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हाय काकड़ी झील मां, नूंन पिसौ सिलै मां...
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:08 PM IST
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सीमांत तामली में दशहरा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
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सीमांत तामली में तीन दिनी दशहरा महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ किया गया। पंडित पंकज पांडेय के मंत्रोच्चार के बीच मुख्य अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार धौनी और दुग्ध संघ अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह कोटियाल ने रिबन काट कर महोत्सव का शुभारंभ किया। श्रीमंत सरस्वती कला केंद्र धरसों रीठासाहिब के लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी। दल नायक संतोष रसीला के नेतृत्व में कार्यक्रमों का शुभारंभ हिमालय वंदना से किया गया। इसके बाद गायिका सीमा ने हाय काकड़ी झील मां, नूंन पिसौ सिलै मां... गाने पर खूब तालियां बटोरी। सिलगड़ी का पाला चाला और गिन खेलन्या गड़, गोरख्या चेली भागुली होसिया बाना तिलै धारू बोला आदि झोड़े की प्रस्तुतियों पर दर्शक अपने स्थानों पर थिरकने लगे। दल में शामिल संतोष, भुवन, कमल, कैलाश, विजय, भावेश, सीमा, पूजा, भावना, कमल किशोर, भुवन आर्या ने प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर एसएसबी के उप निरीक्षक ईश्वर सिंह, ध्यान सिंह भंडारी, तामली थानाध्यक्ष जनार्दन भट्ट, महोत्सव आयोजन समिति अध्यक्ष विपिन जोशी, देवेंद्र जोशी, महा सिंह, प्रहलाद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।