{"_id":"5ff9fbb18ebc3e2e7d6380e2","slug":"double-dilivary-in-pati-hospital-champawat-news-hld4105444170","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसाधनहीन अस्पताल का उम्दा काम: जटिल जुड़वा प्रसव कराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संसाधनहीन अस्पताल का उम्दा काम: जटिल जुड़वा प्रसव कराया
विज्ञापन
पाटी एपीएचसी में जुड़वा नवजात शिशुओं के साथ प्रसूता खुशबू।
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाटी (चंपावत)। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रहे पाटी क्षेत्र से अच्छी खबर आई है। यहां अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) के स्टाफ ने गर्भवती महिला का जटिल प्रसव कराया। प्रसूता ने दो जुड़वां स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आभाष सिंह ने बताया कि तेज दर्द होने पर पटनगांव के गोधन सिंह की गर्भवती पत्नी खुशबू (21) को शुक्रवार शाम एपीएचसी लाया गया। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और अन्य जरूरी परीक्षण की सुविधा नहीं है। गर्भवती को उच्च केंद्र रेफर करना भी मुमकिन नहीं था। खतरे के बीच स्टाफ नर्स पूजा धानिक ने प्रसव कराने का प्रयास किया। जद्दोजहद के बीच खुशबू ने शाम पौने आठ बजे दो स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। मां समेत दोनों नवजात भी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
तीन साल से उम्दा काम के लिए मिल रहा है इनाम
चंपावत। संसाधनों की कमी के बावजूद पाटी का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) स्टाफ की कार्यकुशलता के चलते बीते तीन साल से बेहतरीन काम के लिए चयनित किया गया है। इसके लिए उसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कायाकल्प योजना से हर साल दो लाख रुपये का इनाम मिल रहा है जबकि स्टाफ की कमी समेत अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और लैब परीक्षण की सुविधा नहीं है। इस अस्पताल में सिर्फ इकलौते डॉक्टर, फार्मेसिस्ट और एनएचएम की स्टाफ नर्स है। इसके बावजूद यहां सालभर में 337 प्रसव हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आभाष सिंह ने बताया कि तेज दर्द होने पर पटनगांव के गोधन सिंह की गर्भवती पत्नी खुशबू (21) को शुक्रवार शाम एपीएचसी लाया गया। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और अन्य जरूरी परीक्षण की सुविधा नहीं है। गर्भवती को उच्च केंद्र रेफर करना भी मुमकिन नहीं था। खतरे के बीच स्टाफ नर्स पूजा धानिक ने प्रसव कराने का प्रयास किया। जद्दोजहद के बीच खुशबू ने शाम पौने आठ बजे दो स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। मां समेत दोनों नवजात भी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
विज्ञापन
तीन साल से उम्दा काम के लिए मिल रहा है इनाम
चंपावत। संसाधनों की कमी के बावजूद पाटी का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) स्टाफ की कार्यकुशलता के चलते बीते तीन साल से बेहतरीन काम के लिए चयनित किया गया है। इसके लिए उसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कायाकल्प योजना से हर साल दो लाख रुपये का इनाम मिल रहा है जबकि स्टाफ की कमी समेत अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और लैब परीक्षण की सुविधा नहीं है। इस अस्पताल में सिर्फ इकलौते डॉक्टर, फार्मेसिस्ट और एनएचएम की स्टाफ नर्स है। इसके बावजूद यहां सालभर में 337 प्रसव हुए हैं।
विज्ञापन