{"_id":"571a574c4f1c1b4a2b8b4776","slug":"expensive-been-sowing-the-seeds-of-ginger-tenant","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगे बीज से अदरक की बुवाई करेंगे काश्तकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगे बीज से अदरक की बुवाई करेंगे काश्तकार
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 22 Apr 2016 10:24 PM IST
विज्ञापन
सूखे के चलते खाली पड़े खेत।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार काश्तकारों को अदरक की खेती के लिए फजीहत के साथ ही ज्यादा मशक्कत करनी होगी। कई जगह वे महंगे बीज से अदरक की बुवाई करने को मजबूर हो रहे हैं। अप्रैल के 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन काश्तकारों को अदरक के बीज नहीं मिल सके।
अदरक की फसल जिले की प्रमुख नकदी फसल है। करीब 304 हेक्टेयर क्षेत्र में अदरक की बुवाई होती है। पिछले साल 2349 क्विंटल अदरक का उत्पादन हुआ। सूखे की मार के बावजूद इस बार भी कई काश्तकारों ने मेहनत कर अदरक लगाने के लिए खेत तैयार किए। पर उद्यान विभाग ने अब तक अदरक का बीज उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि 15 अप्रैल से करीब एक माह तक बुवाई का आदर्श समय होता है।
कई काश्तकारों का कहना है कि बीज समय से नहीं मिलने की दिक्कत हो रही है। बाजार से प्रति क्विंटल लगभग 250 रुपये अधिक खर्च हो रहे हैं। बाजार से 55 रुपये किलो खरीदना पड़ता हैं जबकि विभाग 30 रुपये किलो अदरक का बीज देता है। इसके अलावा विभागीय बीज की प्रमाणिकता भी अधिक होती है। पिछले साल जिले को 157 क्विंटल अदरक का बीज 35.40 रुपये की दर से मिला था।
विज्ञापन
जिले के लिए 289 क्विंटल अदरक के बीज की मांग की गई है। फिलहाल बीज नहीं पहुंचा है। एक सप्ताह के भीतर बीज उपलब्ध होने की संभावना है। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर अदरक का बीज वितरित किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। हरीश तिवारी जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।
विज्ञापन
अदरक की फसल जिले की प्रमुख नकदी फसल है। करीब 304 हेक्टेयर क्षेत्र में अदरक की बुवाई होती है। पिछले साल 2349 क्विंटल अदरक का उत्पादन हुआ। सूखे की मार के बावजूद इस बार भी कई काश्तकारों ने मेहनत कर अदरक लगाने के लिए खेत तैयार किए। पर उद्यान विभाग ने अब तक अदरक का बीज उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि 15 अप्रैल से करीब एक माह तक बुवाई का आदर्श समय होता है।
विज्ञापन
कई काश्तकारों का कहना है कि बीज समय से नहीं मिलने की दिक्कत हो रही है। बाजार से प्रति क्विंटल लगभग 250 रुपये अधिक खर्च हो रहे हैं। बाजार से 55 रुपये किलो खरीदना पड़ता हैं जबकि विभाग 30 रुपये किलो अदरक का बीज देता है। इसके अलावा विभागीय बीज की प्रमाणिकता भी अधिक होती है। पिछले साल जिले को 157 क्विंटल अदरक का बीज 35.40 रुपये की दर से मिला था।
विज्ञापन
जिले के लिए 289 क्विंटल अदरक के बीज की मांग की गई है। फिलहाल बीज नहीं पहुंचा है। एक सप्ताह के भीतर बीज उपलब्ध होने की संभावना है। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर अदरक का बीज वितरित किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। हरीश तिवारी जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।