फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   It is difficult to call in Purnagiri Dham

Champawat News: मां के दर्शनों से ज्यादा कठिन है पूर्णागिरि धाम की कनेक्टिविटी

Thu, 09 Mar 2023 11:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Thu, 09 Mar 2023 11:39 PM IST
विज्ञापन
It is difficult to call in Purnagiri Dham
 पूर्णागिरि धाम। संवाद
चंपावत। अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए देवी दर्शन तो सहज हैं लेकिन मोबाइल कनेक्टिविटी कठिन है। पूर्णागिरि मार्ग पर ऊचौलीगोठ से मुख्य मंदिर तक 17 किलोमीटर के हिस्से में 90 प्रतिशत हिस्से में संचार सेवाएं गायब है।
विज्ञापन

सरकारी स्तर पर पूर्णागिरि धाम में कई सुविधाएं की गई है, जिससे मुख्य मंदिर तक पहुंचना सहज और सुविधाजनक है। भैरव मंदिर तक सड़क होने के साथ ही रास्तों को बेहतर किया गया है। बिजली की व्यवस्था में भी सुधार है। पेयजल की स्थिति में भी बेहतरी हुई है। इन तमाम सुविधाओं पर संचार असुविधा भारी है। इससे श्रद्धालु दुनिया से कट जाता है। सबसे बड़ी दुश्वारी बच्चों के परिजनों से बिछुड़ने पर होती है। नेटवर्क नहीं होने से ऑनलाइन देवी दर्शन का विकल्प भी लटका है। पूर्णागिरि धाम में भैरव मंदिर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ही जियो की कनेक्टिविटी है। यहां तक कि मुख्य मंदिर में भी मोबाइल से संपर्क करना मुमकिन नहीं है। संवाद
विज्ञापन

पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ करने वाले पहले सीएम बने धामी
जिले की आध्यात्मिक पहचान मां पूर्णागिरि धाम से है। धाम के सरकारी मेले का पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया है। चंपावत विधानसभा क्षेत्र की नुमाइंदगी करने वाले सीएम पुष्कर सिंह धामी मेले का श्रीगणेश करने वाले पहले सीएम बने।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्य रूप से ये काम हुए
1.मुख्य मंदिर की दरारों को भरने का काम अंतिम चरण में।
2.2020 में स्वीकृत 3.95 करोड़ रुपये की पेयजल योजना का काम शुरू हुआ।
3.ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क को राज्य राजमार्ग (एसएच) का दर्जा देना।

ये काम होने बाकी हैं
1.मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार।
2.ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हुआ।
3.नई पार्किंग स्थल का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
4. 2015 में शिलान्यास होने के बाद भी मुख्य मंदिर तक रज्जुमार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
5.वन भूमि को लीज पर लेने का काम लटका है।
6.मेला अनुदान 2008 के बाद से नहीं मिल रहा।

मुख्यमंत्री की अप्रैल 2022 से अब तक चंपावत जिले में हुई धार्मिक यात्राएं
2 अप्रैल 2022: पहली नवरात्र को पूर्णागिरि देवी दर्शन किए।
21 अप्रैल 2022: मंच के गोरखनाथ दरबार में शीश नवाया।
12 अगस्त 2022: देवीधुरा में बगवाल मेले में दर्शन किए।
14 जनवरी 2023: टनकपुर में शारदा घाट आरती का श्रीगणेश किया।
18 फरवरी 2023: क्वैराला घाटी के सप्तेश्वर मंदिर में शिवरात्रि में पूजन।
9 मार्च 2023: मां पूर्णागिरि धाम के सरकारी मेले का शुभारंभ।
कोट
मोबाइल नेटवर्किंग को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में 21 स्थानों पर मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इसके लिए स्थान चयनित कर लिए गए हैं। और जल्द ही पूर्णागिरि सहित जिले भर की संचार सेवा सुधर जाएगी। - नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम

श्रद्धालुओं की पीड़ा
मां पूर्णागिरि धाम में सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। रास्ते बेहतर हुए हैं, पेयजल की किल्लत कम हुई है लेकिन एक दिक्कत है। धाम आने पर संचार संपर्क कटा रहता है। -कपिल, श्रद्धालु, संभल।

कोट
मां पूर्णागिरि धाम में दर्शन कर अपार आनंद की अनुभूति मिलती है। बस एक कसक मोबाइल नेटवर्किंग की रहती है। इसे सुधारा जाना चाहिए। ताकि यहां ऑनलाइन दर्शन की सुविधा भी लाभ मिल सके। -दीपक, श्रद्धालु, संभल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed