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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Devotees of the security hole, the incidence of rape turmoil

श्रद्धालुओं की सुरक्षा में छेद, रेप की वारदात से खलबली

Sun, 22 May 2016 10:28 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
ब्यूराे/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)। Updated Sun, 22 May 2016 10:28 PM IST
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 उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में होली के तुरंत बाद शुरू मेले में उमड़ रहे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति शासन-प्रशासन आंखें मूंदे है। दो दशक बाद पहली बार बाहरी जिलों से आने वाला फोर्स इस बार नहीं मिला। जिले के आधे-अधूरे फोर्स के भरोसे आधे से अधिक मेला अवधि गुजर गई है। अब अगले 23 दिन में जिले का फोर्स भी नाकाफी साबित हो रहा है। इससे मेला क्षेत्र में बलात्कार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे शासन-प्रशासन की पूर्णागिरि जैसे बड़े मेले की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति असंवेदनशीलता सामने आई है। धाम में बलात्कार की घटना से प्रशासन में खलबली मची है।

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मां पूर्णागिरि मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने से हर साल व्यवस्थाएं चरमराती हैं। व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन करीब एक माह पहले से ही तैयारी शुरू करता है और मेले की सुरक्षा के लिए हर साल कुमाऊं के पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर समेत सभी जिलों से फोर्स मंगाया जाता रहा है। पुलिस के ही 150 से अधिक जवान यहां तैनात रहते हैं। इस बार शुरू से ही शासन-प्रशासन लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति असंवेदनशील बना रहा। प्रशासन ने अर्द्धकुंभ हरिद्वार के चलते जहां अन्य जिलों से फोर्स नहीं मंगाया, वहीं जिले का करीब आधा फोर्स भी हरिद्वार ड्यूटी में तैनात रहा। 25 मार्च से 23 अप्रैल तक जिले के आधे फोर्स के भरोसे ही मेले की सुरक्षा व्यवस्था रही, जिसके चलते यातायात जैसी व्यवस्था भी अधिकांश समय पटरी से उतरी रही। 23 अप्रैल के बाद जिले का फोर्स लौटा तो वह भी मेले की सुरक्षा व्यवस्था में नाकाफी साबित हो रहा है।
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वर्तमान में मेले की सुरक्षा में जिले के 6 उप निरीक्षक, चार हेड कांस्टेबल, 26 सिपाही, 10 महिला सिपाही, एक प्लाटून महिला एवं एक प्लाटून पुरुष पीएसी तैनात हैं। इसमें से भी डेढ़ सेक्शन पीएसी ठुलीगाड़ तो डेढ़ सेक्शन टनकपुर में तैनात की गई है। होमगार्ड के भी मात्र 20 जवान तैनात हैं। आधे-अधूरे फोर्स के भरोसे प्रतिदिन हजारों की संख्या में उमड़ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा नहीं संभल पा रही है। दिन में भीषण गर्मी के चलते इन दिनों रात के वक्त अधिक श्रद्धालु मां के दर्शन को उमड़ रहे हैं, जिनकी सुरक्षा में प्रशासन विफल साबित हो रहा है। अलबत्ता नेपाल की संवेदनशील सीमा की सुरक्षा एसएसबी के हवाले होने से कुछ राहत है, लेकिन मेला क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा में छेद ही छेद हैं, जिनका फायदा उठाकर वारदातें होने की आशंका बनी है। रात-दिन के समय गश्त और निगरानी के लिए पर्याप्त फोर्स की आवश्यकता बनी है। बहरहाल बलात्कार की वारदात से प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। शीघ्र इस ओर ध्यान न देने पर ऐसी वारदातें बढ़ने से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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डेढ़ माह पहले ही हुई थी शादी
पीड़ित नव विवाहिता का करीब डेढ़ माह पहले 26 मार्च को ही विवाह हुआ है। रस्म के मुताबिक वह शादी के बाद मायके में रही और पति के साथ दांपत्य जीवन की शुरुआत करने से पहले मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए यहां आई थी, लेकिन मां पूर्णागिर के दर्शन से पहले ही आरोपी वन कर्मी ने उसे हवस का शिकार बना दिया।

तैनाती स्थल के बजाय सेलागाड़ वन चौकी में डेरा जमाए रहता था आरोपी
बलात्कार का आरोपी वन कर्मी अमर सिंह मां पूर्णागिरि धाम से करीब पांच किमी दूर बूम रेंज के जड़िया खाल बीट में तैनात है, लेकिन वह अपने तैनाती स्थल में न जाकर ज्यादातर सैलागाड़ वन चौकी में डेरा जमाए रहता था। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने भी कभी तैनाती स्थल में उसकी गैर मौजूदगी पर ध्यान नहीं दिया। विभाग के अधिकारी यदि इस ओर ध्यान देते तो शायद यह घटना नहीं होती।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
मां पूर्णागिरि धाम में महिलाओं की आबरू से खिलवाड़ की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मेला अवधि में ऐसी घटनाएं होती रही है, लेकिन यह पहला मामला है जो पुलिस के रिकार्ड में पंजीकृत हुआ है। बता दें कि वर्ष 2001 में मेला अवधि के दौरान ठुलीगाड़ पुलिस चौकी के पास स्थापित चिकित्सा कैंप में तैनात एक फार्मेसिस्ट ने महिला से अभद्रता की थी, लेकिन तब पुलिस ने आरोपी फार्मेसिस्ट की इस बेरहमी से पिटाई कर दी थी कि पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय समझौता करा मामले को रफा-दफा कराना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2003 में ठुलीगाड़ क्षेत्र मेें एक युवती से दुराचार का मामला प्रकाश में आया था, लेकिन तब भी पुलिस ने आनन-फानन में पीड़िता को गंतव्य को रवाना कर घटना को दबा दिया था।


महिलाओं की सुरक्षा के दिए निर्देश
मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में महिला से बलात्कार की घटना गंभीर है। पुलिस को मेला क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेषतौर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। रात के वक्त मेला क्षेत्र में गश्त बढ़ाने एवं अकेले आवाजाही कर रही महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा धर्मशालाएं और मेला क्षेत्र के दुकानदारों को उनके यहां विश्राम के लिए ठहरने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। -नरेश दुर्गापाल, मेला मजिस्ट्रेट, एसडीएम टनकपुर।

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