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Champawat News: दमकल विभाग के पास पानी का नहीं पुख्ता व्यवस्था
Mon, 22 Apr 2024 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 22 Apr 2024 10:50 PM IST
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लोहाघाट फायर स्टेंशन में खड़े दमकम वाहन। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए दमकल विभाग के पास पानी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। आग की घटनाएं होने पर राहत और बचाव के लिए यहां के लोग भगवान भरोसे रहते हैं। सिर्फ लोहाघाट और चंपावत मुख्यालय को छोड़कर दमकल वाहनों में पानी भरने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कोई इंतजाम नहीं है।
वाहन में पानी खत्म होने पर चंपावत क्षेत्र की घटनाओं में चंपावत मुख्यालय और लोहाघाट, पाटी और बाराकोट ब्लाॅकों की घटनाओं में लोहाघाट पानी भरने आना पड़ता है। तब तक आग से काफी नुकसान हो जाता है। आगजनी की घटनाओं में राहत और बचाव के लिए फायर स्टेशन से फायर टेंडर वाहन जाता है जिसमें दो हजार लीटर पानी रहता है। वाहन का पानी खत्म होने के बाद उसमें पानी भरने के लिए लोहाघाट या चंपावत आना पड़ता है। आने-जाने में ही कहीं अधिक समय लगने से काफी नुकसान हो जाता है। संवाद
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लोहाघाट फायर स्टेशन के अति संवेदनशील क्षेत्र और दूरी
लोहाघाट। फायर स्टेशन से पंचेश्वर क्षेत्र की दूरी करीब 40 किमी है। यहां किमतोली, पुल्ला, चौमेल, चमदेवल, रौंसाल आदि क्षेत्र आते हैं। बाराकोट बाजार की दूरी 12 किमी, पाटी की दूरी 29 किमी, देवीधुरा की दूरी 45 किमी, रीठासाहिब की दूरी 68 किमी, भिंगराड़ा की दूरी 45 किमी और बिरगुल की दूरी 40 किमी है। संवाद
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इन स्थानों में लगे हैं फायर हाइड्रेंट
लोहाघाट। आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए दमकल वाहनों में पानी भरने के लिए चंपावत और लोहाघाट में मात्र पांच फायर हाइड्रेंट लगे हैं। इसमें लोहाघाट नगर में तीन फायर हाइड्रेंट एसडीएम कोर्ट तिराहे, फायर स्टेशन और रामलीला मैदान शामिल हैं। वहीं चंपावत में टीआरसी और नागनाथ मंदिर के पास दो फायर हाइड्रेंट हैं। संवाद
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हेलीपैड के पास तक नहीं है कोई फायर हाइड्रेंट
लोहाघाट। मुख्यमंत्री सहित तमाम वीआईपी समय-समय पर हेलीकॉप्टर के जरिये लोहाघाट और चंपावत आते रहते हैं। लोहाघाट में जीआईसी मैदान, फोर्ती खेल मैदान, छमनियां स्टेडियम, चंपावत में सर्किट हाउस और गोरलचौड खेल मैदान में हेलीकॉप्टर उतरते हैं। यहां हेलीकॉप्टर की सुरक्षा के लिए दमकल वाहन तैनात रहते हैं। इन महत्वपूर्ण स्थानों में भी फायर हाइड्रेंट की कोई सुविधा नहीं है। संवाद
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आग की घटनाओं से निपटने के लिए जिला योजना में संवेदनशील क्षेत्रों में पांच-पांच हजार लीटर के पानी के टैंक सड़क किनारे बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट लगाने के प्रस्ताव लगातार शासन को भेजे जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दमकल वाहनों में पानी भरने की सुविधाएं उपलब्ध होने पर काफी हद तक आगजनी की घटनाओं से निपटने में राहत मिलेगी। - चंदन राम, अग्निशमन अधिकारी, लोहाघाट।
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अराजक तत्वों ने सुंई के छमनियां तोक में लगाई आग
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के ग्राम पंचायत सुंई पऊ के छमनिया तोक में अराजक तत्वों ने नाप खेतों में आग लगा दी। तेज हवाओं के साथ आग आबादी तक आ पहुंची। इससे लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रविवार देर शाम छमनिया में अराजक तत्वों ने लोगों के नाप खेतों में झाड़ियों में आग लगा दी। तेज हवा के साथ आग ने विकराल रूप ले लिया और तेजी से आबादी की ओर बढ़ने लगी। आग पूर्ति निरीक्षक कार्यालय और लोगों के घरों तक पहुंच गई। भीषण आग को देखते हुए लोगों में खलबली मच गई। आग से कई फलदार पौधे भी जलकर राख हो गए। ग्रामीण जीएस पंत के नेतृत्व में महेश चंद्र, आयुष ओली, सुनील ओली, भुवन चंद्र ने पेड़ की टहनियों और घरों से बाल्टियों में पानी ले जाकर आग पर काबू पाया। आग लगने से बगीचों की सुरक्षा बाड़ के साथ नींबू, संतरा, सेब के अलावा छायादार पेड़ पौधों को भारी नुकसान हुआ है। संवाद
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जंगलों में आग से वन संपदा को नुकसान
चंपावत। जिले के अमोड़ी क्षेत्र के जंगलों में आग लगने से आसपास के इलाकों में धुंआ ही धुंआ फैला हुआ है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धधकते जंगलों के कारण वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। लोगों ने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा ने बताया कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए कर्मियों की तैनाती की गई है। वनाग्नि की सूचना मिलने पर कर्मी मौके पर पहुंच रहे हैं। संवाद
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टेंट हाउस में आग से हजारों का सामान जला
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के ज्ञानखेड़ा स्थित एक टेंट हाउस में शाॅर्ट सर्किट होने से आग लग गई। अग्निकांड में टेंट हाउस में रखा हजारों की लागत के रजाई, गद्दे और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
दमकल विभाग के अनुसार रविवार की रात करीब 8:30 बजे ज्ञानखेड़ा स्थित देवभूमि टेंट हाउस में आग लगने की सूचना मिली। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया लेकिन तब तक टेंट हाउस में रखे रजाई-गददे आदि सामान जल नष्ट हो गए। टेंट हाउस स्वामी दिनेश सिंह ने हजारों रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है। उन्होंने बताया कि शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। इधर दोपहर बाद ग्राम आमबाग में गेहूं काटने के बाद खेत में बचे डंठलों में अचानक आग लग गई। आग फैलने पर आसपास के घरों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर दमकल की दो गाड़ियों ने आग को बमुश्किल काबू किया। फायर स्टेशन प्रभारी त्रिभुवन सिंह अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने बमुश्किल आग को काबू किया। संवाद
संवाद
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राया के जंगल में लगी भीषण आगनाचनी (पिथौरागढ़)। नाचनी क्षेत्र के राया के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। आग लगने से गुटी और पोर्थी के जंगलों में पशु-पक्षियों को भी नुकसान हो रहा है। लगातार वनों के जलने से वातावरण में धुंध छा गई है। इससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। बुजुर्ग और बीमार लोगों को सांस लेने में कठिनाई होने के साथ ही आंखों में जलन की शिकायत भी हाे रही है। लोगों ने वन विभाग से आग बुझाने की मांग की है। संवाद
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वाहन में पानी खत्म होने पर चंपावत क्षेत्र की घटनाओं में चंपावत मुख्यालय और लोहाघाट, पाटी और बाराकोट ब्लाॅकों की घटनाओं में लोहाघाट पानी भरने आना पड़ता है। तब तक आग से काफी नुकसान हो जाता है। आगजनी की घटनाओं में राहत और बचाव के लिए फायर स्टेशन से फायर टेंडर वाहन जाता है जिसमें दो हजार लीटर पानी रहता है। वाहन का पानी खत्म होने के बाद उसमें पानी भरने के लिए लोहाघाट या चंपावत आना पड़ता है। आने-जाने में ही कहीं अधिक समय लगने से काफी नुकसान हो जाता है। संवाद
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लोहाघाट फायर स्टेशन के अति संवेदनशील क्षेत्र और दूरी
लोहाघाट। फायर स्टेशन से पंचेश्वर क्षेत्र की दूरी करीब 40 किमी है। यहां किमतोली, पुल्ला, चौमेल, चमदेवल, रौंसाल आदि क्षेत्र आते हैं। बाराकोट बाजार की दूरी 12 किमी, पाटी की दूरी 29 किमी, देवीधुरा की दूरी 45 किमी, रीठासाहिब की दूरी 68 किमी, भिंगराड़ा की दूरी 45 किमी और बिरगुल की दूरी 40 किमी है। संवाद
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इन स्थानों में लगे हैं फायर हाइड्रेंट
लोहाघाट। आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए दमकल वाहनों में पानी भरने के लिए चंपावत और लोहाघाट में मात्र पांच फायर हाइड्रेंट लगे हैं। इसमें लोहाघाट नगर में तीन फायर हाइड्रेंट एसडीएम कोर्ट तिराहे, फायर स्टेशन और रामलीला मैदान शामिल हैं। वहीं चंपावत में टीआरसी और नागनाथ मंदिर के पास दो फायर हाइड्रेंट हैं। संवाद
हेलीपैड के पास तक नहीं है कोई फायर हाइड्रेंट
लोहाघाट। मुख्यमंत्री सहित तमाम वीआईपी समय-समय पर हेलीकॉप्टर के जरिये लोहाघाट और चंपावत आते रहते हैं। लोहाघाट में जीआईसी मैदान, फोर्ती खेल मैदान, छमनियां स्टेडियम, चंपावत में सर्किट हाउस और गोरलचौड खेल मैदान में हेलीकॉप्टर उतरते हैं। यहां हेलीकॉप्टर की सुरक्षा के लिए दमकल वाहन तैनात रहते हैं। इन महत्वपूर्ण स्थानों में भी फायर हाइड्रेंट की कोई सुविधा नहीं है। संवाद
आग की घटनाओं से निपटने के लिए जिला योजना में संवेदनशील क्षेत्रों में पांच-पांच हजार लीटर के पानी के टैंक सड़क किनारे बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट लगाने के प्रस्ताव लगातार शासन को भेजे जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दमकल वाहनों में पानी भरने की सुविधाएं उपलब्ध होने पर काफी हद तक आगजनी की घटनाओं से निपटने में राहत मिलेगी। - चंदन राम, अग्निशमन अधिकारी, लोहाघाट।
अराजक तत्वों ने सुंई के छमनियां तोक में लगाई आग
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के ग्राम पंचायत सुंई पऊ के छमनिया तोक में अराजक तत्वों ने नाप खेतों में आग लगा दी। तेज हवाओं के साथ आग आबादी तक आ पहुंची। इससे लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रविवार देर शाम छमनिया में अराजक तत्वों ने लोगों के नाप खेतों में झाड़ियों में आग लगा दी। तेज हवा के साथ आग ने विकराल रूप ले लिया और तेजी से आबादी की ओर बढ़ने लगी। आग पूर्ति निरीक्षक कार्यालय और लोगों के घरों तक पहुंच गई। भीषण आग को देखते हुए लोगों में खलबली मच गई। आग से कई फलदार पौधे भी जलकर राख हो गए। ग्रामीण जीएस पंत के नेतृत्व में महेश चंद्र, आयुष ओली, सुनील ओली, भुवन चंद्र ने पेड़ की टहनियों और घरों से बाल्टियों में पानी ले जाकर आग पर काबू पाया। आग लगने से बगीचों की सुरक्षा बाड़ के साथ नींबू, संतरा, सेब के अलावा छायादार पेड़ पौधों को भारी नुकसान हुआ है। संवाद
जंगलों में आग से वन संपदा को नुकसान
चंपावत। जिले के अमोड़ी क्षेत्र के जंगलों में आग लगने से आसपास के इलाकों में धुंआ ही धुंआ फैला हुआ है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धधकते जंगलों के कारण वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। लोगों ने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा ने बताया कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए कर्मियों की तैनाती की गई है। वनाग्नि की सूचना मिलने पर कर्मी मौके पर पहुंच रहे हैं। संवाद
टेंट हाउस में आग से हजारों का सामान जला
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के ज्ञानखेड़ा स्थित एक टेंट हाउस में शाॅर्ट सर्किट होने से आग लग गई। अग्निकांड में टेंट हाउस में रखा हजारों की लागत के रजाई, गद्दे और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
दमकल विभाग के अनुसार रविवार की रात करीब 8:30 बजे ज्ञानखेड़ा स्थित देवभूमि टेंट हाउस में आग लगने की सूचना मिली। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया लेकिन तब तक टेंट हाउस में रखे रजाई-गददे आदि सामान जल नष्ट हो गए। टेंट हाउस स्वामी दिनेश सिंह ने हजारों रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है। उन्होंने बताया कि शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। इधर दोपहर बाद ग्राम आमबाग में गेहूं काटने के बाद खेत में बचे डंठलों में अचानक आग लग गई। आग फैलने पर आसपास के घरों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर दमकल की दो गाड़ियों ने आग को बमुश्किल काबू किया। फायर स्टेशन प्रभारी त्रिभुवन सिंह अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने बमुश्किल आग को काबू किया। संवाद
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राया के जंगल में लगी भीषण आगनाचनी (पिथौरागढ़)। नाचनी क्षेत्र के राया के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। आग लगने से गुटी और पोर्थी के जंगलों में पशु-पक्षियों को भी नुकसान हो रहा है। लगातार वनों के जलने से वातावरण में धुंध छा गई है। इससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। बुजुर्ग और बीमार लोगों को सांस लेने में कठिनाई होने के साथ ही आंखों में जलन की शिकायत भी हाे रही है। लोगों ने वन विभाग से आग बुझाने की मांग की है। संवाद