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नो मेंस लैंड में फिर अतिक्रमण का विवाद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Apr 2021 11:59 PM IST
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Encroachment dispute again in No Men's Land
टनकपुर सीमा पर नो मेंस लैंड में अतिक्रमण को लेकर वार्ता करते भारत-नेपाल के अधिकारी। - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले के दौरान नो मेंस लैंड की विवादित भूमि पर नेपाली नागरिकों द्वारा लगाई अस्थायी दुकानों से सीमा पर फिर अतिक्रमण का विवाद पैदा हुआ है। भारतीय अधिकारियों की टीम दुकानों को हटाने पहुंची, लेकिन नेपाल पुलिस और एपीएफ के कार्रवाई से इंकार करने पर उन्हें बैरंग लौटना पड़ा है। नेपाल पुलिस व एपीसी के अधिकारियों का उनका कहना था कि बुधवार को उनके जिलाधिकारी और एसपी ब्रह्मदेव भ्रमण पर आ रहे हैं। उन्हें स्थिति से अवगत करा कर उनके निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
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नेपाल की ओर से नो मेंस लैंड की विवादित भूमि पर पुलिया निर्माण के लिए खोदाई कर अतिक्रमण किए जाने विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि नेपाल के नागरिकों द्वारा विवादित भूमि में अस्थायी दुकानें लगाने से फिर नया विवाद पैदा हुआ है। पूर्णागिरि मेले के चलते नेपाली नागरिकों ने ब्रह्मदेव के शुरूआती छोर में विवादित भूमि पर करीब एक दर्जन से अधिक अस्थायी दुकानें लगाई हैं। इस पर एसएसबी ने आपत्ति जताई है। मंगलवार को नायब तहसीलदार पिंकी आर्या, मनिहारगोठ चौकी इंचार्ज तेज कुमार और एसएसबी के अधिकारी दुकानों को हटाने मौके पर पहुंचे, लेकिन नेपाल पुलिस और एपीएफ के अधिकारियों ने दुकानें हटवाने से इंकार कर दिया।
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× नेपाल सीमा का मामला एसएसबी के अधिकार क्षेत्र में है। सीमा के मामले में किसी भी विवाद पर निर्णय और कार्रवाई एसएसबी को ही करनी है। प्रशासन की ओर से एसएसबी को हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा। हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।
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मेला अवधि में हर साल लगती हैं अस्थायी दुकानें
नेपाल सीमा में नो मेंस लैंड की जिस विवादित भूमि पर अतिक्रमण का विवाद पैदा हुआ है, उस जगह नेपाल के नागरिक हर साल पूर्णागिरि मेले के दौरान अस्थायी दुकानें लगाते हैं। मेला खत्म होते ही ये दुकानें हट जाती हैं। ऐसा नहीं है कि एसएबी ने पहली पर उस जगह पर अस्थायी दुकानें लगाने पर आपत्ति जताई हो, इससे पूर्व भी एसएसबी कई बार दुकानों को हटा चुकी है।
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