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अतिथि शिक्षकों को मानदेय नहीं मिलने से रोष
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 05 Mar 2017 09:18 PM IST
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चंपावत में मानदेय की मांग को लेकर मंत्रणा करते अतिथि शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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अतिथि शिक्षकों को मौजूदा शिक्षा सत्र में एक महीने का भी मानदेय नहीं मिला है। नाराज अध्यापकों ने होली से पूर्व मानदेय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही शिक्षकों ने रविवार को सांकेतिक प्रदर्शन भी किया।
जिले में 230 अतिथि शिक्षकों को विभिन्न माध्यमिक स्कूलों में 31 मार्च 2017 तक के लिए तैनाती दी गई थी। मगर उन्हें मानदेय नहीं दिया गया। अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि पिछले साल सितंबर से उन्हें स्कूलों में भेजा गया। वे पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के काम में लगे हैं, मगर उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कई बार मांग करने के बावजूद विभाग अनसुनी कर रहा है।
संगठन ने होली से पूर्व मानदेय नहीं देने पर आंदोलन की धमकी दी है, साथ ही इन शिक्षकों ने नियमित नियुक्ति के लिए जरूरी कार्रवाई करने की सरकार से मांग की है। उधर मुख्य शिक्षाधिकारी दिलेर सिंह राजपूत का कहना है कि अतिथि शिक्षकों का मानदेय जल्द से जल्द दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संघ के जिला संरक्षक मोहन चिलकोटी की अध्यक्षता और चंपावत ब्लॉक अध्यक्ष नवीन चंद्र पुनेठा के संचालन में रविवार को हुई बैठक में भुवन चंद्र भट्ट, दीपक तड़ागी, गौरव वर्मा, बबीता बिष्ट, मीना टम्टा, उषा जोशी, रेखा टम्टा आदि मौजूद थे।
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अतिथि शिक्षक भविष्य को लेकर चिंतित
अतिथि शिक्षकों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताई है। साथ ही शासन पर अतिथि शिक्षकों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। गंगोलीहाट लोनिवि गेस्ट हाउस में हुई अतिथि शिक्षकों की बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष शंकर परगई ने कहा कि डेढ़ सौ अतिथि शिक्षक विभिन्न विद्यालयों में नियमित पढ़ा रहे हैं, लेकिन इन शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बनने के बाद अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो अतिथि शिक्षक आंदोलन करेंगे। अतिथि शिक्षकों ने निर्णय लिया कि जिन विद्यालय में बोर्ड परीक्षा केंद्र नहीं है, उन विद्यालय में अतिथि शिक्षक पठन-पाठन सुचारु रूप से करते रहेंगे। ब्लॉक महामंत्री भगवान जरमाल ने कहा कि सरकारों ने अब तक अतिथि शिक्षकों को गुमराह करने का काम किया है। इस दौरान अनिल बोरा, अनिल कोठारी, प्रतिभाग जोशी, रेशमा कोहली, रेखा बनकोटी, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
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जिले में 230 अतिथि शिक्षकों को विभिन्न माध्यमिक स्कूलों में 31 मार्च 2017 तक के लिए तैनाती दी गई थी। मगर उन्हें मानदेय नहीं दिया गया। अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि पिछले साल सितंबर से उन्हें स्कूलों में भेजा गया। वे पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के काम में लगे हैं, मगर उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कई बार मांग करने के बावजूद विभाग अनसुनी कर रहा है।
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संगठन ने होली से पूर्व मानदेय नहीं देने पर आंदोलन की धमकी दी है, साथ ही इन शिक्षकों ने नियमित नियुक्ति के लिए जरूरी कार्रवाई करने की सरकार से मांग की है। उधर मुख्य शिक्षाधिकारी दिलेर सिंह राजपूत का कहना है कि अतिथि शिक्षकों का मानदेय जल्द से जल्द दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संघ के जिला संरक्षक मोहन चिलकोटी की अध्यक्षता और चंपावत ब्लॉक अध्यक्ष नवीन चंद्र पुनेठा के संचालन में रविवार को हुई बैठक में भुवन चंद्र भट्ट, दीपक तड़ागी, गौरव वर्मा, बबीता बिष्ट, मीना टम्टा, उषा जोशी, रेखा टम्टा आदि मौजूद थे।
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अतिथि शिक्षक भविष्य को लेकर चिंतित
अतिथि शिक्षकों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताई है। साथ ही शासन पर अतिथि शिक्षकों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। गंगोलीहाट लोनिवि गेस्ट हाउस में हुई अतिथि शिक्षकों की बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष शंकर परगई ने कहा कि डेढ़ सौ अतिथि शिक्षक विभिन्न विद्यालयों में नियमित पढ़ा रहे हैं, लेकिन इन शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बनने के बाद अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो अतिथि शिक्षक आंदोलन करेंगे। अतिथि शिक्षकों ने निर्णय लिया कि जिन विद्यालय में बोर्ड परीक्षा केंद्र नहीं है, उन विद्यालय में अतिथि शिक्षक पठन-पाठन सुचारु रूप से करते रहेंगे। ब्लॉक महामंत्री भगवान जरमाल ने कहा कि सरकारों ने अब तक अतिथि शिक्षकों को गुमराह करने का काम किया है। इस दौरान अनिल बोरा, अनिल कोठारी, प्रतिभाग जोशी, रेशमा कोहली, रेखा बनकोटी, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।