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आपात चिकित्सा सेवा 108 एंबुलेंस की हड़ताल से बेहाल मरीज
Wed, 24 Apr 2019 11:15 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Wed, 24 Apr 2019 11:15 PM IST
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टैक्सियां बुक कर प्रसव पीड़िता महिलाओं को अस्पताल लाए परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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आपात चिकित्सा सेवा 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी (केकेएस) की हड़ताल ने गर्भवती महिलाओं और अन्य लोगों को मुसीबत में डाल दिया है। लोहाघाट क्षेत्र में दो गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचने के लिए न केवल धन खर्च करना पड़ा, बल्कि वाहनों को भी बदलना पड़ा। बाद में एक गर्भवती महिला ने लोहाघाट अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया।
चंपावत जिला अस्पताल से हल्द्वानी रेफर होने वाले एक केस को भी 108 नहीं मिल सकी। जिला अस्पताल के डॉक्टर रवि ने बताया कि पाटी विकासखंड निवासी एक महिला की हालत सल्फर खाने से गंभीर थी। प्राथमिक इलाज के बाद महिला को रेफर किया गया। अलबत्ता 108 नहीं मिलने से परिजन महिला को दूसरे वाहन से छह हजार रुपये खर्च कर हल्द्वानी ले गए। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि जिला अस्पताल की एंबुलेंस तो थी, मगर इसके लिए मरीज को 40 रुपये प्रति किमी के हिसाब से भुगतान करना होता है।
उधर लोहाघाट क्षेत्र में भी लोगों को 108 आपात सेवा कर्मियों की हड़ताल से दिक्कतें उठानी पड़ी। आपात सेवा को कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं मिल सकी। इसके चलते लोगों को दूसरे वाहनों से ले जाना पड़ा। लोहाघाट से 40 किमी दूर नेपाल सीमा से लगे डुंगराबोरा के कमल राम की पत्नी सावित्री को प्रसव पीड़ा हुई। उन्होंने 108 आपात सेवा को कॉल लगाई, लेकिन आपात सेवा ने वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए फोन काट दिया। कमल राम का कहना था कि विवाह का सीजन होने के कारण वाहनों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने अपनी पत्नी को दो बार गाड़ी बदलकर जैसे-तैसे लोहाघाट पहुंचाया। इस पर भी उन्हें चार हजार रुपये खर्च करने पड़े। अपराह्न बाद सावित्री ने अस्पताल में बेटे को जन्म दिया।
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इसके अलावा लोहाघाट से 14 किमी दूर खेतीखान गांव के मानर तल्ला निवासी राकेश सिंह मनराल की पत्नी बबीता को भी 108 सेवा का लाभ नहीं मिल पाया। प्रसव पीड़िता बबीता को लोहाघाट अस्पताल लाने के लिए तीन हजार रुपये खर्च करने पड़े। लोगों का कहना है कि 108 आपात सेवा कर्मियों की हड़ताल के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने पर नाराजगी जताई है।
जिला समन्वयक रजत उनियाल ने इस्तीफा दिया
चंपावत। आपात चिकित्सा सेवा 108 के जिला समन्वयक रजत उनियाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। करीब दो वर्ष से चंपावत में सेवा दे रहे उनियाल का कहना था कि उन्होंने निजी कारणों से समन्वयक के पद से इस्तीफा दिया है। इसके लिए उन्होंने पिछले सप्ताह नोटिस दिया था। बुधवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। इसी के साथ फिलहाल चंपावत जिले में 108 सेवा के जिला समन्वयक की कुर्सी भी खाली हो गई है। इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी का कहना है कि 108 सेवा के जिला समन्वयक की जल्द ही तैनाती होगी।
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चंपावत जिला अस्पताल से हल्द्वानी रेफर होने वाले एक केस को भी 108 नहीं मिल सकी। जिला अस्पताल के डॉक्टर रवि ने बताया कि पाटी विकासखंड निवासी एक महिला की हालत सल्फर खाने से गंभीर थी। प्राथमिक इलाज के बाद महिला को रेफर किया गया। अलबत्ता 108 नहीं मिलने से परिजन महिला को दूसरे वाहन से छह हजार रुपये खर्च कर हल्द्वानी ले गए। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि जिला अस्पताल की एंबुलेंस तो थी, मगर इसके लिए मरीज को 40 रुपये प्रति किमी के हिसाब से भुगतान करना होता है।
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उधर लोहाघाट क्षेत्र में भी लोगों को 108 आपात सेवा कर्मियों की हड़ताल से दिक्कतें उठानी पड़ी। आपात सेवा को कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं मिल सकी। इसके चलते लोगों को दूसरे वाहनों से ले जाना पड़ा। लोहाघाट से 40 किमी दूर नेपाल सीमा से लगे डुंगराबोरा के कमल राम की पत्नी सावित्री को प्रसव पीड़ा हुई। उन्होंने 108 आपात सेवा को कॉल लगाई, लेकिन आपात सेवा ने वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए फोन काट दिया। कमल राम का कहना था कि विवाह का सीजन होने के कारण वाहनों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने अपनी पत्नी को दो बार गाड़ी बदलकर जैसे-तैसे लोहाघाट पहुंचाया। इस पर भी उन्हें चार हजार रुपये खर्च करने पड़े। अपराह्न बाद सावित्री ने अस्पताल में बेटे को जन्म दिया।
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इसके अलावा लोहाघाट से 14 किमी दूर खेतीखान गांव के मानर तल्ला निवासी राकेश सिंह मनराल की पत्नी बबीता को भी 108 सेवा का लाभ नहीं मिल पाया। प्रसव पीड़िता बबीता को लोहाघाट अस्पताल लाने के लिए तीन हजार रुपये खर्च करने पड़े। लोगों का कहना है कि 108 आपात सेवा कर्मियों की हड़ताल के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने पर नाराजगी जताई है।
जिला समन्वयक रजत उनियाल ने इस्तीफा दिया
चंपावत। आपात चिकित्सा सेवा 108 के जिला समन्वयक रजत उनियाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। करीब दो वर्ष से चंपावत में सेवा दे रहे उनियाल का कहना था कि उन्होंने निजी कारणों से समन्वयक के पद से इस्तीफा दिया है। इसके लिए उन्होंने पिछले सप्ताह नोटिस दिया था। बुधवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। इसी के साथ फिलहाल चंपावत जिले में 108 सेवा के जिला समन्वयक की कुर्सी भी खाली हो गई है। इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी का कहना है कि 108 सेवा के जिला समन्वयक की जल्द ही तैनाती होगी।