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चौड़ामेहता के बीएसएनएल टावर का बिजली कनेक्शन कटा
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चंपावत। बिजली का बिल जमा न होने से चौड़ामेहता (रीठा साहिब) के बीएसएनएल टावर का बिजली कनेक्शन कट गया है। ऊर्जा निगम ने बकाया भुगतान होने पर ही टावर का कनेक्शन जोड़ने की बात कही है।
जिले के पहाड़ी हिस्से में बीएसएनएल के 29 टावर लगे हैं। दिसंबर 2020 में बाराकोट, पुलहिंडोला और दिगालीचौड़ के टावर का कनेक्शन कटा था। बिल जमा करने पर जनवरी के शुरू में इनका संयोजन जोड़ दिया गया था, लेकिन अब बिजली बिल न देने पर बीएसएनएल के चौड़ामेहता के टावर का कनेक्शन 20 मार्च को काट दिया गया। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि बकाया भुगतान न होने पर कनेक्शन काटा गया है।
चौड़ामेहता क्षेत्र में दो निजी मोबाइल सेवा प्रदाता भी हैं, लेकिन बीएसएनएल का कनेक्शन कटने से क्षेत्र के 900 से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। ऐसे उपभोक्ता बीएसएनएल के सिम का सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं बीएसएनएल के जेटीओ विजय बहादुर का कहना है कि बिजली बिल की राशि विवादित है। काफी समय से चौड़ामेहता टावर का बिल आईडीएफ में आ रहा था। इस वजह से ऊर्जा निगम से बिल की राशि फिर से निर्धारित करने को कहा गया है। उम्मीद जताई कि मामला सुलझने के साथ ही टावर का कनेक्शन जल्द जोड़ लिया जाएगा।
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जिले के पहाड़ी हिस्से में बीएसएनएल के 29 टावर लगे हैं। दिसंबर 2020 में बाराकोट, पुलहिंडोला और दिगालीचौड़ के टावर का कनेक्शन कटा था। बिल जमा करने पर जनवरी के शुरू में इनका संयोजन जोड़ दिया गया था, लेकिन अब बिजली बिल न देने पर बीएसएनएल के चौड़ामेहता के टावर का कनेक्शन 20 मार्च को काट दिया गया। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि बकाया भुगतान न होने पर कनेक्शन काटा गया है।
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चौड़ामेहता क्षेत्र में दो निजी मोबाइल सेवा प्रदाता भी हैं, लेकिन बीएसएनएल का कनेक्शन कटने से क्षेत्र के 900 से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। ऐसे उपभोक्ता बीएसएनएल के सिम का सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं बीएसएनएल के जेटीओ विजय बहादुर का कहना है कि बिजली बिल की राशि विवादित है। काफी समय से चौड़ामेहता टावर का बिल आईडीएफ में आ रहा था। इस वजह से ऊर्जा निगम से बिल की राशि फिर से निर्धारित करने को कहा गया है। उम्मीद जताई कि मामला सुलझने के साथ ही टावर का कनेक्शन जल्द जोड़ लिया जाएगा।
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