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मलबा आने से दो घंटे बंद रहा पूर्णागिरि मार्ग
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Sun, 07 Aug 2016 10:16 PM IST
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मलबा आने से दो घंटे बंद रहा पूर्णागिरि मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार को एक बार फिर बाटनागाड़ रोखड़ उफनाने से पूर्णागिरि मार्ग दो घंटे तक बंद हो गया। रोखड़ के दोनों ओर यात्री फंसे रहे। वहीं श्यामलाताल की बिसोरिया नाले की पहाड़ी से भी लगातार मलबा आ रहा है।
बारिश शुरू होते ही बाटनागाड़ में नाले के पानी के साथ भारी मलबा आना शुरू हो जाता है। नाले का रूख बाटनागाड़ की ढलान से बूम क्षेत्र की ओर मुड़ने से गांवों को भी खतरा पैदा होने लगा है। बाटनागाड़ रोखड़ पूर्णागिरि मार्ग के ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक के हिस्से का टू लेन बनाने का कार्य चल रहा है, लेकिन सड़क विस्तारण की इस योजना में भी बाटनागाड़ रोखड़ की समस्या का कोई विकल्प नहीं रखा गया है। रविवार सुबह करीब दस बजे अचानक नाला उफान पर आ गया। रोखड़ के दोनों ओर दोपहर बारह बजे तक यात्री फंसे रहे।
जलस्तर घटने के बाद ही यातायात सुचारू हो पाया। इधर लोक निर्माण विभाग के जेई वीएस पोखरिया ने बताया कि पूर्णागिरि मार्ग के ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक के हिस्से का विस्तार कर टू लेन बनाया जा रहा है। सड़क विस्तार की इस योजना में बाटनागाड़ में पुल या ओवरब्रिज बनाने का कोई प्रस्ताव शामिल नहीं है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल का कहना है कि टू लेन सड़क निर्माण में बाटनागाड़ की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण की योजना में वहां ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल कराया जाएगा।
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किरोड़ा के कटाव से नायकगोठ-थ्वालखेड़ा पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त
किरोड़ा नाले के कटाव से नायकगोठ-थ्वालखेड़ा पैदल मार्ग कट गया है। गहरा कटाव होने से पैदल यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थ्वालखेड़ा और नायकगोठ के बीच आवाजाही को ग्रामीण किरोड़ा रोखड़ से शॉर्टकट रास्ते का उपयोग करते हैं, लेकिन नाले से हुए कटाव से रोखड़ मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में खासी परेशानी हो रही है। ग्राम प्रधान सतीश पांडेय का कहना है कि किरोड़ा रोखड़ में ओेवरब्रिज निर्माण को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से मांग उठाई गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बारिश शुरू होते ही बाटनागाड़ में नाले के पानी के साथ भारी मलबा आना शुरू हो जाता है। नाले का रूख बाटनागाड़ की ढलान से बूम क्षेत्र की ओर मुड़ने से गांवों को भी खतरा पैदा होने लगा है। बाटनागाड़ रोखड़ पूर्णागिरि मार्ग के ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक के हिस्से का टू लेन बनाने का कार्य चल रहा है, लेकिन सड़क विस्तारण की इस योजना में भी बाटनागाड़ रोखड़ की समस्या का कोई विकल्प नहीं रखा गया है। रविवार सुबह करीब दस बजे अचानक नाला उफान पर आ गया। रोखड़ के दोनों ओर दोपहर बारह बजे तक यात्री फंसे रहे।
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जलस्तर घटने के बाद ही यातायात सुचारू हो पाया। इधर लोक निर्माण विभाग के जेई वीएस पोखरिया ने बताया कि पूर्णागिरि मार्ग के ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक के हिस्से का विस्तार कर टू लेन बनाया जा रहा है। सड़क विस्तार की इस योजना में बाटनागाड़ में पुल या ओवरब्रिज बनाने का कोई प्रस्ताव शामिल नहीं है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल का कहना है कि टू लेन सड़क निर्माण में बाटनागाड़ की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण की योजना में वहां ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल कराया जाएगा।
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किरोड़ा के कटाव से नायकगोठ-थ्वालखेड़ा पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त
किरोड़ा नाले के कटाव से नायकगोठ-थ्वालखेड़ा पैदल मार्ग कट गया है। गहरा कटाव होने से पैदल यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थ्वालखेड़ा और नायकगोठ के बीच आवाजाही को ग्रामीण किरोड़ा रोखड़ से शॉर्टकट रास्ते का उपयोग करते हैं, लेकिन नाले से हुए कटाव से रोखड़ मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में खासी परेशानी हो रही है। ग्राम प्रधान सतीश पांडेय का कहना है कि किरोड़ा रोखड़ में ओेवरब्रिज निर्माण को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से मांग उठाई गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।