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डीजी के आदेश के 15 दिनों बाद भी नहीं पहुंची गायनाकोलोजिस्ट
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लोहाघाट सीएचसी में रोगियों का हालचाल जानते सीएमओ डा.आरपी खंडूरी।
- फोटो : LOHAGHAT
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जिला अस्पताल में गायनाकोलोजिस्ट (वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ) के आने की उम्मीद पर पानी फिरता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने 8 अगस्त को हल्द्वानी की गायानाकोलोजिस्ट डॉ. मनरा सिंह को 15 दिन के भीतर जिला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए थे लेकिन पत्र जारी हुए 15 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक न तो उन्होंने चार्ज लिया है और न ही उनके आने की कोई जानकारी जिला अस्पताल को है।
सीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि गायनाकोलोजिस्ट ने अभी तक चार्ज नहीं लिया है। वहीं सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि गायनाकोलोजिस्ट के नहीं पहुंचने की सूचना निदेशालय भेजी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि यहां भेजी गई चिकित्सक के आने की उम्मीद बेहद कम है। जिला अस्पताल में जुलाई 2018 से यह पद रिक्त है। वैसे भी जिले के किसी भी अस्पताल में गायनाकोलोजिस्ट का पद नहीं भरा जा सका है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं और महिलाओं से संबंधित रोगों के इलाज के लिए भारी दिक्कत होती है।
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अस्पताल में ई-पर्ची बनाएं : सीएमओ
लोहाघाट (चंपावत)। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में तैनात 37 डॉक्टर-कर्मचारियों में से 35 उपस्थित थे। जबकि दो चिकित्सक स्वीकृत अवकाश पर थे। सीएमओ ने अस्पताल में ई-पर्ची बनाने के निर्देश दिए। भर्ती रोगियों का हालचाल जानने के साथ उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
चिकित्सकों से बाहर से दवाएं नहीं लिखने की हिदायत दी। चिकित्साधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह को लिंगानुपात के आंकड़ों को सही तरीके से रखने, अस्पताल परिसर में मानकों के अनुरूप स्वच्छता, प्रसव तथा प्रसवोत्तर कक्षों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के निर्देश दिए। सीएमओ ने कनिष्ठ सहायक के बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने को कहा। वहां डॉ. एलएम रखोलिया, डॉ. रवींद्र बोरा, डॉ. चित्रलेखा, हेम बहुगुणा, नवीन कन्नौजिया, जीवन बगौली, एलडी जोशी, मुकुल राय, शैलेश पांडे, नवीन ओली, राकेश पंत, उमेश जोशी, निर्मल मुरारी, बृजमोहन, हरीश, रंजना, प्रमोद आदि थे।
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सीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि गायनाकोलोजिस्ट ने अभी तक चार्ज नहीं लिया है। वहीं सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि गायनाकोलोजिस्ट के नहीं पहुंचने की सूचना निदेशालय भेजी जा रही है।
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सूत्र बताते हैं कि यहां भेजी गई चिकित्सक के आने की उम्मीद बेहद कम है। जिला अस्पताल में जुलाई 2018 से यह पद रिक्त है। वैसे भी जिले के किसी भी अस्पताल में गायनाकोलोजिस्ट का पद नहीं भरा जा सका है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं और महिलाओं से संबंधित रोगों के इलाज के लिए भारी दिक्कत होती है।
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अस्पताल में ई-पर्ची बनाएं : सीएमओ
लोहाघाट (चंपावत)। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में तैनात 37 डॉक्टर-कर्मचारियों में से 35 उपस्थित थे। जबकि दो चिकित्सक स्वीकृत अवकाश पर थे। सीएमओ ने अस्पताल में ई-पर्ची बनाने के निर्देश दिए। भर्ती रोगियों का हालचाल जानने के साथ उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
चिकित्सकों से बाहर से दवाएं नहीं लिखने की हिदायत दी। चिकित्साधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह को लिंगानुपात के आंकड़ों को सही तरीके से रखने, अस्पताल परिसर में मानकों के अनुरूप स्वच्छता, प्रसव तथा प्रसवोत्तर कक्षों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के निर्देश दिए। सीएमओ ने कनिष्ठ सहायक के बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने को कहा। वहां डॉ. एलएम रखोलिया, डॉ. रवींद्र बोरा, डॉ. चित्रलेखा, हेम बहुगुणा, नवीन कन्नौजिया, जीवन बगौली, एलडी जोशी, मुकुल राय, शैलेश पांडे, नवीन ओली, राकेश पंत, उमेश जोशी, निर्मल मुरारी, बृजमोहन, हरीश, रंजना, प्रमोद आदि थे।