{"_id":"642c63c7dc1cbc76c70e56e6","slug":"goat-valley-will-be-built-in-sipti-champawat-news-c-8-1-102757-2023-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: सिप्टी में बनेगी जिले की पहली गोट वैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: सिप्टी में बनेगी जिले की पहली गोट वैली
Tue, 04 Apr 2023 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 04 Apr 2023 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। यहां से 13 किलोमीटर दूर सिप्टी घाटी को अब खास पहचान मिलने जा रही है। यहां जिले की पहली गोट वैली (बकरी घाटी) बनाई जाएगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इससे ग्रामीण आजीविका, स्वरोजगार में इजाफा होगा।
वर्ष 2023-24 में चंपावत जिले में गोट वैली योजना मंजूर की गई है। बकरी पालन के लिए चारा पत्ती की उपलब्धता सहित अनुकूल माहौल को देखते हुए सिप्टी घाटी को इस योजना के लिए चयनित किया गया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीएस भंडारी का कहना है कि यहां बकरी पालन का इंटीग्रेटेड हब बनाया जाएगा। 100 ग्रामीणों को बकरी पालन से जोड़ा जाएगा। हर बकरी पालक को न्यूनतम 20 बकरे-बकरियां रखनी होंगी। इसके लिए उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। बकरी पालन फार्म भी बनेगा। यहां से बकरी के दूध और उसके मांस की बिक्री की जाएगी। विभाग इसके लिए बाजार दिलवाएगा। दूध एकत्र करने के लिए मशीन भी योजना का हिस्सा होगा। संवाद
विज्ञापन
दूध की बिक्री कम, मीट कारोबार ज्यादा
चंपावत जिले में 50919 बकरी-बकरे हैं लेकिन इससे दूध का रोजाना उत्पादन ढाई हजार लीटर से भी कम है। गुणकारी होने के बावजूद बकरी के दूध को क्षेत्र में कम पसंद किया जाता है। इसके बजाय बकरों का बहुतायत उपयोग मीट खाने के रूप में होता है।
बकरी के दूध के लाभ
विटामिन ए, कैल्शियम से लेकर भरपूर खनिज लवण होते हैं।
रोगों से लड़ने से लेकर मधुमेह और डेंगू के रोगियों के लिए लाभकारी।
चंपावत जिले में पहली गोट वैली बनाने के लिए सिप्टी घाटी चयनित की गई है। इसके लिए 70 लाख रुपये आवंटित हुआ है। योजना शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार, पशुपालन और खेती में गुणात्मक बदलाव आएगा।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
वर्ष 2023-24 में चंपावत जिले में गोट वैली योजना मंजूर की गई है। बकरी पालन के लिए चारा पत्ती की उपलब्धता सहित अनुकूल माहौल को देखते हुए सिप्टी घाटी को इस योजना के लिए चयनित किया गया है।
विज्ञापन
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीएस भंडारी का कहना है कि यहां बकरी पालन का इंटीग्रेटेड हब बनाया जाएगा। 100 ग्रामीणों को बकरी पालन से जोड़ा जाएगा। हर बकरी पालक को न्यूनतम 20 बकरे-बकरियां रखनी होंगी। इसके लिए उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। बकरी पालन फार्म भी बनेगा। यहां से बकरी के दूध और उसके मांस की बिक्री की जाएगी। विभाग इसके लिए बाजार दिलवाएगा। दूध एकत्र करने के लिए मशीन भी योजना का हिस्सा होगा। संवाद
विज्ञापन
दूध की बिक्री कम, मीट कारोबार ज्यादा
चंपावत जिले में 50919 बकरी-बकरे हैं लेकिन इससे दूध का रोजाना उत्पादन ढाई हजार लीटर से भी कम है। गुणकारी होने के बावजूद बकरी के दूध को क्षेत्र में कम पसंद किया जाता है। इसके बजाय बकरों का बहुतायत उपयोग मीट खाने के रूप में होता है।
बकरी के दूध के लाभ
विटामिन ए, कैल्शियम से लेकर भरपूर खनिज लवण होते हैं।
रोगों से लड़ने से लेकर मधुमेह और डेंगू के रोगियों के लिए लाभकारी।
चंपावत जिले में पहली गोट वैली बनाने के लिए सिप्टी घाटी चयनित की गई है। इसके लिए 70 लाख रुपये आवंटित हुआ है। योजना शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार, पशुपालन और खेती में गुणात्मक बदलाव आएगा।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।