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Champawat News: मानदेय नहीं दिए पर अतिथि शिक्षक बिफरे
Tue, 28 Jan 2025 11:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 28 Jan 2025 11:13 PM IST
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चंपावत। मानदेय को लेकर अतिथि शिक्षकों की ओर से एक ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन किया गया। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उनसे काम तो पूरा लिया जाता है लेकिन मानदेय देने में कंजूसी की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अतिथि शिक्षकाें का कहना है कि जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे अतिथि शिक्षकों के साथ शिक्षा विभाग भद्दा मजाक कर रहा है। शिक्षा विभाग के मौखिक आदेशों के अनुसार अतिथि शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाशों का मानदेय न देने की बात की जा रही है। इसके अलावा एक महीने के अवकाश वाले विद्यालयों में दिसंबर का मानदेय छह दिन का कटा हुआ मिला है। जबकि महानिदेशक के 22 जुलाई 2024 को जारी पत्र के अनुसार ऑनलाइन शिक्षण कार्य कराने पर मानदेय आहरित करने की बात कही गई है।
इसी अनुसार मुख्य शिक्षा अधिकारी चंपावत की ओर से भी 27 जुलाई 2024 को आदेश निकालकर अतिथि शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाश अवधि का मानदेय भुगतान करने के लिए आदेशित किया गया है। इसके बावजूद अतिथि शिक्षकों का माह दिसंबर का छह दिन का मानदेय काट लिया गया है और 15 दिन के अवकाश वाले विद्यालयों में जनवरी का मानदेय नहीं देने के आदेश दिए गए हैं। अल्प मानदेय में अध्यापन कार्य कर रहे अतिथि शिक्षकों का पारिवारिक भरण-पोषण में कठिनाई आ रही है। इस कटौती से मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
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अतिथि शिक्षक विद्यालयों में विभिन्न कार्यभार संभाल रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से आर्थिक छलावा उनके साथ किया जा रहा है। मैदानी और पर्वतीय क्षेत्र के अतिथि शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे हैं। बैठक का संचालन चंचल सिंह कुंवर ने किया। दिनेश चंद्र, विनोद तितियाल, ललित मोहन, सुरेंद्र कुमार, पुष्पण, रंजु, पवन, मानसी, कमला, राजेंद्र, हेमा, सुधीर आदि मौजूद रहे।
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अतिथि शिक्षकाें का कहना है कि जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे अतिथि शिक्षकों के साथ शिक्षा विभाग भद्दा मजाक कर रहा है। शिक्षा विभाग के मौखिक आदेशों के अनुसार अतिथि शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाशों का मानदेय न देने की बात की जा रही है। इसके अलावा एक महीने के अवकाश वाले विद्यालयों में दिसंबर का मानदेय छह दिन का कटा हुआ मिला है। जबकि महानिदेशक के 22 जुलाई 2024 को जारी पत्र के अनुसार ऑनलाइन शिक्षण कार्य कराने पर मानदेय आहरित करने की बात कही गई है।
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इसी अनुसार मुख्य शिक्षा अधिकारी चंपावत की ओर से भी 27 जुलाई 2024 को आदेश निकालकर अतिथि शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाश अवधि का मानदेय भुगतान करने के लिए आदेशित किया गया है। इसके बावजूद अतिथि शिक्षकों का माह दिसंबर का छह दिन का मानदेय काट लिया गया है और 15 दिन के अवकाश वाले विद्यालयों में जनवरी का मानदेय नहीं देने के आदेश दिए गए हैं। अल्प मानदेय में अध्यापन कार्य कर रहे अतिथि शिक्षकों का पारिवारिक भरण-पोषण में कठिनाई आ रही है। इस कटौती से मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
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अतिथि शिक्षक विद्यालयों में विभिन्न कार्यभार संभाल रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से आर्थिक छलावा उनके साथ किया जा रहा है। मैदानी और पर्वतीय क्षेत्र के अतिथि शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे हैं। बैठक का संचालन चंचल सिंह कुंवर ने किया। दिनेश चंद्र, विनोद तितियाल, ललित मोहन, सुरेंद्र कुमार, पुष्पण, रंजु, पवन, मानसी, कमला, राजेंद्र, हेमा, सुधीर आदि मौजूद रहे।