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अखिल भारतीय काली कुमाऊं फुटबॉल प्रतियोगिता
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चंपावत गोरलचौड़ मैदान में फुटबाल प्रतियोगिता में गेंद के लिए भिड़ते खिलाड़ी।
- फोटो : CHAMPAWAT
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अखिल भारतीय काली कुमाऊं फुटबॉल प्रतियोगिता में मंथन क्लब दिल्ली की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। पेनल्टी शूट आउट में गए मुकाबले में दिल्ली के गोलकीपर अभिषेक ग्वालियर की राह में चट्टान की तरह खड़े रहे और तीन गोल बचाए। नतीजतन इस प्रतियोगिता से ग्वालियर का 4-2 से मिली हार के साथ पैकअप हो गया।
चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में हुए संघर्षपूर्ण मैच में दोनों टीमों ने शुरू से आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मध्यांतर से ठीक एक मिनट पहले ग्वालियर के कमलेश ने गोलपोस्ट में गेंद डालकर अपनी टीम को दिल्ली पर 1-0 की बढ़त दिला दी। मैच के दूसरे हाफ के 34 मिनट तक दिल्ली की टीम गोल के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
मैच समाप्ति को 11 मिनट शेष थे तभी मंथन क्लब दिल्ली के दिवास ने गोल करके स्कोर 1-1 की बराबरी पर कर दिया। निर्धारित समय के भीतर दोनों ही टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं तो मैच का फैसला पेनल्टी शूट आउट के जरिए हुआ। दोनों टीमों को 5-5 पेनल्टी मिले, जिसमें मंथन क्लब दिल्ली ने चार और ग्वालियर ने दो गोल दागे। मैच के रेफरी वीरेंद्र बिष्ट, लाइनमैन कुंदन सिंह और मनोज रहे। ऑफिशियल संदीप पोखरियाल थे। आंखों देखा हाल अशोक वर्मा ने सुनाया।
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मैच के दौरान उत्तराखंड फुटबॉल फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद सिंह मेहता, जिला फुटबॉल संघ सचिव संजय साह, चंपावत व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, विकास साह, आयोजक नरेंद्र लडवाल, डॉ. महेश ढेक, गणेश महराना, महेश जोशी, देवीलाल वर्मा, नीरज जोशी, डॉ. भुवन जोशी, जितेंद्र साह, नरेश जोशी, रोहित बिष्ट, मयूख चौधरी, महेंद्र बोहरा, विक्की चौधरी, बीसी राय, सुभाष तड़ागी, प्रदीप बोहरा, मुन्ना राय, दिनेश पांडेय आदि मौजूद थे।
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चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में हुए संघर्षपूर्ण मैच में दोनों टीमों ने शुरू से आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मध्यांतर से ठीक एक मिनट पहले ग्वालियर के कमलेश ने गोलपोस्ट में गेंद डालकर अपनी टीम को दिल्ली पर 1-0 की बढ़त दिला दी। मैच के दूसरे हाफ के 34 मिनट तक दिल्ली की टीम गोल के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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मैच समाप्ति को 11 मिनट शेष थे तभी मंथन क्लब दिल्ली के दिवास ने गोल करके स्कोर 1-1 की बराबरी पर कर दिया। निर्धारित समय के भीतर दोनों ही टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं तो मैच का फैसला पेनल्टी शूट आउट के जरिए हुआ। दोनों टीमों को 5-5 पेनल्टी मिले, जिसमें मंथन क्लब दिल्ली ने चार और ग्वालियर ने दो गोल दागे। मैच के रेफरी वीरेंद्र बिष्ट, लाइनमैन कुंदन सिंह और मनोज रहे। ऑफिशियल संदीप पोखरियाल थे। आंखों देखा हाल अशोक वर्मा ने सुनाया।
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मैच के दौरान उत्तराखंड फुटबॉल फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद सिंह मेहता, जिला फुटबॉल संघ सचिव संजय साह, चंपावत व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, विकास साह, आयोजक नरेंद्र लडवाल, डॉ. महेश ढेक, गणेश महराना, महेश जोशी, देवीलाल वर्मा, नीरज जोशी, डॉ. भुवन जोशी, जितेंद्र साह, नरेश जोशी, रोहित बिष्ट, मयूख चौधरी, महेंद्र बोहरा, विक्की चौधरी, बीसी राय, सुभाष तड़ागी, प्रदीप बोहरा, मुन्ना राय, दिनेश पांडेय आदि मौजूद थे।