{"_id":"5cbd96bc23baf9cf8c1f6016697307cf","slug":"fair-head-rickety-pier-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेला सिर पर, घाट बदहाल कैसे होगी व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेला सिर पर, घाट बदहाल कैसे होगी व्यवस्था
ब्यूरो/अमर उजाला,टनकपुर
Updated Thu, 18 Feb 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर भारत के प्रमुख पूर्णागिरि धाम में होली के तुरंत बाद लगने वाले मेले की प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन प्रमुख पड़ाव क्षेत्र टनकपुर के शारदा स्नान घाट की बदहाली दूर करने में शासन उदासीन बना हुआ है। तीन वर्ष पहले आपदा में बहे घाट में व्यवस्थाएं करना पालिका के लिए चुनौती बना हुआ है। पालिका ने शासन से तत्काल पुनर्निर्माण व पालिका को 25 लाख रुपये अनुदान देने की मांग की है।
विज्ञापन
बीते दिनों जिला पंचायत सभागार में प्रशासन की बैठक में मां पूर्णागिरि मेले की सरकारी अवधि 25 मार्च से 15 जून घोषित की गई। मेला अवधि में जिला पंचायत, प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जाएंगी। इधर, प्रमुख मेला पड़ाव क्षेत्र टनकपुर में मां पूर्णागिरि धाम से लौटकर श्रद्धालु शारदा घाट में स्नान को उमड़ते हैं। साथ ही पालिका क्षेत्र में पालिका प्रशासन की ओर से घाट में विभिन्न व्यस्थाएं व नगर में सफाई, पेयजल आदि की व्यवस्था की जाती है। वर्ष 2013 की आपदा में शारदा नदी में आई जल प्रलय ने घाट को तबाह कर दिया था। इसके बाद से पालिका निरंतर स्नान घाट के पुनर्निर्माण की मांग उठा रहा है। इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इस पर पालिका को अस्थायी व्यवस्था के लिए भी धन का अभाव बना हुआ है।
विज्ञापन
पालिका के ईओ शेखर चंद्र जोशी ने बताया कि पालिका की ओर से पार्किंग, मुंडन, सफाई समेत अन्य व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। पखवाड़े भर में टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएंगी। इस बार घाट में टूटी दीवार को अस्थाई रूप से ठीक कराया जा रहा है। कहा सिंचाई विभाग को पुनर्निर्माण करना है। इसके लिए शासन को कई बार अवगत करा दिया गया है। घाट में अस्थाई शेड, शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिए धन की आवश्यकता बनी हुई है। इसके लिए शासन से 25 लाख के अनुदान की मांग की गई है। पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय ने बीते दिनों सीएम के समक्ष भी वित्तीय स्थिति को रखा। इधर, मेला शुरू होने में अब कुछ समय ही शेष है, अभी तक शासन की ओर से पालिका की वित्तीय स्थिति बेहतर करने व आवश्यक व्यवस्था के लिए अनुदान की कोई पहल सामने नहीं आई है। इससे मेला अवधि में व्यवस्थाएं चरमराने की आशंका बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
पिछले साल भी 15 मांगे पर पर मिले सिर्फ सात लाख
पालिका प्रशासन के मुताबिक पिछले वर्ष भी मेले के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु रखने में दिक्कतें आईं। शासन की ओर से 15 लाख रुपये अनुदान के प्रस्ताव पर मात्र 7 लाख रुपये ही निर्गत किए गए। इसको देखते हुए इस बार 25 लाख अनुदान का पत्र भेजा गया है। ईओ ने बताया कि पालिका की ओर से इस बार स्नान घाट पर श्रद्धालुओं के रात को रूकने में दिक्कत को देखते हुए पालिका के हाल, गांधी पार्क में व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। साथ ही टनकपुर क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिए पालिका को कार्य देने की भी डिमांड की गई है। इसमें टैक्सी संचालन भी शामिल है। जिससे यात्रियों के साथ लूट खसोट पर अंकुश लग सके।
पुनर्निर्माण लागत 737.48 लाख पहुंची
सिंचाई विभाग की ओर से शारदा स्नान घाट के पुनर्निर्माण के लिए नई दरों पर इस्टीमेट आगामी 20-21 फरवरी तक शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। पूर्व में घाट, क्रियाशाला, चेंज रूम आदि के लिए कुल 735.48 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर विल्डिंग वर्क में पीडब्लूडी के बजाय सीपीडब्लूडी की दर से इस्टीमेट बनाया जा रहा है। सिंचाई विभाग जेई सतीश कुमार ने बताया कि नई दरों पर अब पुनर्निर्माण में 737.48 लाख रुपयेे की लागत आ रही है। इसमें करीब 34 लाख से क्रियाशाला व चेंज रूम बनेगा। घसियारा मंडी के नाले की निकासी के लिए भूमिगत टनल भी बनाया जाएगा।