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सिर्फ फार्मेसिस्ट के भरोसे सात अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:03 PM IST
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सिर्फ फार्मेसिस्ट के भरोसे सात अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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डॉक्टर को बेशक धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन जिले में इलाज के लिए कई स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ फार्मेसिस्टों के भरोसे हैं। इस वक्त ही सात स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों के बगैर हैं और यहां की व्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह फार्मेसिस्टों पर हैं।
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जिले में श्रीरीठा साहिब, बनबसा, टांण, देवीधुरा, धौन, स्वांला और तामली अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी एलोपैथिक डॉक्टर नहीं है। इन अस्पतालों में इलाज के लिए मरीज पूरी तरह से अकेले फार्मेसिस्ट पर आश्रित हैं। वैसे जिले के 19 अस्पतालों में 53 फार्मेसिस्ट सेवाएं दे रहे हैं।
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डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेश जोशी और महामंत्री मुकुल कुमार राय का कहना है कि फार्मेसिस्ट दवा वितरण के साथ ही अस्पताल की धुरी है।
वहीं, जिले के चार अस्पताल ऐसे हैं, जहां फार्मेसिस्टों की लंबे समय से तैनाती नहीं हो सकी है। पाटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इस साल के शुरू से बगैर फार्मेसिस्ट के है। यहां के फार्मेसिस्ट की रोड हादसे में मौत हो गई थी। तबसे यहां किसी की तैनाती नहीं हुई है। पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.आभाष सिंह का कहना है कि फार्मेसिस्ट नहीं होने से दवा वितरण और अस्पताल के अन्य कार्यों में परेशानी होती है। तैनाती के लिए कई बार विभाग से आग्रह किया जा चुका है। इसके अलावा टांण एसएडी, तामली और भिंगराड़ा एपीएचसी बगैर फार्मेसिस्टों के हैं।
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स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने में फार्मेसिस्टों का अहम रोल है। विभाग उम्दा काम करने वालों को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही फार्मेसिस्ट विहीन अस्पतालों में तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया गया है। -डा.डीएल साह, सीएमओ, चंपावत।
धुरा में स्वास्थ्य व्यवस्था की धुरी बनी अनीता
एनएच पर मुख्यालय से 56 किलोमीटर दूर धुरा गांव के स्वास्थ्य उप केंद्र में फार्मेसिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की धुरी बनी है। दिसंबर 2008 से तैनात फार्मेसिस्ट अनीता अधिकारी इलाके वालों का इलाज करती है। डॉक्टरों के बगैर चलने वाले इस केंद्र में प्राथमिक इलाज करने से लेकर मरीज को आगे के लिए रेफर करना उनकी ही जिम्मेदारी है। इस केंद्र के आसपास रोड विहीन करीब 23 गांवों की 6 हजार की आबादी आश्रित है। यहां से नजदीक का अस्पताल 26 किलोमीटर दूर टनकपुर में है। स्थानीय नागरिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी सहित यहां के कई लोगों का कहना है कि फार्मेसिस्ट की उम्दा सेवा से लोगों को राहत है।