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चंपावत में कुत्ते भी बढ़े और दहशत भी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 11:55 PM IST
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Dogs increased in Champawat
प्रतीकात्मक
चंपावत। चंपावत जिले में न केवल कुत्तों की संख्या बढ़ रही है बल्कि उनके आतंक से लोगों में दहशत भी बढ़ी है। जिले में 8654 पालतू और 2265 लावारिस कुत्ते हैं। लावारिस कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ने के बावजूद इन्हें पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं है। चार साल में कुत्ते 1317 लोगों को काटकर जख्मी कर चुके हैं। इनमें से 297 लोगों को एक साल के भीतर काटा गया है लेकिन अच्छी बात यह है कि जिले में 2017 के बाद से कुत्ते के काटने से किसी की मौत नहीं हुई है।
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पशुपालन विभाग के मुताबिक जिले में 8654 पालतू कुत्ते हैं लेकिन इनमें से 3779 को ही रेबीज के इंजेक्शन (एआरवी) लगे हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी यादव बताते हैं कि कुत्तों को हर साल 30 दिन के अंतराल में दो एआरवी लगाने होते हैं। इसके लिए सिर्फ 80 रुपये खर्च करने होते हैं। इस तरीके से कुत्तों के काटने से होने वाले खतरे कम हो जाते हैं।
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इधर सड़क में घूमने वाले कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर पालिका या किसी दूसरे विभाग की ओर से कोई इंतजाम नहीं है। पकड़े जाने पर ऐसे कुत्तों को रखने का कोई ठिकाना भी नहीं है। ईओ भूपेश प्रकाश जोशी का कहना है कि चंपावत पालिका क्षेत्र में ही करीब 440 से ज्यादा लावारिस कुत्ते हैं। सड़क पर घूमते कुत्तों का बधियाकरण जरूरी है। झुंड में घूमने वाले ये कुत्ते खासे खौफनाक होते हैं। इनके बधियाकरण के लिए बजट की जरूरत है।
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सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि जिले के अस्पतालों में कुत्ते के काटने के औसतन हर माह 27 मामले आ रहे हैं। हर साल 2100 एआरवी वायल की जरूरत होती है। इस वक्त अस्पतालों में 155 एआरवी वायल हैं।
कुत्तों के बधियाकरण के लिए 16.34 लाख मिले
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ शहर के लोगों को लावारिस कुत्तों के आतंक से शीघ्र निजात मिलने की उम्मीद है। लगातार बढ़ रही लावारिस कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए इनका बधियाकरण किया जाएगा। इसके लिए पालिका को 16.34 लाख रुपये मिल गए हैं।
पिथौरागढ़ शहर में लावारिस कुत्तों की तादाद दो हजार से अधिक है। झुंडों में घूमने वाले कुत्ते रात में खतरनाक हो जाते हैं। सड़कों या गलियों से गुजरने के दौरान पूरा झुंड लोगों पर हमला कर देता है। कुत्ते इतने खूंखार हैं कि रात में कमजोर या बीमार जानवरों पर हमला कर उनको जिंदा खा जाते हैं। नगरपालिका लंबे समय से बधियाकरण की योजना बना रही थी लेकिन बजट नहीं होने से यह कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। पिछले दिनों बैठक में इस समस्या को जानने के बाद जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने अनटाइड फंड से नगरपालिका को 16.34 लाख रुपये की राशि जारी कर दी है। ईओ नंदाबल्लभ पांडेय ने बताया कि बधियाकरण के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की गई है। शीघ्र ही बधियाकरण का काम शुरू हो जाएगा।
पिथौरागढ़ के अस्पतालों में रेबीज के पर्याप्त इंजेक्शन
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में कुत्तों के काटने के हर माह लगभग आठ से 10 मामले अस्पतालों में आते हैं। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ.केसी भट्ट ने बताया कि रेबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में हैं। जो भी इस तरह के मामले आते हैं उन्हें अस्पताल से इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाते हैं।

लावारिस पशुओं को भेजा जाएगा गोसेेवा केंद्र
पिथौरागढ़। ईओ नगरपालिका नंदाबल्लभ पांडेय ने बताया कि कई पशुपालक अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ रहे हैं। इसके चलते यातायात प्रभावित हो रहा है। राहगीरों पर भी पशु हमला कर देते हैं। पालिका नगर में घूमने वाले पशुओं को बड़ाबे गो सेवा केंद्र भेज रही है। यदि किसी ने अपने मवेशी सड़कों पर छोड़े तो उन्हें श्रीकृष्ण गोसेवा धाम भेज दिया जाएगा।
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