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पुस्तक मेलों से प्रदेश में बहेगी ज्ञान गंगा: मुख्यमंत्री
Fri, 22 Dec 2023 10:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 22 Dec 2023 10:44 PM IST
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टनकपुर में पुस्तक मेले का फीता काटकर शुभारंभ करते मुख्यमंत्री धामी। संवाद
बनबसा (चंपावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पुस्तक मेलों के आयोजनों से प्रदेश में पढ़ने लिखने की परंपरा आगे बढ़ रही है। प्रदेश में पुस्तक मेलों के आयोजनों से ज्ञान की गंगा बहेगी। उन्होंने लोगों से स्वागत करने को बुके की जगह बुक देने की परंपरा शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने यह बातें यहां टनकपुर में पुस्तक मेले का शुभारंभ करते हुए कहीं।
मुख्यमंत्री धामी यहां द्वितीय पुस्तक मेले का शुभारंभ करने आए थे। उनका संपूर्ण भाषण पुस्तकों और पुस्तकों के लाभ पर केंद्रित रहा। पुस्तक मेले को फोकस करते हुए कहा कि वे जब भी समय मिलता है पुस्तक पढ़ते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके प्रदेश के प्रधान सेवक बनने और कार्य करने की शैली में पुस्तकों का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेलों से जहां राज्य में ज्ञान गंगा बहेगी वहीं लेखकों और साहित्यकारों को भी मंच प्रदान होगा। मुख्यमंत्री ने लेखकों से राज्य के विकास के अलावा सांस्कृतिक विरासतों को आगे बढ़ाने को कलम चलाने का आह्वान किया। युवाओं से नशा छोड़ पुस्तकों को पढ़ने की अपील की। इंटरनेट के बजाए पुस्तकों और पुस्तकालयों में समय व्यतीत करने से ही युवाओं के ज्ञान में सही वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन से कई महान हस्तियों के जीवन में बदलाव आने के साथ ही वे जीवन मेंं चरम तक पहुंचे हैं। उन्होंने युवकों से कहा कि महान हस्तियों और राष्ट्र नायकों की जीवनी पढने से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने पुस्तकों को बेकार करने की जगह उन्हें पुस्तकालयों में देने की भी अपील की। संवाद
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मुख्यमंत्री धामी यहां द्वितीय पुस्तक मेले का शुभारंभ करने आए थे। उनका संपूर्ण भाषण पुस्तकों और पुस्तकों के लाभ पर केंद्रित रहा। पुस्तक मेले को फोकस करते हुए कहा कि वे जब भी समय मिलता है पुस्तक पढ़ते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके प्रदेश के प्रधान सेवक बनने और कार्य करने की शैली में पुस्तकों का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेलों से जहां राज्य में ज्ञान गंगा बहेगी वहीं लेखकों और साहित्यकारों को भी मंच प्रदान होगा। मुख्यमंत्री ने लेखकों से राज्य के विकास के अलावा सांस्कृतिक विरासतों को आगे बढ़ाने को कलम चलाने का आह्वान किया। युवाओं से नशा छोड़ पुस्तकों को पढ़ने की अपील की। इंटरनेट के बजाए पुस्तकों और पुस्तकालयों में समय व्यतीत करने से ही युवाओं के ज्ञान में सही वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन से कई महान हस्तियों के जीवन में बदलाव आने के साथ ही वे जीवन मेंं चरम तक पहुंचे हैं। उन्होंने युवकों से कहा कि महान हस्तियों और राष्ट्र नायकों की जीवनी पढने से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने पुस्तकों को बेकार करने की जगह उन्हें पुस्तकालयों में देने की भी अपील की। संवाद
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