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ई-रवन्ने के अड़ंगे से खनिज निकासी रुकी

Thu, 16 Feb 2017 09:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत) Updated Thu, 16 Feb 2017 09:42 PM IST
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E-Rvnne hurdle of mineral extraction screeched
टनकपुर के शक्तिमान ट्रक - फोटो : अमर उजाला

टनकपुर (चंपावत)। खनिज सामग्री की खरीद-फरोख्त के लिए जिले में ई-रवन्ना सिस्टम लागू हो गया है, लेकिन वन निगम के ई-रव्वना कनेक्टिविटी से न जुड़ने के कारण शारदा से खनिज निकासी में अड़ंगा लग गया है। खनिज के खरीदार दोनों स्टोन क्रशर स्वामियों ने ई-रवन्ना कनेक्टिविटी से जुड़ने के बाद मैनुअल रवन्ने पर खनिज खरीदने से इंकार कर दिया है। ऐसे में खनिज कार्य में लगे ट्रक मालिकों, श्रमिकों की रोजी-रोटी थम गई है।

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शासन ने गत 30  अक्टूबर से राज्य के मैदानी नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून जिलों में ई-रवन्ने से खनिज की खरीद-फरोख्त नीति लागू कर दी थी और अब पर्वतीय  जिलों में भी इसे लागू किया गया है। चंपावत जिले में छह फरवरी से इस नीति पर अमल हुआ है, लेकिन डाउन स्ट्रीम में संचार कनेक्टिविटी न होने का कारण बताते हुए वन निगम ने खनन विभाग में ई-रवन्ना कनेक्टिविटी के लिए रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया है।
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निगम द्वारा मैनुअल रवन्ने पर ही खनिज की निकासी की जा रही है। क्षेत्र में खनिज कारोबार का पहिया घुमाने वाले दोनों स्टोन क्रशर भी ई-रवन्ना कनेक्टिविटी से जुड़ गए हैं, जिसके बाद उन्होंने बुधवार से वन निगम के मैनुअल रवन्ने पर खनिज सामग्री खरीदने से मना कर दिया है। इससे खनिज की निकासी थम गई है।
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शारदा स्टोन क्रशर के स्वामी अमित कुमार का कहना है कि वे ई-रवन्ने से जुड़ गए हैं। अब मैनुअल रवन्ने पर खनिज सामग्री खरीद कर ई-रवन्ने से बेच पाना असंभव है। इधर शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगी ज्याल का कहना है कि अब जब खनिज बेचने की व्यवस्था नहीं है तो वे निकासी कर खनिज कहां डालेंगे।

इस समस्या के कारण उन्हें मजबूरन खनिज निकासी रोकनी पड़ी है। यहां खनिज की खरीद-फरोख्त सिर्फ इन दो स्टोन क्रशरों पर ही निर्भर है। बताया जाता है कि पूर्व में रेलवे की पटरियों में बिछाने के लिए रेलवे विभाग शारदा का स्टोन खरीदता है, लेकिन 2012 में रेलवे द्वारा यहां का स्टोन फेल कर देने से यहां के खनन कारोबार को झटका लगा है। 


शारदा से खनिज निकासी थमने के कारण ट्रक मालिकों और श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट तो गहरा ही गया है, साथ ही सरकार को भी हर दिन 10 से 12 लाख रुपए राजस्व का भी नुकसान होगा। खनन प्रभारी हरीश ने बताया कि शारदा से हर दिन करीब तीन हजार घनमीटर खनिज की निकासी होती है, जो ई-रवन्ने के कारण रुक गई है। 
 

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