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Champawat News: कोलीढेक झील ने लोहाघाट को पर्यटन के क्षेत्र में दी नई पहचान
Sun, 28 Jan 2024 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 28 Jan 2024 10:54 PM IST
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कोलीढेक झील। संवाद
पंकज पाठक
चंपावत। कोलीढेक झील ने पर्यटन के क्षेत्र में लोहाघाट को अलग पहचान दी है। कोलीढेक झील में नौकायन के लिए राज्य के साथ देश के विभिन्न इलाकों से पर्यटक लोहाघाट आते हैं। पर्यटकों की आवाजाही से पर्यटन कारोबार भी काफी बढ़ा है। कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के लिए नैनीताल के बाद लोहाघाट का कोलीढेक नौकायन का सबसे अच्छा पर्यटन स्थल साबित हुआ है।
जनवरी 2023 में सिंचाई विभाग लोहाघाट ने डेढ़ किमी लंबी, 80 मीटर चौड़ी और 21 मीटर गहरी कोलीढेक झील का निर्माण 3076 लाख रुपये से किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 15 जनवरी 2023 को टनकपुर में इसका लोकार्पण किया। एक साल बीत जाने के बाद झील में देश के कोने-कोने से लाखों पर्यटक यहां आए। उन्होंने नौकायन का जमकर लुत्फ उठाया।
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही महाराष्ट्र, पुणे, दिल्ली, मुंबई, बंगाल आदि राज्यों के पर्यटक तो आए साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी लोग यहां नौकायन का लुत्फ उठाने आए। झील ने लोहाघाट के पर्यटन कारोबार को एक नई दिशा दी तो स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया। क्षेत्र के 45 लोगों को 60 नौकायन परमिट मिले हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। संवाद
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पहले लोग नैनीताल जाना पसंद करते थे
चंपावत। कोलीढेक झील बनने से पहले लोग नैनीताल में नौकायन का लुत्फ लेते थे। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रुद्रपुर, चंपावत, लोहाघाट के लोग नैनीताल जाना अधिक पसंद करते थे, लेकिन जब से कोलीढेक झील का निर्माण हुआ तब से लोगों के लिए यह झील नौकायन के लिए पहली पसंद बना है।
कोट
कोलीढेक में नौकायन का अलग मजा है। इसको और भी विकसित किया जाए तो निश्चित तौर पर राज्य के लोगों के लिए पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। यहां आना मानो पर्यावरण के बीच जीवन जीने जैसा है। - सुशांत कुमार, रुद्रपुर।
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कोलीढेक झील के चारों तरफ हरियाली से पर्यावरण के महत्व का पता चलता है। पहले जहां हम नौकायन के लिए नैनीताल जाते थे। अब जब भी मौका मिलता है तो नौकायन के कोलीढेक लिए आते रहते हैं। - निर्मल भट्ट, पिथौरागढ़।
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चंपावत। कोलीढेक झील ने पर्यटन के क्षेत्र में लोहाघाट को अलग पहचान दी है। कोलीढेक झील में नौकायन के लिए राज्य के साथ देश के विभिन्न इलाकों से पर्यटक लोहाघाट आते हैं। पर्यटकों की आवाजाही से पर्यटन कारोबार भी काफी बढ़ा है। कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के लिए नैनीताल के बाद लोहाघाट का कोलीढेक नौकायन का सबसे अच्छा पर्यटन स्थल साबित हुआ है।
जनवरी 2023 में सिंचाई विभाग लोहाघाट ने डेढ़ किमी लंबी, 80 मीटर चौड़ी और 21 मीटर गहरी कोलीढेक झील का निर्माण 3076 लाख रुपये से किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 15 जनवरी 2023 को टनकपुर में इसका लोकार्पण किया। एक साल बीत जाने के बाद झील में देश के कोने-कोने से लाखों पर्यटक यहां आए। उन्होंने नौकायन का जमकर लुत्फ उठाया।
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उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही महाराष्ट्र, पुणे, दिल्ली, मुंबई, बंगाल आदि राज्यों के पर्यटक तो आए साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी लोग यहां नौकायन का लुत्फ उठाने आए। झील ने लोहाघाट के पर्यटन कारोबार को एक नई दिशा दी तो स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया। क्षेत्र के 45 लोगों को 60 नौकायन परमिट मिले हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। संवाद
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पहले लोग नैनीताल जाना पसंद करते थे
चंपावत। कोलीढेक झील बनने से पहले लोग नैनीताल में नौकायन का लुत्फ लेते थे। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रुद्रपुर, चंपावत, लोहाघाट के लोग नैनीताल जाना अधिक पसंद करते थे, लेकिन जब से कोलीढेक झील का निर्माण हुआ तब से लोगों के लिए यह झील नौकायन के लिए पहली पसंद बना है।
कोट
कोलीढेक में नौकायन का अलग मजा है। इसको और भी विकसित किया जाए तो निश्चित तौर पर राज्य के लोगों के लिए पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। यहां आना मानो पर्यावरण के बीच जीवन जीने जैसा है। - सुशांत कुमार, रुद्रपुर।
कोलीढेक झील के चारों तरफ हरियाली से पर्यावरण के महत्व का पता चलता है। पहले जहां हम नौकायन के लिए नैनीताल जाते थे। अब जब भी मौका मिलता है तो नौकायन के कोलीढेक लिए आते रहते हैं। - निर्मल भट्ट, पिथौरागढ़।