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अंतरराष्ट्रीय प्रकाश वर्ष पर कार्यशाला
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ चंपावत
Updated Sat, 09 May 2015 12:55 AM IST
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लेजर साइंस और टेक्नालॉजी केंद्र नई दिल्ली के डा. राहुल भट्ट ने प्रकाश और प्रकाश आधारित तकनीकों को बहुआयामी बताया। स्वयंसेवी संस्था हिमालय वाटर सर्विस और विकास एवं पर्यावरण संरक्षण समिति (हिमवत्स) की ओर से शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय प्रकाश वर्ष पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इससे वैज्ञानिक तरक्की में तेजी आई है। कुमाऊं विवि के डा. साहराज अली ने प्रकाश ऊर्जा के भंडारण की जानकारी दी। प्रो. सीएस मथेला और हल्द्वानी कालेज की डा. बीना मथेला ने चिकित्सा क्षेत्र के अलावा आदि ग्रंथों में प्रकाश की महत्ता बताई।
छात्र-छात्राओं ने दूरबीन के जरिए खगोलीय ज्ञान भी लिया। जीजीआईसी और कुलेठी प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने दूरबीन के माध्यम से कई अहम जानकारी हासिल की। नैनीताल के आर्यभट्ट रिसर्च सेंटर आफ आबजर्वेशन साइंस (एरीज) के निदेशक डा. हरीश तिवारी ने छात्रों को सूर्य के स्वरूप की जानकारी दी। एरीज की डा. संतोष जोशी ने तारे का जीवन चक्र और तारे के टूटने की जानकारी दी।
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छात्र-छात्राओं ने दूरबीन के जरिए खगोलीय ज्ञान भी लिया। जीजीआईसी और कुलेठी प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने दूरबीन के माध्यम से कई अहम जानकारी हासिल की। नैनीताल के आर्यभट्ट रिसर्च सेंटर आफ आबजर्वेशन साइंस (एरीज) के निदेशक डा. हरीश तिवारी ने छात्रों को सूर्य के स्वरूप की जानकारी दी। एरीज की डा. संतोष जोशी ने तारे का जीवन चक्र और तारे के टूटने की जानकारी दी।
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