 करोड़ रुपये से बनी इस झील में अभी 76 लाख रुपये अवमुक्त होना बाकी है।
बारिश के बगैर डेढ़ माह में भरेगी झील
लोहाघाट (चंपावत)। हर साल 15 जून से मानसून शुरू होता है। इसमें तेज बारिश हुई, तो झील अधिकतम तीन दिन में भर जाएगी लेकिन अगर बारिश न हो तो भी झील के दरवाजे बंद करने पर इसे लोहावती नदी से भरने में डेढ़ माह का समय लगेगा। वहीं झील के अस्तित्व में आने के बाद लोहाघाट नगर के लिए यहां से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण किया जाएगा। इसकी डीपीआर स्वीकृत हो गई है। लिफ्ट पेयजल योजना बनने से शहर के लोगों की पेयजल की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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झील के डूब क्षेत्र में प्रभावित हुई थी 986 लोगों की जमीन
लोहाघाट (चंपावत)। झील के डूब क्षेत्र में 936 लोगों की नाप जमीन प्रभावित हुई है। मुआवजा राशि के रूप में साढ़े छह करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। वहीं 250 लोगों को 50 लाख रुपये का मुआवजा बांटा जाना शेष है। इनमें कुछ ऐसे खाते हैं, जिनकी भूमि तो डूब क्षेत्र में आ रही है, लेकिन उनका पता नहीं चल पा रहा है। कुछ ऐसे खाताधारक हैं जिनकी भूमि हस्तांतरित नहीं हो सकी है।
झील का निर्माण पूरा कर लिया गया है। झील के दरवाजों में रंग रोगन कराया जा रहा है। एक सप्ताह बाद झील के दरवाजों का परीक्षण किया जाएगा। झील निर्माण के लिए ढाई करोड़ रुपये शासन से और मिलने हैं। इससे भूस्वामियों को मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये बांटे जाएंगे। - फरहान खान, ईई, सिंचाई खंड, लोहाघाट।
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सिंचाई विभाग के मुताबिक कोलीढेक झील निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। इस माह झील में पानी भरना शुरू हो जाएगा। झील का निर्माण कार्य 11 नवंबर 2018 को शुरू हुआ था। झील को नवंबर 2020 तक पूरा होना था लेकिन कोरोना महामारी और पिछले साल अक्तूबर की अतिवृष्टि से काम तय समय से डेढ़ साल आगे खिसका। सिंचाई विभाग के अपर सहायक अभियंता अमित उप्रेती ने बताया कि करीब 1500 मीटर लंबी, 80 मीटर चौड़ी और 21 मीटर गहरी झील का ट्रायल एक सप्ताह बाद शुरू होने के आसार हैं। करीब 30.76 करोड़ रुपये से बनी इस झील में अभी 76 लाख रुपये अवमुक्त होना बाकी है।
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बारिश के बगैर डेढ़ माह में भरेगी झील
लोहाघाट (चंपावत)। हर साल 15 जून से मानसून शुरू होता है। इसमें तेज बारिश हुई, तो झील अधिकतम तीन दिन में भर जाएगी लेकिन अगर बारिश न हो तो भी झील के दरवाजे बंद करने पर इसे लोहावती नदी से भरने में डेढ़ माह का समय लगेगा। वहीं झील के अस्तित्व में आने के बाद लोहाघाट नगर के लिए यहां से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण किया जाएगा। इसकी डीपीआर स्वीकृत हो गई है। लिफ्ट पेयजल योजना बनने से शहर के लोगों की पेयजल की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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झील के डूब क्षेत्र में प्रभावित हुई थी 986 लोगों की जमीन
लोहाघाट (चंपावत)। झील के डूब क्षेत्र में 936 लोगों की नाप जमीन प्रभावित हुई है। मुआवजा राशि के रूप में साढ़े छह करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। वहीं 250 लोगों को 50 लाख रुपये का मुआवजा बांटा जाना शेष है। इनमें कुछ ऐसे खाते हैं, जिनकी भूमि तो डूब क्षेत्र में आ रही है, लेकिन उनका पता नहीं चल पा रहा है। कुछ ऐसे खाताधारक हैं जिनकी भूमि हस्तांतरित नहीं हो सकी है।
झील का निर्माण पूरा कर लिया गया है। झील के दरवाजों में रंग रोगन कराया जा रहा है। एक सप्ताह बाद झील के दरवाजों का परीक्षण किया जाएगा। झील निर्माण के लिए ढाई करोड़ रुपये शासन से और मिलने हैं। इससे भूस्वामियों को मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये बांटे जाएंगे। - फरहान खान, ईई, सिंचाई खंड, लोहाघाट।