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जीआईसी इलाके के लिए टैंकर बने सहारा

Tue, 15 Mar 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Tue, 15 Mar 2016 10:34 PM IST
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GIC became a resort area for tanker
पेयजल संकट - फोटो : अमर उजाला

क्षेत्र में पेयजल संकट बरकरार है। जीआईसी मोहल्ले में कई घरों में नलों से पानी नहीं टपका। जल संस्थान ने यहां के लोगों को मंगलवार को भी पानी की आपूर्ति टैंकर के जरिए की। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी लोग पानी को परेशान रहे। विभाग का कहना है कि चंपावत नगर में 14.8 लाख लीटर पानी की रोजाना जरूरत है, मगर मिल मात्र 4.8 लाख रहा है।

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बारिश से किसानों और जल संस्थान को मिली राहत
लोहाघाट (चंपावत)। लंबे समय बाद क्षेत्र में बारिश होने से किसानों के साथ ही जल संस्थान को भी राहत मिली है। नगर में दिनों दिन गहराते जल संकट के चलते व्यवस्था बनाने में जल संस्थान के पसीने छूट रहे थे। संस्थान की ओर से 18 से 20 हजार लीटर पानी प्रतिदिन मेन टैंक में डाला जा रहा था। अवर अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि पूरी तरह सूख चुकी बनस्वाड़ पेयजल योजना से बारिश होने के बाद 24 घंटे में 100 केएल पानी मिलने लगा है। इसके अलावा ऋषेश्वर स्थित नलकूप और चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना से भी अच्छा पानी मिल रहा है। नगर में प्रतिदिन 1.62 एलएलडी पानी की जरूरत है, जिसके सापेक्ष वर्तमान में बारिश होने के बाद 1.5 एमएलडी पानी मिल रहा है। बिष्ट का कहना है कि इस बारिश से जल स्रोतों में पानी बढ़ा है, जिसके चलते रसातल पर पहुंच चुकी कई पेयजल योजनाओं में पेयजल की आपूर्ति शुरू हो गई है।
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देवीधुरा में ओलावृष्टि से बागवानी को नुकसान
देवीधुरा (चंपावत)। यहां बरसात और भारी ओलावृष्टि होने से किसानों के फल-पौधों को काफी क्षति पहुंची है। किसान राजू बिष्ट, रूप सिंह बिष्ट, नैन सिंह नेगी, प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, सुरेश सिंह, गंगा सिंह, चंदन सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि उनके सेब, नींबू, माल्टा, आडू़, पुलम, खुमानी आदि के पेड़ों में भारी मात्रा में फूल आए थे। ओलावृष्टि से पेड़ों से फूल के साथ पत्ते भी गिर गए हैं। किसानों का कहना है कि सूखे के कारण उनकी फसल तो पूरी तरह चौपट हो गई थी, उनकी आस बागवानी पर टिकी थी, जिसमें भी ओलों की मार ने पानी फेर दिया है।

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