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फोरेंसिक टीम ने बरात स्थल गंगास जाकर नमूने लिए, आज एसपी दुबारा मौका मुआयना
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देवीधुरा में टेलर की हत्या मामले की निष्पक्ष जांच को एसपी को ज्ञापन देते युवक कांग्रेस कार्यकर्?
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। बरात में गए एक टेलर की संदिग्ध हालत में मौत के मामले में सीओ अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने शनिवार में बरात स्थल नैनीताल जिले के सुनकोट गांव के गंगास में 10 लोगों से बयान लिए। पुलिस बरातियों सहित 85 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। फोरेंसिक टीम ने शनिवार को बरात वाली जगह सुनकोट गांव के गंगास से नमूने लिए। रविवार को एसपी भी फिर से घटनास्थल का मुआयना करेंगे।
देवीधुरा के पास केदारनाथ में किराए पर दुकान लेकर टेलरिंग करने वाले इजट्टा डुंगरा निवासी रमेश राम (45) पुत्र कमल राम 28 नवंबर को दुकान स्वामी की बरात में गए थे। जहां आरोप है कि बरात में भोजन के दौरान विवाद हुआ। इसके बाद मारपीट में जख्मी रमेश राम की इलाज के दौरान 30 नवंबर को हल्द्वानी अस्पताल में मौत हो गई। पहली दिसंबर को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि शनिवार को तीन थानों के एसओ लोहाघाट के जसवीर सिंह चौहान, पाटी के हरीश प्रसाद, रीठा साहिब के एसओ भुवन आर्या ने गंगास में विवाह स्थल पर लोगों के बयान दर्ज किए। एसपी ने बताया कि जातीय या किसी भी तरह के भेदभाव का मामला सामने नहीं आया है। मारपीट हुई या संकरे रास्ते में रमेश राम खुद गिरे, इसकी जांच की जा रही है। बरात में 12 अन्य दलित लोग भी थे।
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सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटना : बसपा
चंपावत। बसपा ने देवीधुरा में रमेश राम की मौत के मामले को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा बताया। बसपा के उत्तराखंड महासचिव बीआर धौनी ने कहा कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, इससे घटना को अंजाम देने वालों को बचाव का मौका मिल रहा है। उन्होंने मृतकाश्रितों की सुरक्षा के साथ परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की है।
15 दिन में खुलासा नहीं तो आंदोलन करेगी कांग्रेस
चंपावत। युवक कांग्रेस ने देवीधुरा मामले में इंसाफ की मांग की है। जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी के नेतृत्व में एसपी से मिले प्रतिनिधिमंडल ने हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अगले 15 दिन के भीतर खुलासा करने के साथ पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का आग्रह किया गया। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। इनमें पुष्कर राम आर्य, मुकेश कुमार, आशा देवी, गोपाल राम, रमेश राम, कविता देवी आदि थे। इधर एसपी देवेंद्र पींचा ने मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
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देवीधुरा के पास केदारनाथ में किराए पर दुकान लेकर टेलरिंग करने वाले इजट्टा डुंगरा निवासी रमेश राम (45) पुत्र कमल राम 28 नवंबर को दुकान स्वामी की बरात में गए थे। जहां आरोप है कि बरात में भोजन के दौरान विवाद हुआ। इसके बाद मारपीट में जख्मी रमेश राम की इलाज के दौरान 30 नवंबर को हल्द्वानी अस्पताल में मौत हो गई। पहली दिसंबर को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि शनिवार को तीन थानों के एसओ लोहाघाट के जसवीर सिंह चौहान, पाटी के हरीश प्रसाद, रीठा साहिब के एसओ भुवन आर्या ने गंगास में विवाह स्थल पर लोगों के बयान दर्ज किए। एसपी ने बताया कि जातीय या किसी भी तरह के भेदभाव का मामला सामने नहीं आया है। मारपीट हुई या संकरे रास्ते में रमेश राम खुद गिरे, इसकी जांच की जा रही है। बरात में 12 अन्य दलित लोग भी थे।
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सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटना : बसपा
चंपावत। बसपा ने देवीधुरा में रमेश राम की मौत के मामले को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा बताया। बसपा के उत्तराखंड महासचिव बीआर धौनी ने कहा कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, इससे घटना को अंजाम देने वालों को बचाव का मौका मिल रहा है। उन्होंने मृतकाश्रितों की सुरक्षा के साथ परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की है।
15 दिन में खुलासा नहीं तो आंदोलन करेगी कांग्रेस
चंपावत। युवक कांग्रेस ने देवीधुरा मामले में इंसाफ की मांग की है। जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी के नेतृत्व में एसपी से मिले प्रतिनिधिमंडल ने हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अगले 15 दिन के भीतर खुलासा करने के साथ पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का आग्रह किया गया। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। इनमें पुष्कर राम आर्य, मुकेश कुमार, आशा देवी, गोपाल राम, रमेश राम, कविता देवी आदि थे। इधर एसपी देवेंद्र पींचा ने मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।