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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Farmers take care of the Department of Agriculture

कृषि विभाग लेगा किसानों की सुध

Sat, 07 May 2016 10:37 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 07 May 2016 10:37 PM IST
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जिले के कई हिस्सों में सूखे के चलते गेहूं उत्पादक खासे परेशान हैं। अमर उजाला की टीम ने एक दिन पहले शहर से लगे गांव मुड़ियानी, चैकुनीबोरा, राकड़ी फुलारा, फुलारगांव का जायजा लिया, तो व्यापक पैमाने पर हुए नुकसान का सच सामने आया। अब कृषि विभाग ने इलाके का दौरा कर हालात का जायजा लेने की बात कही है।
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मुख्य कृषि अधिकारी सीएल चंद्रवाल ने बताया कि विभाग और प्रशासन के संयुक्त सर्वे के बाद करीब 45 प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। जल्द ही विभाग खेतों का मौका मुआयना करेगा। इन इलाकों में बुरी तरह से फसल तबाह हुई है। करीब 80 प्रतिशत गेहूं का नुकसान हुआ है।
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एक-चौथाई गेहूं की भी उम्मीद नहीं
फुलारगांव के प्रदीप बिष्ट का कहना है कि इस बार गेहूं की पौध ने चिंता में डाल दिया है। पिछले साल 20 बोरे गेहूं हुआ था, जबकि इस बार फसल की हालत को देखते हुए 25 प्रतिशत की भी उम्मीद नहीं है।
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मिले मुआवजा
राकड़ी फुलारा गांव के संजय सिंह का कहना है कि सरकार को उनके घावों पर मरहम लगाना चाहिए। उन्होंने क्षति का आकलन कर प्रभावितों को न्यायोचित मुआवजा देने की मांग की है।

बीज का गेहूं मिलना भी मुश्किल
कलावती देवी का कहना है कि गेहूं की पैदावार के बुरे हालत इस बार उनके लिए सालभर परेशानी पैदा कर सकता है। फसल से बीज के लिए भी गेहूं पैदा हो जाएं, तो बहुत हैं।


बढ़ सकता है पलायन
गिरधर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में चौपट हो चुकी गेहूं की फसल से किसानों की कमर टूट गई है। इससे पलायन का खतरा भी बढ़ सकता है। उनका कहना है कि सिंचाई की सुविधा को विस्तार देने की जरूरत है।
 
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