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फर्त्याल की गैर मौजूदगी भविष्य की सियासत के संकेत
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लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। संगठन और सरकार के मुखिया के लोहाघाट दौरे में लोहाघाट के विधायक की गैर मौजूदगी भविष्य के बदलते रिश्तों का संकेत है? इसे लेकर सियासी क्षेत्र के अलावा यहां लोगों के बीच दिनभर कयासबाजी रही। कई लोग इसे पार्टी संगठन और विधायक के बीच रिश्तों में कम होती गर्मी के रूप में देख रहे हैं।
पूर्व विधायक केसी पुनेठा के निधन पर परिजनों को संवेदना देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत बृहस्पतिवार को लोहाघाट पहुंचे थे। यद्यपि कार्यक्रम बेहद संक्षिप्त था, लेकिन लोहाघाट क्षेत्र के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की गैर मौजूदगी कई लोगों को अटपटी लगी, जबकि चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे। साथ ही गहतोड़ी हेलीकॉप्टर मेें भी रावत व भगत के संग लोहाघाट से हल्द्वानी तक गए।
गौरतलब है कि टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले लोहाघाट के विधायक और भाजपा संगठन व सरकार के बीच इन दिनों खासी तल्खी है। निविदा में हुई कथित गड़बड़ी के मामले को उन्होंने नियम 58 के तहत 23 सितंबर को विधानसभा में उठाया। इसको लेकर पार्टी ने 27 सितंबर को फर्त्याल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस का उन्होंने 29 सितंबर को बेहद तीखा जवाब दिया था। कहा था कि उन्होंने न तो पार्टी के खिलाफ कोई काम किया है और नहीं कोई अनुशासन तोड़ा है, बल्कि भ्रष्टाचार के सवाल को उठाकर पार्टी की छवि को बेहतर किया है।
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कोट
मैं लोहाघाट क्षेत्र में नहीं हूं। कई दिनों से निजी कार्य से देहरादून हूं। इस वजह से मुख्यमंत्री के दौरे में हिस्सा नहीं ले सका। अगर क्षेत्र में होता, तो मैं उनके साथ होता।
पूरन सिंह फर्त्याल,
विधायक, लोहाघाट।
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पूर्व विधायक केसी पुनेठा के निधन पर परिजनों को संवेदना देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत बृहस्पतिवार को लोहाघाट पहुंचे थे। यद्यपि कार्यक्रम बेहद संक्षिप्त था, लेकिन लोहाघाट क्षेत्र के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की गैर मौजूदगी कई लोगों को अटपटी लगी, जबकि चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे। साथ ही गहतोड़ी हेलीकॉप्टर मेें भी रावत व भगत के संग लोहाघाट से हल्द्वानी तक गए।
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गौरतलब है कि टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले लोहाघाट के विधायक और भाजपा संगठन व सरकार के बीच इन दिनों खासी तल्खी है। निविदा में हुई कथित गड़बड़ी के मामले को उन्होंने नियम 58 के तहत 23 सितंबर को विधानसभा में उठाया। इसको लेकर पार्टी ने 27 सितंबर को फर्त्याल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस का उन्होंने 29 सितंबर को बेहद तीखा जवाब दिया था। कहा था कि उन्होंने न तो पार्टी के खिलाफ कोई काम किया है और नहीं कोई अनुशासन तोड़ा है, बल्कि भ्रष्टाचार के सवाल को उठाकर पार्टी की छवि को बेहतर किया है।
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कोट
मैं लोहाघाट क्षेत्र में नहीं हूं। कई दिनों से निजी कार्य से देहरादून हूं। इस वजह से मुख्यमंत्री के दौरे में हिस्सा नहीं ले सका। अगर क्षेत्र में होता, तो मैं उनके साथ होता।
पूरन सिंह फर्त्याल,
विधायक, लोहाघाट।