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Champawat News: पानी के लिए तरस रहे विस्थापित परिवार
Fri, 18 Aug 2023 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 18 Aug 2023 11:00 PM IST
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पेयजल समस्या का समाधान की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपते बाराकोट ब्लाक के भारतोली के विस्था
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के आपदा की चपेट में आए ग्राम पंचायत च्यूरानी के भारतोली तोक के विस्थापित लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पानी के लिए आपदा प्रभावित लोग कई किमी दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। आपदा प्रभावितों ने विस्थापन वाले स्थान में पानी की व्यवस्था करने की डीएम से गुहार लगाई है।
विधायक प्रतिनिधि होशियार सिंह बोहरा के नेतृत्व में आपदा प्रभावित राम सिंह, बलवंत सिंह, पुष्कर सिंह, पुष्पा देवी, कल्याण सिंह, नारायण सिंह, किशन सिंह, भवान सिंह शुक्रवार को डीएम से मिले। बताया कि करीब तीन साल पहले आई भारी आपदा से च्यूरानी के भारतोली तोक के आठ परिवार खतरे की जद में आ गए थे। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सभी पीड़ित आठ परिवारों को तड़ाग गांव में विस्थापित कर दिया था लेकिन वहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
शासन से भवनों के निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने के बाद उन्होंने मकान निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन पानी न होने से उन्हें परेशानी हो रही है। कहा कि विस्थापित स्थल से करीब 200 मीटर दूर रहने वाले नई बस्ती के 14 परिवार भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। वह वाहनों के जरिये करीब चार किमी दूर बाराकोट या 12 किमी दूर लोहाघाट से पानी मंगाने के लिए मजबूर हैं। प्रभावितों ने उन्हें निर्माणाधीन लड़ीधुरा लिफ्ट पेयजल योजना से जोड़ने की मांग की है।
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विधायक प्रतिनिधि होशियार सिंह बोहरा के नेतृत्व में आपदा प्रभावित राम सिंह, बलवंत सिंह, पुष्कर सिंह, पुष्पा देवी, कल्याण सिंह, नारायण सिंह, किशन सिंह, भवान सिंह शुक्रवार को डीएम से मिले। बताया कि करीब तीन साल पहले आई भारी आपदा से च्यूरानी के भारतोली तोक के आठ परिवार खतरे की जद में आ गए थे। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सभी पीड़ित आठ परिवारों को तड़ाग गांव में विस्थापित कर दिया था लेकिन वहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
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शासन से भवनों के निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने के बाद उन्होंने मकान निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन पानी न होने से उन्हें परेशानी हो रही है। कहा कि विस्थापित स्थल से करीब 200 मीटर दूर रहने वाले नई बस्ती के 14 परिवार भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। वह वाहनों के जरिये करीब चार किमी दूर बाराकोट या 12 किमी दूर लोहाघाट से पानी मंगाने के लिए मजबूर हैं। प्रभावितों ने उन्हें निर्माणाधीन लड़ीधुरा लिफ्ट पेयजल योजना से जोड़ने की मांग की है।
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