चंपावत। डीएम विनीत तोमर ने वन विभाग के अधिकारियों को वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रस्तावों में जिला स्तर पर पाई जाने वाली कमियों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जिला सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने वन एवं संबंधित विभागों को अपने स्तर से भी आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए एक प्रकरण में एक बार में ही सारी आपत्तियां दर्ज करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
लोनिवि के ईई एमसी जोशी ने बताया कि चंपावत और लोहाघाट डिवीजन में 13 मोटर मार्गों के प्रस्ताव लंबित हैं। इनमें पांच प्रस्तावों पर सैद्धांतिक स्वीकृति, एक प्रस्ताव नोडल कार्यालय में लंबित और चार प्रस्ताव प्रस्तावक विभाग और तीन प्रस्ताव वन संरक्षक स्तर पर लंबित हैं। उन्होंने बताया कि चौड़ाकोट-कफल्टा, बसौटी-रौकुवंर मोटर मार्ग एक सप्ताह अंतर्गत पूर्ण कर लिया जाएगा। जबकि धूनाघाट-भिंगराड़ा, मंच-बकौड़ा मोटर मार्ग का प्रस्ताव नक्शे प्राप्त होने उपरांत प्रभागीय वन अधिकारी के निरीक्षण उपरांत पूर्ण कर लिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि लोहाघाट में वन भूमि हस्तांतरण के चार प्रस्ताव लंबित हैं। इनमें तीन प्रस्ताव प्रस्तावक विभाग के स्तर पर और एक प्रस्ताव में सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। पीएमजीएसवाई के ईई एके जोशी ने बताया कि जिले में वन भूमि हस्तांतरण के 19 प्रस्ताव लंबित हैं, जिनमें से एक प्रस्ताव प्रस्तावक विभाग के स्तर पर और एक नोडल कार्यालय स्तर पर लंबित है। 17 प्रस्तावों पर सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी हैं। नगर पालिका के ईओ अभिनव कुमार ने बताया वन भूमि हस्तांतरण के तीन प्रस्ताव लंबित हैं जिसमें दो नगर पालिका चंपावत और एक नगर पंचायत बनबसा का है। इस मौके पर डीएफओ मयंक शेकर झा, ईई आरडब्लूडी केके जोशी, ईई यूपीसीएल एसके गुप्ता, ईई सिंचाई भुवन पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।