{"_id":"4b2fb88ed36d975ec70a0c2d3a847744","slug":"in-ten-days-will-give-farming-and-irrigation-data-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस दिन में देने होंगे खेती और सिंचाई के आंकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस दिन में देने होंगे खेती और सिंचाई के आंकड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 14 Jan 2016 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) में हर खेत को पानी और जल संचय के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। एडीएम जेएस राठौर की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कृषि क्षेत्रफल से संबंधित तमाम आंकड़े दस दिनों के भीतर कृषि विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस योजना का मकसद सिंचित क्षेत्रफल को बढ़ाकर नई तकनीक के साथ उत्पादकता में वृद्धि कर ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली लाना है।
विज्ञापन
सीएओ आरएल चंद्रवाल ने बताया कि सिंचाई, लघु सिंचाई, लघु डाल, नलकूप, कृषि, उद्यान, पशुपालन, राजस्व और अन्य विभागों से पानी के स्रोत एवं उसकी उपलब्धता के साथ सिंचित, असिंचित क्षेत्र, तालाब, मत्स्य तालाबों, चालखालों आदि से संबंधित आकड़ों को एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराना है। हर खेत को पानी, जल संचय और जल सिंचन के लिए जिले स्तर पर डीएम की अध्यक्षता और कृषि विभाग के संचालन में 2020 तक का प्लान किया जाना है। जिसमें पानी के स्रोतों और उपयोगिता से संबंधित आंकड़े भी एकत्रित किए जाने हैं। खेतों में पानी के उपयोग से कृषि विस्तार, पानी के स्रोतों का उचित उपयोग, नवीन तकनीक से पानी का सदुपयोग और हर गांव में सिंचाई सुविधाओं का विकसित किया जाना है। स्रोतों से पानी के आंकड़ों को जमा करने के साथ भूमिगत जल का मापन भी इस योजना में लिया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में करीब 23322 हेक्टेयर क्षेत्रफल कृषि का है लेकिन सिंचाई मात्र 1624 हेक्टेयर में होती है। बैठक में एसडीएम भगत सिंह फोनिया, सीएस डोभाल, निर्मला बिष्ट, नरेश दुर्गापाल, प्रभारी अधिकारी सीमा विश्वकर्मा, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती, नाबार्ड पुनीत नागर, पीडी केएन तिवारी, डीएचओ एचसी तिवारी, बीडीओ शिल्पी पंत, केएस नयाल, पीएस रावत, सीएस मेवाड़ी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन