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डेढ़ घंटे तक चली बैठक में खाली रहे हाथ
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चंपावत नगर पालिका बोर्ड बैठक में चर्चा करते पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। पर्यावरण मित्रों को वेतन के लिए अभी और इंतजार करना होगा। बृहस्पतिवार को पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक बेनतीजा रही। ईओ का प्रभार देने को लेकर सदस्यों में लंबी चर्चा हुई लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका। चेयरमैन वर्मा ने कहा कि पर्यावरण मित्रों को वेतन जल्द से जल्द मिले, इसके लिए बोर्ड प्रतिबद्ध है। अलबत्ता उन्होंने वेतन के मसले को निपटाने के लिए तीन दिन का समय और मांगा है। अगले हफ्ते बोर्ड की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में पालिका के लेखाकार जगदीश लाल साह को ईओ का कार्यभार देने का प्रस्ताव किया गया। लेकिन साह ने कहा कि लेखाकार और ईओ दोनों ही दायित्व एक ही कर्मी को देना नियमों के विपरीत है। पालिका के वरिष्ठ लिपिक 2 जनवरी तक अवकाश में हैं। साथ ही नवंबर 2018 से बनबसा नगर पंचायत से संबद्ध सहायक लेखाकार सतीश कुमार को वापस बुलाने की भी मांग की गई। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने बोर्ड से जल्द से जल्द वेतन देने का आग्रह करने के साथ पर्यावरण मित्रों से कार्य बहिष्कार नहीं करने की अपील की। बैठक में सभासद रेखा तिवारी, मोहन चंद्र भट्ट, लक्ष्मी देवी, रोहित कुमार बिष्ट और नंदन सिंह तड़ागी और पालिका कर्मी पुष्पा धानिक मौजूद थे।
महिला सभासद नदारद, भाई रहे मौजूद
चंपावत। महिला ग्राम प्रधानों की जगह उनके पतियों की बीडीसी और अन्य पंचायतों की अन्य बैठकों में मौजूदगी कई बार नजर आती रही है। और ऐसा ही बृहस्पतिवार को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भी हुआ। एक महिला सभासद की गैर मौजूदगी पर सभासद के भाई ने बैठक में हिस्सा लिया। इस पर बोर्ड में किसी ने कोई एतराज भी नहीं किया।
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ईओ को 11 नवंबर को हटा चुका है बोर्ड
चंपावत। ईओ और चेयरमैन का विवाद बजट होने के बावजूद पर्यावरण मित्रों के वेतन सहित अन्य मसलों का हल नहीं होने दे रहा है। पर्यावरण मित्रों का कहना है कि ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी के स्तर से वेतन, पीएफ भुगतान और प्रोत्साहन राशि के प्रपत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, लेकिन चेयरमैन के हस्ताक्षर होना बाकी है। वहीं पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा का कहना है कि विवादास्पद भूमिका के मद्देनजर नगर पालिका बोर्ड 11 नवंबर को ही ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी को कार्यमुक्त कर चुका है। इसकी जानकारी प्रशासन और शासन को भी दी जा चुकी है। नए ईओ की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ ईओ का कहना है कि बोर्ड को उन्हें हटाने का अधिकार नहीं है।
वेतन न मिलने पर भड़के पर्यावरण मित्र, किया प्रदर्शन
चंपावत। पालिका बोर्ड की बैठक से पर्यावरण मित्र उम्मीद लगाए थे, लेकिन डेढ़ घंटे तक चली बेनतीजा बैठक से उन्हें मायूसी मिली। नवंबर से वेतन नहीं मिलने से नाराज 50 पर्यावरण मित्रों ने देवभूमि सफाई कर्मचारी संगठन के नेतृत्व मेें प्रदर्शन किया। ईपीएफ, प्रोत्साहन राशि और गरम वर्दी देने की भी मांग की गई। पर्यावरण मित्रों ने तीन दिन के भीतर वेतन और अन्य मांगों का समाधान नहीं करने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में मनीष, अर्जुन, राकेश, विपिन, मनोज, नरेश सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्र शामिल थे।
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बैठक में पालिका के लेखाकार जगदीश लाल साह को ईओ का कार्यभार देने का प्रस्ताव किया गया। लेकिन साह ने कहा कि लेखाकार और ईओ दोनों ही दायित्व एक ही कर्मी को देना नियमों के विपरीत है। पालिका के वरिष्ठ लिपिक 2 जनवरी तक अवकाश में हैं। साथ ही नवंबर 2018 से बनबसा नगर पंचायत से संबद्ध सहायक लेखाकार सतीश कुमार को वापस बुलाने की भी मांग की गई। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने बोर्ड से जल्द से जल्द वेतन देने का आग्रह करने के साथ पर्यावरण मित्रों से कार्य बहिष्कार नहीं करने की अपील की। बैठक में सभासद रेखा तिवारी, मोहन चंद्र भट्ट, लक्ष्मी देवी, रोहित कुमार बिष्ट और नंदन सिंह तड़ागी और पालिका कर्मी पुष्पा धानिक मौजूद थे।
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महिला सभासद नदारद, भाई रहे मौजूद
चंपावत। महिला ग्राम प्रधानों की जगह उनके पतियों की बीडीसी और अन्य पंचायतों की अन्य बैठकों में मौजूदगी कई बार नजर आती रही है। और ऐसा ही बृहस्पतिवार को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भी हुआ। एक महिला सभासद की गैर मौजूदगी पर सभासद के भाई ने बैठक में हिस्सा लिया। इस पर बोर्ड में किसी ने कोई एतराज भी नहीं किया।
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ईओ को 11 नवंबर को हटा चुका है बोर्ड
चंपावत। ईओ और चेयरमैन का विवाद बजट होने के बावजूद पर्यावरण मित्रों के वेतन सहित अन्य मसलों का हल नहीं होने दे रहा है। पर्यावरण मित्रों का कहना है कि ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी के स्तर से वेतन, पीएफ भुगतान और प्रोत्साहन राशि के प्रपत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, लेकिन चेयरमैन के हस्ताक्षर होना बाकी है। वहीं पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा का कहना है कि विवादास्पद भूमिका के मद्देनजर नगर पालिका बोर्ड 11 नवंबर को ही ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी को कार्यमुक्त कर चुका है। इसकी जानकारी प्रशासन और शासन को भी दी जा चुकी है। नए ईओ की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ ईओ का कहना है कि बोर्ड को उन्हें हटाने का अधिकार नहीं है।
वेतन न मिलने पर भड़के पर्यावरण मित्र, किया प्रदर्शन
चंपावत। पालिका बोर्ड की बैठक से पर्यावरण मित्र उम्मीद लगाए थे, लेकिन डेढ़ घंटे तक चली बेनतीजा बैठक से उन्हें मायूसी मिली। नवंबर से वेतन नहीं मिलने से नाराज 50 पर्यावरण मित्रों ने देवभूमि सफाई कर्मचारी संगठन के नेतृत्व मेें प्रदर्शन किया। ईपीएफ, प्रोत्साहन राशि और गरम वर्दी देने की भी मांग की गई। पर्यावरण मित्रों ने तीन दिन के भीतर वेतन और अन्य मांगों का समाधान नहीं करने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में मनीष, अर्जुन, राकेश, विपिन, मनोज, नरेश सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्र शामिल थे।