बनबसा (चंपावत)। जिला प्रोबेशन अधिकारी आरएस सामंत एवं विधि सह परिवीक्षाधिकारी द्वारिका शर्मा ने रविवार को बनबसा स्थित रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संस्था की गतिविधियों की जानकारी लेकर संस्था के अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि संस्था कर्ज में डूबी है। इस कारण उपलब्ध सीमित संसाधनों के बाद भी संस्था बेहतर कार्य कर रही है।
रीड्स संस्था भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से संचालित है। इसलिए अधिकारियों ने इस संस्था की गतिविधियों के बारे में कार्यकर्ताओं से पूछताछ की। अनैतिक देह व्यापार से पीड़ित महिलाओं एवं बच्चों के सुरक्षित पुनर्वास को चलाए जा रहे उज्ज्वला परियोजना के निरीक्षण के लिए आए अधिकारियों ने संस्था के कार्यों पर संतोष जताया। संस्था कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया कि वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2018-19 का द्वितीय अनुदान, वर्ष 2019 से वर्ष 2021 तक का अनुदान नहीं मिला है। इससे संस्था को कार्य करने में आ रहीं दिक्कतों के बारे में उन्हें बताया गया। वहां संस्था के कोऑर्डिनेटर जनक चंद, प्रकाश चंद्र, मीरा रावत, विनीता रजवार, भावना चंद आदि थे।