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Champawat News: बौतड़ी की बाढ़ का 195 लाख से हुआ इलाज
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लधिया घाटी में बाढ़ सुरक्षा योजना की दीवार। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। बाराकोट ब्लॉक के बौतड़ी क्षेत्र को अब बाढ़ से निजात मिल सकेगी। बाढ़ सुरक्षा के बंदोबस्त होने से अब इस इलाके के आबादी वाले क्षेत्रों के साथ ही नदी से लगे खेत-खलिहानों को राहत मिलेगी।
सरयू नदी के किनारे बसा बौतड़ी का समूचा इलाका खेती के लिए मुफीद है लेकिन किसानों की मेहनत को हर साल बरसात लील जाती है। इससे इस इलाके में भूकटाव से फसल को भारी नुकसान होता था। अब सरयू नदी के किनारे बसे घाटी वाले बौतड़ी क्षेत्र की बाढ़ का इलाज करने का दावा किया गया है।
यहां सिंचाई विभाग ने नाबार्ड मद से एक सौ पचानवे लाख रुपये से बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध बनाए हैं। इसी माह 15 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर से इस बाढ़ सुरक्षा योजना का लोकार्पण किया है। सिंचाई विभाग के जेई अमित उप्रेती का कहना है कि कंक्रीट के 250 मीटर लंबे ब्लॉक बनाए गए हैं। इससे बरसात में हर साल बाढ़ से होने वाले भूकटाव और फसलों को होने वाले नुकसान से निजात मिलेगी।
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लधिया की बाढ़ सुरखा योजना का काम भी अंतिम चरण में
चंपावत। रीठा साहिब की लधिया और रतिया नदी के उफान में आने से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए ढाई साल से चल रहा काम अंतिम दौर में है। इस योजना के पूरा होने से रीठा साहिब गुरुद्वारे के तटवर्ती क्षेत्रों को बाढ़ के खतरे से निजात मिलेगी। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अक्तूबर 2019 में रीठा साहिब की सुरक्षा के लिए बाढ़ योजना का एलान किया था। करीब 576 मीटर की सुरक्षा दीवार का 95 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। योजना अगले फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है।
तीन ग्राम पंचायतों में 11 करोड़ से चल रहे बाढ़ सुरक्षा के काम
चंपावत। लधिया घाटी क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों में ग्यारह करोड़ रुपये से लधिया नदी से होने वाले कटाव से बचाव के काम भी कराए जा रहे हैं। लधिया क्षेत्र के कई हिस्से बरसात में बाढ़ की जद में आने से फसलों को भारी नुकसान के अलावा भूकटाव होता है। सिंचाई विभाग के एई रघुवर दत्त भट्ट का कहना है कि घाटी की तीन ग्राम पंचायत गागरी, कुलियालगांव, परेवा में ग्यारह करोड़ रुपये से बाढ़ से बचाव के लिए 1,035 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।
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सरयू नदी के किनारे बसा बौतड़ी का समूचा इलाका खेती के लिए मुफीद है लेकिन किसानों की मेहनत को हर साल बरसात लील जाती है। इससे इस इलाके में भूकटाव से फसल को भारी नुकसान होता था। अब सरयू नदी के किनारे बसे घाटी वाले बौतड़ी क्षेत्र की बाढ़ का इलाज करने का दावा किया गया है।
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यहां सिंचाई विभाग ने नाबार्ड मद से एक सौ पचानवे लाख रुपये से बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध बनाए हैं। इसी माह 15 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर से इस बाढ़ सुरक्षा योजना का लोकार्पण किया है। सिंचाई विभाग के जेई अमित उप्रेती का कहना है कि कंक्रीट के 250 मीटर लंबे ब्लॉक बनाए गए हैं। इससे बरसात में हर साल बाढ़ से होने वाले भूकटाव और फसलों को होने वाले नुकसान से निजात मिलेगी।
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लधिया की बाढ़ सुरखा योजना का काम भी अंतिम चरण में
चंपावत। रीठा साहिब की लधिया और रतिया नदी के उफान में आने से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए ढाई साल से चल रहा काम अंतिम दौर में है। इस योजना के पूरा होने से रीठा साहिब गुरुद्वारे के तटवर्ती क्षेत्रों को बाढ़ के खतरे से निजात मिलेगी। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अक्तूबर 2019 में रीठा साहिब की सुरक्षा के लिए बाढ़ योजना का एलान किया था। करीब 576 मीटर की सुरक्षा दीवार का 95 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। योजना अगले फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है।
तीन ग्राम पंचायतों में 11 करोड़ से चल रहे बाढ़ सुरक्षा के काम
चंपावत। लधिया घाटी क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों में ग्यारह करोड़ रुपये से लधिया नदी से होने वाले कटाव से बचाव के काम भी कराए जा रहे हैं। लधिया क्षेत्र के कई हिस्से बरसात में बाढ़ की जद में आने से फसलों को भारी नुकसान के अलावा भूकटाव होता है। सिंचाई विभाग के एई रघुवर दत्त भट्ट का कहना है कि घाटी की तीन ग्राम पंचायत गागरी, कुलियालगांव, परेवा में ग्यारह करोड़ रुपये से बाढ़ से बचाव के लिए 1,035 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।