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इंजीनियरों की हड़ताल से नए इस्टीमेटों पर ब्रेक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत/लोहाघाट
Updated Wed, 02 Dec 2015 10:11 PM IST
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उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल से नए इस्टीमेट बनने, नए टेंडरों के अलावा वित्तीय और भौतिक प्रगति प्रभावित हो रही है।
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लोहाघाट में जिलेभर के कई इंजीनियरों ने कार्य बहिष्कार किया। महासंघ के जिलाध्यक्ष मुकुल सती की अध्यक्षता एवं बीसी जोशी के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने 10 वर्ष की सेवा के बाद यूपी की तरह 5400 ग्रेड पे, एसई के ग्रेड पे 8700 रुपये किए जाने पर मुख्यमंत्री द्वारा लिखित आदेश दिए जाने के बावजूद अधिकारियों द्वारा ठंडे बस्ते में डालने पर रोष जताया। इस दौरान अनुपम राय, बीसी जोशी, डीएस परवाल, अनिल कुमार, एनके भारती, रमेश चंद्र, प्रबुद्ध शर्मा, लक्ष्मण कुमार, एमए रेहान आदि थे।
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शुरू हुआ जल निगम का कार्यबहिष्कार
चंपावत। जल निगम एवं जल संस्थान के एकीकरण और राजकीयकरण सहित कई मांगों को लेकर जल निगम के अभियंता और दूसरे कर्मी भी बुधवार से कार्यबहिष्कार पर चले गए हैं। इंजीनियर राजेश गुप्ता की अध्यक्षता में हड़ताल के बाद हुई सभा में इंजीनियर बीसी जोशी, कमलेश उप्रेती, बीएम जोशी, कलावती, बृजेश वल्दिया, हरीश चंद्र पांडेय, जगदीश जोशी, गिरीश गड़कोटी, ज्योति रावत सहित चंपावत और लोहाघाट डिवीजन के 45 से अधिक इंजीनियर और दूसरे कर्मी शामिल थे। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन का एलान किया। 6 दिसंबर तक कार्यबहिष्कार के बाद संगठन 7 दिसंबर से 14 तक तालाबंदी और 15 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल करेगा।
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