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जिले भर के स्वयं सहायता समूहों ने जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई

Tue, 05 Mar 2019 11:13 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Tue, 05 Mar 2019 11:13 PM IST
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Exhibition of biological products
स्थानीय उत्पादों का निरीक्षण करते मुख्य अतिथि चंपावत के भाजपा जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी और अन्य नेता। - फोटो : अमर उजाला

आजीविका सहयोग परियोजना की ओर से जिलास्तरीय किसान मेले का आयोजन किया गया। इसमें जिले भर के स्वयं सहायता समूहों और विभागों की ओर से प्रदर्शनी लगाकर विभिन्न जैविक उत्पादों की बिक्री की गई। किसान मेले में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया। डीएम रणवीर सिंह चौहान और भाजपा जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी ने गोरलचौड़ मैदान में लगे मेले और प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। समूहों की महिलाओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई।

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आजीविका सहयोग परियोजना के तहत जिले भर की पांच सौ से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने मेले में प्रतिभाग किया। इस दौरान मैदान में लगी प्रदर्शनी में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से उत्पादित किए गए जैविक उत्पाद, दालों, शहद, कृषि यंत्रों और फल सब्जियों की खूब बिक्री हुई। आजीविका परियोजना के उप परियोजना अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत किसानों की आय दोगुनी करने के लिए आजीविका के साधनों में बढ़ोतरी की जा रही है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी ने कहा कि किसान मेले के माध्यम से पहाड़ से लुप्त हो चुके विभिन्न जैविक उत्पादों को एक बार फिर से मंच मिला है। वहां एडीएम टीएस मर्तोलिया, जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शंकर दत्त पांडेय, गिरीश जोशी, मोहन सिंह अधिकारी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कमल रावत, अमर सिंह, नवीन सिंह, महेश राम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और किसान मौजूद रहे। संचालन राजेंद्र गहतोड़ी ने किया।
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महिलाओं को नहीं मालूम क्यों बुलाया गया है
चंपावत। गौरलचौड़ मैदान में आजीविका सहयोग परियोजना की ओर से लगाए गए जिलास्तरीय किसान मेले में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए समूहों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर भीड़ बढ़ाने के लिए कई महिलाओं को बुलवाया गया था। महिलाओं ने बताया कि उनके क्षेत्र से गाड़ी बुक की गई थी और मेले में जाने की बात कह कर बुलवाया गया था। कालाकोट बाराकोट से आयी भूम्या समूह की महिला कलावती ने बताया कि उन्हें मेला लगने की बात कहकर बुलवाया गया है। बाकी उन्हें इस दौरान क्या करना होगा इसकी जानकारी नहीं है। कालाकोट की महिला प्रेरक ममता ने बताया कि उनके क्षेत्र की 6 महिलाओं को गाड़ी बुक करवा कर लाया गया है। गोसनी खेतीखान की निर्मला महरा महाउज्ज्वला समूह से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भी मेले में शामिल होने को कहा गया और गोसनी से गाड़ी बुक कर उन्हें लाया गया है। 


गांवों का नहीं अधिकारियों का हो रहा है विकास
चंपावत। किसान मेले में आए किसानों ने ऐसे आयोजनों को महज ढकोसला बताया। काकड़ बाराकोट से आए किसान नवीन सिंह और महेश राम आदि का कहना था कि जलागम, आजीविका आदि योजनाओं से गांवों के विकास के बजाय केवल अधिकारियों का विकास हो रहा है।

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